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सनी देओल से हारने वाले सुनील जाखड़ ने बनाई पंजाब कांग्रेस से दूरी, गतिविधियों में नहीं ले रहे हिस्सा
Fri, 14 Jun 2019 01:56 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 14 Jun 2019 01:56 AM IST
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सुनील जाखड़
- फोटो : File Photo
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लोकसभा चुनाव के बाद पंजाब कांग्रेस में जारी उठापटक पर भले ही सबकी नजरें टिकी हैं लेकिन पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ इससे पूरी तरह बेखबर दिल्ली में डटे हैं। गुरदासपुर संसदीय सीट से चुनाव हारने के बाद उन्होंने अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा पार्टी आलाकमान को भेज दिया था लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस के अन्य नेताओं की सिफारिश पर आलाकमान ने फिलहाल उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया है।
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यानी सुनील जाखड़ इस समय पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हैं लेकिन वे पार्टी की गतिविधियों से किनारा किए बैठे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच उपजे विवाद पर पार्टी आलाकमान ने प्रदेशाध्यक्ष से रिपोर्ट तलब की थी लेकिन जाखड़ ने वह रिपोर्ट भी आज तक नहीं भेजी है। उन्होंने इस विवाद को लेकर किसी तरह की कोई टिप्पणी भी नहीं की है और न ही विवाद सुलझाने में अध्यक्ष के नाते कोई भूमिका ही निभाने की कोशिश की है।
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खास बात यह भी है कि कैप्टन और सिद्धू के बीच विवाद के पहले कई मामलों के दौरान भी जाखड़ की भूमिका तटस्थ रही थी। कई मामलों में जाखड़ सीधे तौर पर सिद्धू का बचाव करते नजर आए थे। सिद्धू के पाकिस्तान दौरे के दौरान आर्मी चीफ से गले मिलने की घटना के बाद जाखड़ ने बीचबचाव करते हुए सिद्धू का साथ दिया था।
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इसके बाद भी उन्होंने कई बार सिद्धू के बयानों से उपजे विवादों को रफा-दफा करने में ही अहम भूमिका निभाई। लोकसभा चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद से जाखड़ दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। हाल में मुख्यमंत्री द्वारा चंडीगढ़ में बुलाई गई एक बैठक में हिस्सा लेने के लिए वे राजधानी पहुंचे थे लेकिन उसके बाद भी वे प्रदेश इकाई की गतिविधियों से खुद को अलग रखते हुए दिल्ली लौट गए।