बैंक में ही बीत गया संडे, लोगों ने बताया पैसे बदलने में क्या है सबसे बड़ी परेशानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रविवार की छुट्टी भी अधिकांश लोगों की बैंकों की लाइनों में गुजरी। हालांकि दोपहर बाद बैंकों में भीड़ कम होने लगी। 100 और 2000 के नोट से छुटकारा मिलने के बाद लोगों ने भी राहत की सांस ली।
दूसरी ओर शहर के कई एटीएम से दोपहर तक पैसे निकले, उसके बाद कई जगह एटीएम खाली होने से लोगों को परेशानी भी हुई। वहीं बैंक अधिकारियों के अनुसार अभी स्थिति सामान्य होने में कम से कम एक सप्ताह लगेगा।
500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद पांचवें दिन जाकर स्थिति पहले के मुकाबले थोड़ी सामान्य हुई। हालांकि रविवार को भी सुबह बैंक खुलने से पहले ही बाहर लंबी लाइनें लग गई थी, लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद भीड़ कम होनी लगी। वहीं लोगों को नोट बदलवाने और पैसे निकलवाने के लिए और दिनों के मुकाबले कम मशक्कत करनी पड़ी।
दोपहर 12 बजे तक ही रही अधिकतर बैंकों में भीड़
वहीं शहर के सभी एटीएम पर स्थिति मिलीजुली रही। जहां कैश था तो वहां कतार लगी थी और जहां कैश खाली हो गया था तो वहां से लोगों ने अन्य एटीएम की ओर रुख किया। शाम तक कई एटीएम खाली हो चुके थे।
वहीं बैंक अधिकारियों के अनुसार जहां भी एटीएम खाली होने की सूचना आ रही है, वहीं कैश लोड करवाया जा रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा सेक्टर-17 स्थित शाखा के सहायक महा प्रबंधक (एजीएम) रमेश बशेर के अनुसार रविवार को भी लोगों की अच्छी खासी भीड़ थी, लेकिन दोपहर 1 बजे तक भीड़ लगभग समाप्त हो गई थी।
दोपहर बाद बहुत कम ही लोग पहुंचे। हालांकि ब्रांच में 4 बजे तक कैश का लेन-देन हुआ। उनके अनुसार सभी एटीएम पर भी बैंक अधिकारी नजर रखे हुए हैं।