{"_id":"5de6b8208ebc3e54cc611ddc","slug":"summons-issued-to-parkash-singh-badal-and-sukhbir-badal","type":"story","status":"publish","title_hn":"होशियारपुरः प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल और दलजीत सिंह चीमा को दोबारा समन जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होशियारपुरः प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल और दलजीत सिंह चीमा को दोबारा समन जारी
Wed, 04 Dec 2019 01:04 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, होशियारपुर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, होशियारपुर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 04 Dec 2019 01:04 AM IST
विज्ञापन
प्रकाश सिंह बादल (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और महासचिव डॉ. दलजीत सिंह चीमा को एसीजेएम होशियार सिंह, मोनिका शर्मा की अदालत ने 3 दिसंबर को अदालत में पेश होने का समन जारी किया था। तीनों मंगलवार को अदालत में पेश नहीं हुए इसलिए अब 20 दिसंबर की तारीख तय की गई है।
विज्ञापन
सोशलिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलवंत सिंह खेड़ा और उनके वकील बीएस रियाड़ और हितेश पुरी ने बताया कि अदालत में करीब नौ साल पहले आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के लिए आपराधिक शिकायत दायर की गई थी जिसमें अदालती आदेश लंबित थे। अदालत ने प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल और डॉ. दलजीत सिंह चीमा को 3 दिसंबर को बतौर आरोपी निजी तौर पर अदालत में पेश होने के समन जारी किए थे।
विज्ञापन
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल और अन्य पदाधिकारियों ने पार्टी के पुराने संविधान को छुपाया, जिसमें पार्टी ने सिख सिद्धांतों का पालन करने का हलफ किया है। उनकी शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि शिअद ने भारत के चुनाव आयोग को एक गलत हलफनामा दिया कि पार्टी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक और समाजवादी मूल्यों की अवधारणा को अपना चुकी है। जबकि यह पार्टी शिरोमणि कमेटी और दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के चुनावों में भी लगातार उम्मीदवार उतारती आ रही है जो कि पूरी तरह से एक धार्मिक चुनाव है।
विज्ञापन
इसके लिए शिअद की ओर से गुरुद्वारा चुनाव आयोग को हलफनामा दिया गया था कि पार्टी सिख सिद्धांतों की धारणी है। तीनों मंगलवार को अदालत में पेश नहीं हुए इसलिए अब 20 दिसंबर को पेश होने के आदेश दिए गए हैं।