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बागी नेता सुखपाल खैरा और कंवर संधू पर बड़ी कार्रवाई, आम आदमी पार्टी से निलंबित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 04 Nov 2018 09:04 AM IST
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सुखपाल खैरा और कंवर संधू
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आम आदमी पार्टी के पंजाब में बागी नेता सुखपाल सिंह खैरा और कंवर संधू पर पार्टी ने गाज गिरा दी है। पार्टी ने शनिवार को हलका भुलत्थ से विधायक सुखपाल सिंह खैरा और हलका खरड़ के विधायक कंवर संधू को पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। पार्टी के मुख्य दफ्तर से जारी बयान में कहा गया कि सुखपाल सिंह खैरा और कंवर संधू लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और लगातार केंद्रीय और प्रदेश लीडरशिप पर शाब्दिक हमले करते रहे हैं।
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पंजाब की कोर समिति की तरफ से जारी बयान में यह भी कहा गया कि पार्टी की तरफ से अपने स्तर पर हरसंभव प्रयत्न करके दोनों नेताओं को समझाने में असफल रहने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला लिया गया है। पार्टी ने कहा कि किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जा सकती और नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना पड़ेगा।
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केजरीवाल ने कार्रवाई के दिए थे संकेत
बता दें कि, रोपड़ में एक कार्यक्रम के दौरान बागी नेता सुखपाल खैरा ने आप नेतृत्व को आठ दिन का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद ही आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने चंडीगढ़ दौरे के दौरान ही कार्रवाई के संकेत दे दिए थे।
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आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई के दोनों गुटों के बीच सुलह की उम्मीदों पर अरविंद केजरीवाल ने विराम लगा दिया था। चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बागी गुट को लेकर केजरीवाल ने कहा था कि उनकी राजनीति सुखपाल खैरा नहीं हैं। जब भी उचित समय आएगा पार्टी उन पर कार्रवाई करेगी। केजरीवाल ने पहली बार बगावत को लेकर अपना स्टैंड बिल्कुल साफ किया था। बगावत के बाद से वह कई बार पंजाब आए, लेकिन हर बार यही कह कर टाल दिया कि यह परिवार का मामला है, सुलझा लिया जाएगा। लेकिन केजरीवाल के चंडीगढ़ दौरे के तीसरे दिन ही दोनों नेताओं पर गाज गिरा दी गई।
गौरतलब है कि भुलत्थ से विधायक खैरा समेत आठ विधायकों ने पार्टी के खिलाफ झंडा बुलंद कर रखा है। खैरा को नेता प्रतिपक्ष पद से हटाने के बाद उन्होंने पार्टी को आंखें दिखा दी थीं। हालांकि दोनों गुटों की ओर से सुलह के लिए कमेटियां गठित की गई थीं, पर कोई नतीजा नहीं निकला। पार्टी ने कुछ दिन पहले पांच लोकसभा उम्मीदवार घोषित कर दिए। इसके बाद से खैरा गुट में नाराजगी और बढ़ गई। खैरा गुट ने इस पर बात करने के लिए आठ नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया था।