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चंडीगढ़: सुखना लेक, कौशल्या डैम में खतरे के निशान से ऊपर जलस्तर, पंचकूला में बहे 6 घर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:00 PM IST
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सुखना लेकर में जलस्तर
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48 घंटों से लगातार हो रही बारिश के चलते चंडीगढ़ में सुखना लेक और कौशल्या डैम में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, पंचकूला में छह घर बह गए। सोमवार को सुखना लेक का जलस्तर अलर्ट प्वाइंट 1163.50 फुट को पार गया। ऐसे में शहर में बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लेक के तीन गेटों में से दो गेट खोल दिए गए। इससे पहले वर्ष 2004 में लेक का जलस्तर 1163 फुट के करीब पहुंचा था, तब कुछ समय के लिए लेक के गेट खोले गए थे। ऐसे में 12 वर्ष बाद सुखना के गेट खेले गए हैं। जानकारों का कहना है कि अगर बारिश का यही हाल रहा तो आने वाले एक दो दिनों में किशनगढ़ और शास्त्री नगर में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
प्रशासन ने इसके लिए पहले से अलर्ट जारी कर दिया है। सुरक्षा की दृष्टि से दोनों जगहों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बता दें कि बीते तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद लेक का जलस्तर अचानक सोमवार को बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे गए। लेक के जलस्तर को मेंटेन करने के लिए दोपहर तकरीबन 12 बजे लेक के दो गेट खोल दिए गए। लेक के गेट खुलते ही तेज आवाज के साथ पानी किशनगढ़ की तरफ जाने वाले कैनाल में जाने लगा।
इन इलाकों में बाढ़ का खतरा
सुखना लेक शहर के किशनगढ़, शास्त्री नगर के हिस्सों से होकर गुजरती हुई पंचकूला के पास से होते हुए जीरकपुर में दाखिल होती है। अगर बारिश नहीं रुकी तो यहां ज्यादा पानी आने की वजह से निचले इलाकों में यह तबाही मचा सकता है। फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से शास्त्री नगर और किशनगढ़ ब्रिज पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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जरूरी हुआ तो तीसरा गेट भी खोला जाएगा
इस संदर्भ में यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद का कहना है कि लेक का जलस्तर सोमवार को अलर्ट प्वाइंट को पार कर गया। इसके चलते लेक के दो गेट खेल दिए गए हैं। अगर जरूरी हुआ तो तीसरा गेट भी खोला जाएगा।
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प्रशासन ने इसके लिए पहले से अलर्ट जारी कर दिया है। सुरक्षा की दृष्टि से दोनों जगहों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बता दें कि बीते तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद लेक का जलस्तर अचानक सोमवार को बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे गए। लेक के जलस्तर को मेंटेन करने के लिए दोपहर तकरीबन 12 बजे लेक के दो गेट खोल दिए गए। लेक के गेट खुलते ही तेज आवाज के साथ पानी किशनगढ़ की तरफ जाने वाले कैनाल में जाने लगा।
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इन इलाकों में बाढ़ का खतरा
सुखना लेक शहर के किशनगढ़, शास्त्री नगर के हिस्सों से होकर गुजरती हुई पंचकूला के पास से होते हुए जीरकपुर में दाखिल होती है। अगर बारिश नहीं रुकी तो यहां ज्यादा पानी आने की वजह से निचले इलाकों में यह तबाही मचा सकता है। फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से शास्त्री नगर और किशनगढ़ ब्रिज पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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जरूरी हुआ तो तीसरा गेट भी खोला जाएगा
इस संदर्भ में यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद का कहना है कि लेक का जलस्तर सोमवार को अलर्ट प्वाइंट को पार कर गया। इसके चलते लेक के दो गेट खेल दिए गए हैं। अगर जरूरी हुआ तो तीसरा गेट भी खोला जाएगा।
कालका-शिमला हाईवे की सड़क धंसी, बंद रहेगा
Kalka-Shimla Highway
बारिश के चलते कालका-शिमला नेशनल हाईवे अमरावती-सूरजपुर के बीच धंस गया। जैसे ही इसकी खबर प्रशासनिक अधिकारियों को मिली वह दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए एहतियातन हाईवे को वन-वे कर दिया। इससे हाईवे पर करीब पांच किलोमीटर वाहनों का लंबा जाम लग गया। जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके चलते रेल मंडल ने कालका-शिमला रेलमार्ग पर रेल परिचालन मंगलवार को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। अंबाला रेल मंडल की सीनियर डीसीएम प्रवीण गौड़ द्विवेदी ने बताया कि पहाड़ों में भारी बारिश के चलते चट्टान खिसक रही है और इस वजह से रेलमार्ग को खतरा है। इसी के चलते मंगलवार को रेलमार्ग पर मंगलवार को अस्थायी तौर पर परिचालन बंद करने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि करीब 96 किमी लंबे इस रेलमार्ग पर विभिन्न स्थानों पर चट्टान गिरने का खतरा बना रहता है।
आसमान से बरसी आफत, गिरे पेड़, टकराए वाहन
पंचकूला में तीन दिन से हो रही राहत की बारिश सोमवार को आफत में तब्दील हो गई। तेज बारिश और हवा के चलते शहर में तीन जगह पेड़ टूट कर सड़क के बीच गिर गए। इससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। वहीं, अमरटैक्स से कालका-शिमला हाईवे की तरफ जाने वाली सड़क पर एक कार डिवाइडर की रैलिंग से टकरा कर क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि जैसे ही हादसे की सूचना पुलिस को मिली वह मौके पर पहुंच गई और क्षतिग्रस्त कार को साइड में करके यातायात को सुचारु करवाया। बारिश के चलते सबसे ज्यादा परेशानी का सामना सेक्टर-19 के लोगों को हुई। सड़क पर जलभराव होने के कारण वह पिछले तीन दिनों से घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
हालांकि निगम प्रशासन ने पानी को हटाने के लिए रेलवे लाइन के पास तीन फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तैनात कर रखा है। इसके बाद भी पूरा दिन सड़क पर पानी जमा रहा। लोगों का कहना है कि पंजाब और हरियाणा सरकार के बीच छिड़ी वर्चस्व की लड़ाई के बीच वह पिस रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां से गुजरने वाले गंदे नाले के पानी को लेकर दोनों राज्यों के बीच विवाद चल रहा था। पानी आगे न जा पाने से यहां जलभराव की स्थिति बनती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है इस समस्या का तत्काल प्रभाव से निदान किया जाए।
वहीं, दूसरी ओर बारिश के चलते पार्कों की हालत दयनीय हो गई है। शहर के अधिकांश पार्कों में पानी जमा है, जिसके चलते सुबह और शाम सैर करने को आने वाले लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि एक तरफ से प्रशासन शहरवासियों को स्मार्ट सिटी का सपना दिखा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पार्कों की ये स्थिति है। पार्कों में खड़े होने की निकासी के लिए पुख्ता प्रबंध करने की जरूरत है।
इसके चलते रेल मंडल ने कालका-शिमला रेलमार्ग पर रेल परिचालन मंगलवार को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। अंबाला रेल मंडल की सीनियर डीसीएम प्रवीण गौड़ द्विवेदी ने बताया कि पहाड़ों में भारी बारिश के चलते चट्टान खिसक रही है और इस वजह से रेलमार्ग को खतरा है। इसी के चलते मंगलवार को रेलमार्ग पर मंगलवार को अस्थायी तौर पर परिचालन बंद करने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि करीब 96 किमी लंबे इस रेलमार्ग पर विभिन्न स्थानों पर चट्टान गिरने का खतरा बना रहता है।
आसमान से बरसी आफत, गिरे पेड़, टकराए वाहन
पंचकूला में तीन दिन से हो रही राहत की बारिश सोमवार को आफत में तब्दील हो गई। तेज बारिश और हवा के चलते शहर में तीन जगह पेड़ टूट कर सड़क के बीच गिर गए। इससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। वहीं, अमरटैक्स से कालका-शिमला हाईवे की तरफ जाने वाली सड़क पर एक कार डिवाइडर की रैलिंग से टकरा कर क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि जैसे ही हादसे की सूचना पुलिस को मिली वह मौके पर पहुंच गई और क्षतिग्रस्त कार को साइड में करके यातायात को सुचारु करवाया। बारिश के चलते सबसे ज्यादा परेशानी का सामना सेक्टर-19 के लोगों को हुई। सड़क पर जलभराव होने के कारण वह पिछले तीन दिनों से घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
हालांकि निगम प्रशासन ने पानी को हटाने के लिए रेलवे लाइन के पास तीन फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तैनात कर रखा है। इसके बाद भी पूरा दिन सड़क पर पानी जमा रहा। लोगों का कहना है कि पंजाब और हरियाणा सरकार के बीच छिड़ी वर्चस्व की लड़ाई के बीच वह पिस रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां से गुजरने वाले गंदे नाले के पानी को लेकर दोनों राज्यों के बीच विवाद चल रहा था। पानी आगे न जा पाने से यहां जलभराव की स्थिति बनती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है इस समस्या का तत्काल प्रभाव से निदान किया जाए।
वहीं, दूसरी ओर बारिश के चलते पार्कों की हालत दयनीय हो गई है। शहर के अधिकांश पार्कों में पानी जमा है, जिसके चलते सुबह और शाम सैर करने को आने वाले लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि एक तरफ से प्रशासन शहरवासियों को स्मार्ट सिटी का सपना दिखा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पार्कों की ये स्थिति है। पार्कों में खड़े होने की निकासी के लिए पुख्ता प्रबंध करने की जरूरत है।
कौशल्या डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
कौशल्या डैम
जानकारी के अनुसार, तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से सोमवार को कौशल्या डैम का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया। ऐसे में डैम को बचाने के लिए वहां से पानी कौशल्या नदी में छोड़ दिया गया, जिसके चलते चंडीमंदिर टोल प्लाजा के आगे पिंजौर-सूरजपुर के मध्य अमरावती एन्क्लेव के पास हाईवे की एक तरफ की सड़क के नीचे से मिट्टी बह गई। जिस वजह से सड़क धंस गई। यहां से गुजर रहे एक वाहन चालक ने मिट्टी खिसकने की जानकारी अमरावती चौकी इंचार्ज को दी। वह तत्काल मौके पर पहुंचे और सुरक्षा के मद्देनजर डिवाइडर को तोड़कर ट्रैफिक को वन-वे किया।
इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों समेत बाढ़ नियंत्रण टीम को सूचित किया। अमरावती चौकी से मिली जानकारी के मुताबिक नदी के पानी से हाईवे को नुकसान पहुंचा है। चौकी इंचार्ज ने बताया कि उन्हें करीब शाम साढ़े पांच बजे मिट्टी खिसकने की सूचना मिली। इसके बाद वह हाईवे पेट्रोलिंग पुलिस को सूचित करने के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हाईवे पर करीब एक किलोमीटर की दूरी के बीच ट्रैफिक को वन-वे किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर पुलिस टीम को तैनात कर दिया गया है।
कौशल्या डैम से छोड़ा गया 2000 क्यूसिक पानी
डैम प्रबंधन ने सोमवार दोपहर डैम से करीब दो हजार क्यूसिक पानी को कौशल्या नदी में छोड़ दिया। इससे नदी उफान पर आ गई। क्योंकि बारिश के चलते नदी में पहले से काफी पानी था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नदी में पानी का स्तर बढ़ने से उसने आसपास की मिट्टी को काटना शुरू कर दिया। यही कारण रहा कि नदी के पानी से कालका-शिमला नेशनल हाईवे सड़क धंस गई।
खतरे के निशान पर कौशल्या डैम
कौशल्या डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। जानकारी के अनुसार डैम में 4.78 मीटर पानी को स्टोर किया जा सकता है। यदि इससे ज्यादा पानी स्टोर हुआ तो डैम को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में सोमवार को डैम का जलस्तर 4.78.20 पहुंच गया। डैम प्रबंधन ने खतरे को निशान को पानी को रिलीज किया। इरीग्रेशन डिमार्टमेंट के एसडीओ दीपक ने बताया कि 20 मीटर पानी डैम में ज्यादा स्टोर था, जिसे कौशल्या डैम में छोड़ा गया है। हालांकि इससे पहले संबंधित विभाग को सूचित कर दिया गया था।
इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों समेत बाढ़ नियंत्रण टीम को सूचित किया। अमरावती चौकी से मिली जानकारी के मुताबिक नदी के पानी से हाईवे को नुकसान पहुंचा है। चौकी इंचार्ज ने बताया कि उन्हें करीब शाम साढ़े पांच बजे मिट्टी खिसकने की सूचना मिली। इसके बाद वह हाईवे पेट्रोलिंग पुलिस को सूचित करने के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हाईवे पर करीब एक किलोमीटर की दूरी के बीच ट्रैफिक को वन-वे किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर पुलिस टीम को तैनात कर दिया गया है।
कौशल्या डैम से छोड़ा गया 2000 क्यूसिक पानी
डैम प्रबंधन ने सोमवार दोपहर डैम से करीब दो हजार क्यूसिक पानी को कौशल्या नदी में छोड़ दिया। इससे नदी उफान पर आ गई। क्योंकि बारिश के चलते नदी में पहले से काफी पानी था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नदी में पानी का स्तर बढ़ने से उसने आसपास की मिट्टी को काटना शुरू कर दिया। यही कारण रहा कि नदी के पानी से कालका-शिमला नेशनल हाईवे सड़क धंस गई।
खतरे के निशान पर कौशल्या डैम
कौशल्या डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। जानकारी के अनुसार डैम में 4.78 मीटर पानी को स्टोर किया जा सकता है। यदि इससे ज्यादा पानी स्टोर हुआ तो डैम को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में सोमवार को डैम का जलस्तर 4.78.20 पहुंच गया। डैम प्रबंधन ने खतरे को निशान को पानी को रिलीज किया। इरीग्रेशन डिमार्टमेंट के एसडीओ दीपक ने बताया कि 20 मीटर पानी डैम में ज्यादा स्टोर था, जिसे कौशल्या डैम में छोड़ा गया है। हालांकि इससे पहले संबंधित विभाग को सूचित कर दिया गया था।
कौशल्या डैम में छोड़े पानी ने मचाई तबाही, छह घर बहे
कौशल्या डैम
कौशल्या बांध से छोड़े गए पानी ने तबाही मचा दी है। घग्गर नदी के तेज बहाव में रामपुर शिरडी लेबर बस्ती के करीब 6-7 घर बह गए हैं। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला रात एक बजे मौके पर पहुंचा तो वहां चीख पुकार मची थी। रात दो बजे तक अफसर हालात संभालने में जुटे थे। दूसरी ओर लोग अपनी जान माल की रक्षा करने के लिए भागदौड़ कर रहे थे। दहशत के चलते कितने ही लोगों ने अपने घर खाली कर दिए और सुरक्षित स्थान की ओर रवाना हो गए। स्थानीय पार्षद व लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले नदी के बीच में कुछ लोगों द्वारा जेसीबी चलाकर नदी के पानी का बहाव बस्ती की ओर कर दिया था।
इसके कारण लगातार हो रही बरसात और कौशल्या डैम में से छोड़े गए पानी का रुख बस्ती की तरफ हो गया। इसके चलते वहां तबाही मच गई है। लोगों में दहशत का आलम है। लोगों को अपनी जान के साथ साथ अपने घर बार की चिंता भी सता रही है। वहीं मौके पर संबंधित थाने के पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मी स्थिति को संभालने में जुटे हुए हैं और प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं।
कौशल्या डैम से सूचना मिली थी कि नदी में पानी को छोड़ा जा रहा है। इसी के मद्देनजर वह टीम के साथ अमरावती पुल पर खड़े थे। इसी दौरान देखा गया कि नदी का पानी हाईवे की सड़क की मिट्टी को काट रहा है। इसके चलते सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे को वन-वे किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से प्रभावित क्षेत्र में बैरीकेड्स कर वाहनों को रोक दिया है।
- सुखविंदर सिंह, अमरावती चौकी प्रभारी
इसके कारण लगातार हो रही बरसात और कौशल्या डैम में से छोड़े गए पानी का रुख बस्ती की तरफ हो गया। इसके चलते वहां तबाही मच गई है। लोगों में दहशत का आलम है। लोगों को अपनी जान के साथ साथ अपने घर बार की चिंता भी सता रही है। वहीं मौके पर संबंधित थाने के पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मी स्थिति को संभालने में जुटे हुए हैं और प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं।
कौशल्या डैम से सूचना मिली थी कि नदी में पानी को छोड़ा जा रहा है। इसी के मद्देनजर वह टीम के साथ अमरावती पुल पर खड़े थे। इसी दौरान देखा गया कि नदी का पानी हाईवे की सड़क की मिट्टी को काट रहा है। इसके चलते सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे को वन-वे किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से प्रभावित क्षेत्र में बैरीकेड्स कर वाहनों को रोक दिया है।
- सुखविंदर सिंह, अमरावती चौकी प्रभारी