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सुखदेव सिंह ढींढसा बोले, चापलूस सुखबीर की कुर्सी बचाना चाहते हैं, हम अकाली दल को
Sun, 12 Jan 2020 03:53 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)
संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 12 Jan 2020 03:53 PM IST
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सुखदेव सिंह ढींढसा और परमिंदर सिंह ढींढसा
- फोटो : फाइल फोटो
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अकाली दल के पूर्व महासचिव और सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा ने कहा कि पार्टी की ओर से उन्हें और उनके बेटे परमिंदर सिंह ढींढसा को नोटिस जारी करना ही उनके ‘सैद्धांतिक स्टैंड’ की पहली जीत है। रविवार को सीनियर ढींढसा ने खास बातचीत में कहा कि उनके द्वारा लगातार मांग उठाई जा रही थी कि पार्टी के अंदर लोकतांत्रिक व्यवस्था लागू हो।
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इस मांग का असर हुआ है कि पार्टी पहली बार किसी नेता को नोटिस जारी करने को विवश हुई है। इससे पहले नेताओं को सीधे ही पार्टी से बाहर कर दिया जाता रहा है। अकाली दल के निकटतम इतिहास में यह पहली बार है कि किसी को नोटिस जारी करके तय समय अवधि के भीतर जवाब भी मांगा जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर कुछ चापलूस, सुखबीर सिंह बादल की कुर्सी बचाना चाहते हैं जबकि उन्होंने अकाली दल को बचाने का बीड़ा उठाया है। इन तमाम पहलुओं को पंजाब की जनता के सामने रखा जाएगा और जनता ही इसका फैसला करेगी। ढींढसा ने कहा कि अकाली दल को उसकी परंपराओं से जोड़ने के लक्ष्य को गति दी जाएगी। उन्हें किसी पद की कोई लालसा नहीं है और न ही भविष्य में चुनाव लड़ने की इच्छा है।
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नोटिस मिलने पर तथ्यों के साथ देंगे जवाब: परमिंदर
पूर्व वित्त मंत्री और विधायक परमिंदर सिंह ढींढसा ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल द्वारा आरोप पत्र जारी करने के फैसले से साबित हो गया है कि सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा का स्टैंड बिल्कुल दुरुस्त है। 100 वर्ष पहले गठित अकाली दल के सिद्धांतों पर डटकर पहरा दिया जाएगा। पार्टी से नोटिस प्राप्त होने पर तथ्यों के साथ जवाब दिया जाएगा। जनतक तौर पर सीनियर ढींढसा और वह खुद मुद्दों को उठाकर पार्टी को मजबूत करने की बात रख रहे हैं।