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सुखबीर सिंह बादल का आरोप- कैप्टन तीन साल पहले ही केंद्र जैसे कृषि कानून कर चुके हैं पारित
Thu, 03 Dec 2020 09:54 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 03 Dec 2020 09:54 PM IST
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सुखबीर सिंह बादल। (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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सुखबीर सिंह बादल ने गुरुवार को कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तीन साल पहले राज्य विधानसभा में उन्हीं कृषि कानूनों को पारित किया था, जिन्हें केंद्र सरकार ने हाल ही में बनाया है। कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए शिअद प्रधान ने कहा कि पार्टी ने अपने 2019 के लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र में सरकारी मंडियों को भी खत्म करने का वादा किया था।
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सुखबीर ने कहा कि राहुल गांधी के अध्यक्ष रहते हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणापत्र में कहा गया था कि वह इन कानूनों को लागू करेंगे। यदि वह सत्ता में आए तो वे सभी सरकारी मंडियों को बंद कर देंगे, राज्य में केवल निजी मंडियां होंगी। इसके साथ ही चार अगस्त, 2017 को पंजाब सरकार ने पंजाब राज्य किसान और खेत मजदूर आयोग अधिनियम, 2017 को मंजूरी दी थी जो पूरी तरह से किसान विरोधी है।
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कैप्टन सरकार को किसानों के हितों को देखते हुए इस अधिनियम को भी रद्द करना चाहिए। किसानों की तुलना खालिस्तानियों से करने पर भाजपा पर हमला बोलते हुए शिअद प्रधान ने कहा कि किसानों को भाजपा से किसी भी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। भाजपा के नेता किसानों के आंदोलन को राष्ट्र विरोधी रूप देना चाहते हैं, जो अन्नदाता के साथ न्यायोचित नहीं है।
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