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सुखबीर बादल ने अदालत में पेश न होने की छूट मांगी, नोटिस जारी
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चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल से जुड़े एक मामले में जिला अदालत में एक आवेदन दायर किया गया। इसमें बादल ने अदालत में पेश न होने की छूट मांगी है। एक दिन की छूट के लिए अदालत ने मंजूरी दे दी है, लेकिन स्थायी छूट के लिए अदालत ने शिकायतकर्ता पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई पर दोनों पक्ष आवेदन पर बहस करेंगे।
सुखबीर बादल के वकील मुनीश दीवान ने आवेदन में कहा कि सुखबीर बादल के बच्चे दिल्ली में पढ़ते हैं और वहीं रहते हैं। इसके अलावा उनके पिता पंजाब के बादल गांव में रहते हैं, जिसके कारण उनका चंडीगढ़ में आना-जाना बहुत कम होता है। वहीं, वह काम के सिलसिले में पंजाब के अलग-अलग शहरों में रहते हैं। इसके अलावा जान से मारने की धमकी दिए जाने के कारण उन्हें सरकार की तरफ से जेड प्लस सिक्योरिटी मिली हुई है इसीलिए सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने अदालत से पेश न होने की छूट दी जाए। इस पर अदालत ने शिकायतकर्ता पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वकील पीआईपी सिंह ने बताया कि अगली सुनवाई पर वह प्राथमिक सबूत पेश करेंगे, जिस पर क्रॉस एग्जामिनेशन होगा। मामलेे की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
बता दें कि अदालत ने बीते मार्च महीने में सुखबीर बादल को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किए थे, जिसके बाद कोरोना के कारण मामले की सुनवाई स्थगित होती रही। शिकायतकर्ता पक्ष ने सुखबीर पर आरोप लगाए थे कि वह जानबूझकर अदालत में पेश होने से बच रहे हैं। इसके बाद अदालत ने नवंबर महीने में गैर जमानती वारंट जारी कर पेश होने के लिए निर्देश जारी किए थे। पिछली सुनवाई पर सुखबीर बादल अदालत में पेश हुए जहां पर उनकी अंतरिम जमानत याचिका को भी मंजूरी मिल गई।
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क्या है मामला
चार जनवरी 2017 को दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजिंदर पाल सिंह से मिलने उनके घर मोहाली पहुंचे थे। इस बात को लेकर सुखबीर बादल ने पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान जलालाबाद में एक बयान दिया था, जिसमें सुखबीर ने अखंड कीर्तनी जत्थे को आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा का चेहरा बताया था। इसके बाद अखंड कीर्तनी जत्थे के प्रवक्ता राजिंदर सिंह ने सेक्टर-3 थाना पुलिस में सुखबीर बादल के खिलाफ शिकायत दी थी। पुलिस ने बादल पर मानहानि का केस दर्ज किया था।
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सुखबीर बादल के वकील मुनीश दीवान ने आवेदन में कहा कि सुखबीर बादल के बच्चे दिल्ली में पढ़ते हैं और वहीं रहते हैं। इसके अलावा उनके पिता पंजाब के बादल गांव में रहते हैं, जिसके कारण उनका चंडीगढ़ में आना-जाना बहुत कम होता है। वहीं, वह काम के सिलसिले में पंजाब के अलग-अलग शहरों में रहते हैं। इसके अलावा जान से मारने की धमकी दिए जाने के कारण उन्हें सरकार की तरफ से जेड प्लस सिक्योरिटी मिली हुई है इसीलिए सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने अदालत से पेश न होने की छूट दी जाए। इस पर अदालत ने शिकायतकर्ता पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वकील पीआईपी सिंह ने बताया कि अगली सुनवाई पर वह प्राथमिक सबूत पेश करेंगे, जिस पर क्रॉस एग्जामिनेशन होगा। मामलेे की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
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बता दें कि अदालत ने बीते मार्च महीने में सुखबीर बादल को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किए थे, जिसके बाद कोरोना के कारण मामले की सुनवाई स्थगित होती रही। शिकायतकर्ता पक्ष ने सुखबीर पर आरोप लगाए थे कि वह जानबूझकर अदालत में पेश होने से बच रहे हैं। इसके बाद अदालत ने नवंबर महीने में गैर जमानती वारंट जारी कर पेश होने के लिए निर्देश जारी किए थे। पिछली सुनवाई पर सुखबीर बादल अदालत में पेश हुए जहां पर उनकी अंतरिम जमानत याचिका को भी मंजूरी मिल गई।
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क्या है मामला
चार जनवरी 2017 को दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजिंदर पाल सिंह से मिलने उनके घर मोहाली पहुंचे थे। इस बात को लेकर सुखबीर बादल ने पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान जलालाबाद में एक बयान दिया था, जिसमें सुखबीर ने अखंड कीर्तनी जत्थे को आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा का चेहरा बताया था। इसके बाद अखंड कीर्तनी जत्थे के प्रवक्ता राजिंदर सिंह ने सेक्टर-3 थाना पुलिस में सुखबीर बादल के खिलाफ शिकायत दी थी। पुलिस ने बादल पर मानहानि का केस दर्ज किया था।