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पंजाब में दो युवकों ने की सुसाइड, कर्ज और गरीबी से परेशान थे
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला/संगरूर
Updated Sat, 21 May 2016 11:58 AM IST
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पटियाला में सुसाइड करने वाले किसान का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब में आज फिर दो युवकों ने सुसाइड कर ली। एक ने जहर खाकर जीवनलीला समाप्त की, दूसरे ने फंदा लगाया। पहली घटना पटियाला की है। जिले के कस्बा डकाला के एक किसान ने लाखों रुपये के कर्ज से तंग आकर कोई जहरीली चीज निगल कर आत्महत्या कर ली। उधर पुलिस के मुताबिक किसान ने गलती से घर में रखी कीटनाशक दवा पी है। मामले में 174 की कार्रवाई कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक डकाला के किसान हरमेश सिंह (53) पुत्र दलीप सिंह के पास करीब छह एकड़ जमीन थी। खेतीबाड़ी के लिए उसने बैंकों से लाखों का लोन लिया हुआ था। जिसे उतारने के लिए उसने इस जमीन में से काफी जमीन बेच दी थी। अब किसान के पास केवल दो बीघा जमीन ही रह गई थी, लेकिन कर्ज अभी भी काफी था। सूत्रों के मुताबिक किसान पर पांच से छह लाख तक का कर्ज चढ़ा था। जिसे लेकर बैंक वाले उसे काफी तंग-परेशान कर रहे थे।
इस मानसिक तनाव की हालत में उसने कोई जहरीली चीज खाकर आत्महत्या कर ली। हरमेश सिंह का अंतिम संस्कार आज उसके गांव में कर दिया गया। किसान की तीन बेटियां व एक बेटा था। अंतिम संस्कार के मौके पर भारतीय किसान यूनियन के सुखविंदर सिंह तुलेवाल, ब्लाक सन्नौर के प्रधान रघबीर सिंह, दर्शन सिंह, जाने- माने समाज सेवक एवं डकाला के पूर्व सरपंच मदनजीत डकाला ने इस मौके पर सरकार से मांग की कि किसानों की ओर से की जा रही खुदकुशियों को रोकने के लिए उपाय किए जाएं, नहीं तो एक दिन किसानी ही खत्म हो जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक डकाला के किसान हरमेश सिंह (53) पुत्र दलीप सिंह के पास करीब छह एकड़ जमीन थी। खेतीबाड़ी के लिए उसने बैंकों से लाखों का लोन लिया हुआ था। जिसे उतारने के लिए उसने इस जमीन में से काफी जमीन बेच दी थी। अब किसान के पास केवल दो बीघा जमीन ही रह गई थी, लेकिन कर्ज अभी भी काफी था। सूत्रों के मुताबिक किसान पर पांच से छह लाख तक का कर्ज चढ़ा था। जिसे लेकर बैंक वाले उसे काफी तंग-परेशान कर रहे थे।
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इस मानसिक तनाव की हालत में उसने कोई जहरीली चीज खाकर आत्महत्या कर ली। हरमेश सिंह का अंतिम संस्कार आज उसके गांव में कर दिया गया। किसान की तीन बेटियां व एक बेटा था। अंतिम संस्कार के मौके पर भारतीय किसान यूनियन के सुखविंदर सिंह तुलेवाल, ब्लाक सन्नौर के प्रधान रघबीर सिंह, दर्शन सिंह, जाने- माने समाज सेवक एवं डकाला के पूर्व सरपंच मदनजीत डकाला ने इस मौके पर सरकार से मांग की कि किसानों की ओर से की जा रही खुदकुशियों को रोकने के लिए उपाय किए जाएं, नहीं तो एक दिन किसानी ही खत्म हो जाएगी।
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गरीबी से तंग होकर मजदूर ने लगाया फंदा
डेमो पिक: आत्म हत्या
संगरूर में आर्थिक तंगियों के चलते किसान-मजदूरों द्वारा आत्महत्याएं करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वीरवार रात गांव रामपुरा में एक मजदूर ने गरीबी से तंग आकर घर में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
जानकारी मुताबिक गांव रामपुरा का इक्कीस वर्षीय कृष्ण सिंह गरीबी के चलते मानसिक तौर पर परेशान था जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। कृष्ण सिंह के पिता भान सिंह ने बताया कि उनका पुत्र मेहनत मजदूरी करता था और कड़ी मेहनत करने के बावजूद भी गरीबी उसका पीछा नहीं छोड़ रही थी जिसकी वजह से वह परेशानी के दौर से गुजर रहा था।
इसी परेशानी के चलते वीरवार रात उसने घर में ही फंदा लगा लिया। इसका पता उन्हें सुबह चला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर धारा 174 की कार्रवाई करते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी गांव के एक नौजवान मजदूर गुरसेवक सिंह ने भी गरीबी से परेशान होकर फंदा लगा लिया था।
जानकारी मुताबिक गांव रामपुरा का इक्कीस वर्षीय कृष्ण सिंह गरीबी के चलते मानसिक तौर पर परेशान था जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। कृष्ण सिंह के पिता भान सिंह ने बताया कि उनका पुत्र मेहनत मजदूरी करता था और कड़ी मेहनत करने के बावजूद भी गरीबी उसका पीछा नहीं छोड़ रही थी जिसकी वजह से वह परेशानी के दौर से गुजर रहा था।
इसी परेशानी के चलते वीरवार रात उसने घर में ही फंदा लगा लिया। इसका पता उन्हें सुबह चला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर धारा 174 की कार्रवाई करते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी गांव के एक नौजवान मजदूर गुरसेवक सिंह ने भी गरीबी से परेशान होकर फंदा लगा लिया था।