मीठे जहर की तरह है शुगर फ्री डोज
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शुगर से बचने के लिए शुगर फ्री के रूप इस्तेमाल किए जा रहे केमिकल्स (एस्पारटेम) फिर से सवालों के घेरे में है। जीएमसीएच-32 के माइक्रोबायोलॉजी के हेड ऑफ डिपार्टमेंट प्रोफेसर जगदीश चंदर का कहना है कि ई-कोली नामक बैक्टीरिया को मोडीफाइड करके एस्पारटेम केमिकल बनाया गया है।
इसका प्रयोग शुगर के वैकल्पिक तौर पर किया जाता है। एस्पारटेम में 40 प्रतिशत एस्पारटिक एसिड, 10 प्रतिशत मिथोनाल और 50 प्रतिशत फीनेलालाइन मिश्रण होता है।
ज्यादा इस्तेमाल करने पर कैंसर का खतरा
कई जरनल में प्रकाशित स्टडीज का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि एस्पारटेम को लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर कैंसर का खतरा रहता है। इसके अलावा इनफर्टिलिटी, माइग्रेन, आटिज्म सहित कई बीमारियां होने की संभावना बनी रहती है।
इन दिनों एस्पारटेम का कई खाद्य पदार्थों में धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि इसका प्रयोग नहीं रोका गया तो आने वाले समय में इसके काफी बुरे परिणाम सामने आ सकते हैं।
प्रोफेसर चंदर ने बताया कि दुकानों पर बेचे जा रहे च्वइंगम, कैंडी, डाइट कोल्ड ड्रिंक, दही व अन्य चीजों में एस्पारटेम का इस्तेमाल किया जाता है। अब तो कई हलवाई भी शुगर फ्री मिठाइयां बेचने लगे हैं।
इसमें भी इसी केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रो. चंदर ने बताया कि हाल में इसका नाम बदल कर इसे एमिनो स्वीट कर दिया गया है।
डायबिटिक एसोसिएशन भी जता चुकी है संदेह
साल 2007 में जरनल ऑफ डायबिटिक एसोसिएशन ने भी एस्पारटेम पर एक लेख प्रकाशित किया था। इसमें बताया गया था कि अब तक एस्पारटेम के बारे में कोई ऐसी रिपोर्ट नहीं आई है, जिससे पता चले कि वह स्वास्थ्य के लिए खतरा है या फिर फायदेमंद।
जब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकलता है, तब तक इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इस आर्टिकल ने एस्पारटेम पर चल रहे सभी शोधों का हवाला दिया था। आर्टिकल के मुताबिक दुनिया के 1200 प्रोडक्ट में इस केमिकल का प्रयोग किया जा रहा है।
यूएस की एजेंसी ने बताया था सेफ
कुछ एजेंसी एस्पारटेम के पक्ष में हैं। यूरेपियन फूड सेफ्ट अथॉरिटी ने साल 2009 में एक रिपोर्ट पेश की थी। इसके मुताबिक ऐसा कोई भी सुबूत नहीं मिला है, जिससे साबित हो सके कि एस्पारटेम के प्रयोग से ह्यूमन बॉडी को नुकसान पहुंच रहा है।
साल 2007 में फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन ने भी कुछ इस तरह की रिपोर्ट पेश की थी। अमेरिकन कैंसर सोसायटी भी एस्पारटेम के नुकसान को कोरी अफवाह बता चुका है।