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लोकसभा चुनाव 2019 से पहले 'आप' में छोटेपुर की वापसी तय, सम्मानजनक फार्मूले पर मंथन
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 01 Oct 2018 12:42 PM IST
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Sucha Singh Chhotepur
- फोटो : amar ujala
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आम आदमी पार्टी के पूर्व सूबा कन्वीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर की पार्टी में वापसी तय हो गई है। दोनों ही पक्ष पूरी तरह राजी हैं। बस, सिर्फ वापसी के एक सम्मानजनक फॉर्मूले पर मंथन किया जा रहा है। कुछ दिन पहले ही आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने छोटेपुर और सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी को वापस लाने के लिए पंजाब इकाई को निर्देश दिए थे। जिसके बाद सांसद संजय सिंह ने डॉ. गांधी के घर जाकर उनसे बातचीत की थी।
जबकि, पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने छोटेपुर जाकर उनसे बातचीत की थी। उस मीटिंग में छोटेपुर ने स्पष्ट कर दिया था कि वह अभी तक यह नहीं भूले हैं कि किस तरह उन्हें वॉलंटियर्स से पैसे लेने का झूठा आरोप लगा कर सूबा कन्वीनर पद से हटाया गया था। उनका इशारा था कि इसके लिए पार्टी स्तर पर माफी मांगी जानी चाहिए और उस साजिश के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। उसके बाद सारी पार्टी इलेक्शन मोड में चली गई।
जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव के चलते सभी नेता अपने हलकों में चले गए। चुनाव निपटने के बाद छोटेपुर को लाने की कवायद फिर शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने इसके लिए अपने विधायक दल के नेता हरपाल चीमा और बलजिंदर कौर की ड्यूटी लगाई है। पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भी चंडीगढ़ दौरे के समय छोटेपुर से बातचीत आगे बढ़ाने के हरी झंडी दी थी। जिसके बाद चीमा और बलजिंदर कौर ने एक बार फिर छोटेपुर से मुलाकात की।
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उधर, सूत्रों के अनुसार छोटेपुर के करीबी लोगों के साथ-साथ उनकी आपणा पंजाब पार्टी के लोगों ने भी इस बात पर सहमति जता दी है कि उन्हें आप में शामिल होना चाहिए। आप पहले ही उन्हें लाने की पहल कर रही है, दोनों पक्ष ही इस बात पर राजी हैं। अब वापसी के सम्मानजनक फॉर्मूले पर मंथन किया जा रहा है। अगर छोटेपुर साधारण तरीके से वापस आते हैं तो यह उनकी गरिमा के खिलाफ होगा। वापसी के लिए कम से कम यह शर्त जरूर होगी कि उनके साथ जो हुआ, उसके लिए पार्टी का शीर्ष नेतत्व गलती स्वीकार करे।
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जबकि, पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने छोटेपुर जाकर उनसे बातचीत की थी। उस मीटिंग में छोटेपुर ने स्पष्ट कर दिया था कि वह अभी तक यह नहीं भूले हैं कि किस तरह उन्हें वॉलंटियर्स से पैसे लेने का झूठा आरोप लगा कर सूबा कन्वीनर पद से हटाया गया था। उनका इशारा था कि इसके लिए पार्टी स्तर पर माफी मांगी जानी चाहिए और उस साजिश के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। उसके बाद सारी पार्टी इलेक्शन मोड में चली गई।
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जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव के चलते सभी नेता अपने हलकों में चले गए। चुनाव निपटने के बाद छोटेपुर को लाने की कवायद फिर शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने इसके लिए अपने विधायक दल के नेता हरपाल चीमा और बलजिंदर कौर की ड्यूटी लगाई है। पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भी चंडीगढ़ दौरे के समय छोटेपुर से बातचीत आगे बढ़ाने के हरी झंडी दी थी। जिसके बाद चीमा और बलजिंदर कौर ने एक बार फिर छोटेपुर से मुलाकात की।
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उधर, सूत्रों के अनुसार छोटेपुर के करीबी लोगों के साथ-साथ उनकी आपणा पंजाब पार्टी के लोगों ने भी इस बात पर सहमति जता दी है कि उन्हें आप में शामिल होना चाहिए। आप पहले ही उन्हें लाने की पहल कर रही है, दोनों पक्ष ही इस बात पर राजी हैं। अब वापसी के सम्मानजनक फॉर्मूले पर मंथन किया जा रहा है। अगर छोटेपुर साधारण तरीके से वापस आते हैं तो यह उनकी गरिमा के खिलाफ होगा। वापसी के लिए कम से कम यह शर्त जरूर होगी कि उनके साथ जो हुआ, उसके लिए पार्टी का शीर्ष नेतत्व गलती स्वीकार करे।
खैरा के मुकाबले लहर बनाएगी आप
कुछ समय पहले सुखपाल खैरा की अगुवाई में आठ विधायकों ने पार्टी के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद कर पंजाब इकाई को स्वायत्तता की मांग की थी। खैरा गुट को एनआरआईज और पंजाब के वॉलंटियर्स का काफी समर्थन मिला। देखते ही देखते एकाएक खैरा गुट के समर्थन में एक लहर बन गई। उनकी कन्वेंशन में काफी भीड़ जुटने लगी।
आम आदमी पार्टी अब सुच्चा सिंह छोटेपुर और डॉ. धर्मवीर गांधी को वापस लाकर खैरा गुट के मुकाबले एक लहर बनाने की तैयारी में है। दोनों नेताओं के आने से निचले स्तर तक वॉलंटियर्स में सेदेश जाएगा कि पुराने नेता वापस आ रहे हैं। छोटेपुर के साथ आप के वॉलंटियर्स में सहानुभूति की भावना का भी पार्टी को फायदा मिलेगा।
चार को होगा बागियों पर फैसला
आम आदमी पार्टी की अनुशासनात्मक कमेटी की बैठक चार अक्तूबर को होगी। जिसमें पार्टी से बगावत करने वाले सुखपाल खैरा गुट के बारे में मंथन किया जाएगा। खैरा के साथ सात विधायक हैं, जिनमें से जय किशन रोड़ी पार्टी के कार्यक्त्रस्मों में भी शामिल होते हैं। आप सूत्रों के मुताबिक हाईकमान किसी भी हालत में खैरा और कंवर संधू को वापस लेने को तैयार नहीं है।
पार्टी नेताओं से कहा गया है कि बाकी छह विधायकों के लगातार संपर्क में रहें और उन्हें वापस लाने के प्रयास करते रहें। चार की बैठक में कमेटी बागियों को नोटिस भेजने पर विचार कर सकती है।
आम आदमी पार्टी अब सुच्चा सिंह छोटेपुर और डॉ. धर्मवीर गांधी को वापस लाकर खैरा गुट के मुकाबले एक लहर बनाने की तैयारी में है। दोनों नेताओं के आने से निचले स्तर तक वॉलंटियर्स में सेदेश जाएगा कि पुराने नेता वापस आ रहे हैं। छोटेपुर के साथ आप के वॉलंटियर्स में सहानुभूति की भावना का भी पार्टी को फायदा मिलेगा।
चार को होगा बागियों पर फैसला
आम आदमी पार्टी की अनुशासनात्मक कमेटी की बैठक चार अक्तूबर को होगी। जिसमें पार्टी से बगावत करने वाले सुखपाल खैरा गुट के बारे में मंथन किया जाएगा। खैरा के साथ सात विधायक हैं, जिनमें से जय किशन रोड़ी पार्टी के कार्यक्त्रस्मों में भी शामिल होते हैं। आप सूत्रों के मुताबिक हाईकमान किसी भी हालत में खैरा और कंवर संधू को वापस लेने को तैयार नहीं है।
पार्टी नेताओं से कहा गया है कि बाकी छह विधायकों के लगातार संपर्क में रहें और उन्हें वापस लाने के प्रयास करते रहें। चार की बैठक में कमेटी बागियों को नोटिस भेजने पर विचार कर सकती है।