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EXCLUSIVE: छोटेपुर ने लगाए 5 बड़े आरोप, कैसे बदले केजरीवाल?
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर
Updated Fri, 09 Sep 2016 09:14 AM IST
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सुच्चा सिंह छोटेपुर का स्पेशल इंटरव्यू
- फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब में आम आदमी पार्टी का जनाधार देने का दावा करने वाले सुच्चा सिंह छोटेपुर ने खास इंटरव्यू में खोला केजरीवाल का सच। पंजाब में परिवर्तन यात्रा के दौरान जालंधर में छोटेपुर ने सर्किट हाउस में अमर उजाला संवाददाता से खास बातचीत की। इस दौरान उनके साथ किए सवाल जवाब के कुछ अंश।
सवाल : आपने आम आदमी पार्टी के लिए कड़ी मेहनत की है, फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि सब कुछ उलट पुलट हो गया?
जवाब : देखो आम आदमी पार्टी की मैं उन बैठकों में जाता रहा, जहां पर 10-10 वर्कर आते थे। ढाई साल कड़ी मेहनत की, लेकिन अचानक केजरीवाल ने 52 लोगों की टीम सूबे में भेज दी। इससे पंजाब दो गुटों में बंटने लगा। पंजाबी लोगों को यह संदेश दिया गया कि अब पंजाब में उनकी बात बाहरी प्रदेशों से आए नेता सुनेंगे।
दुर्गेश पाठक व संजय सिंह और उनकी टीम के नेताओं ने पंजाबी लोगों को अपना नौकर तक बना लिया। पंजाबियों को बुरी तरह से बेइज्जत किया जाने लगा। यहां लोगों को यह संदेश दे दिया गया था कि दिल्ली दरबार की चाकरी करने वालों को ही फल मिलेगा, बस यहीं से पार्टी टूटनी शुरू हो गई।
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सवाल : आपने आम आदमी पार्टी के लिए कड़ी मेहनत की है, फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि सब कुछ उलट पुलट हो गया?
जवाब : देखो आम आदमी पार्टी की मैं उन बैठकों में जाता रहा, जहां पर 10-10 वर्कर आते थे। ढाई साल कड़ी मेहनत की, लेकिन अचानक केजरीवाल ने 52 लोगों की टीम सूबे में भेज दी। इससे पंजाब दो गुटों में बंटने लगा। पंजाबी लोगों को यह संदेश दिया गया कि अब पंजाब में उनकी बात बाहरी प्रदेशों से आए नेता सुनेंगे।
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दुर्गेश पाठक व संजय सिंह और उनकी टीम के नेताओं ने पंजाबी लोगों को अपना नौकर तक बना लिया। पंजाबियों को बुरी तरह से बेइज्जत किया जाने लगा। यहां लोगों को यह संदेश दे दिया गया था कि दिल्ली दरबार की चाकरी करने वालों को ही फल मिलेगा, बस यहीं से पार्टी टूटनी शुरू हो गई।
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सुच्चा सिंह छोटेपुर का स्पेशल इंटरव्यू
- फोटो : फाइल फोटो
सवाल : केजरीवाल से क्या नाराजगी हुई, आपने उनको अपनी दास्तां नहीं सुनाई?
जवाब : केजरीवाल को पंजाब की हकीकत कई बार समझाने की कोशिश की, हर बार उन्होंने कहा कि मेरा पीए आपसे बात करेगा और समय देगा, लेकिन मुझे छह माह तक मिलने का वक्त नहीं दिया।
श्री दरबार साहिब में जब केजरीवाल बर्तन मांजने के लिए आए थे तो वापस एयरपोर्ट जाते वक्त भंडारी पुल के पास केजरीवाल ने मेरे से बात की। हम दोनों एक ही गाड़ी में थे। केजरीवाल ने कहा कि आपने यूथ का मैनिफेस्टो देखा नहीं? मैंने कहा कि यह दिल्ली से बनकर आया है, दुर्गेश पाठक ने तैयार करवाया है, मुझे तो इसका पता तक नहीं है।
केजरीवाल बोले कि मीडिया को मना क्यों किया कि मुझे मैनिफेस्टो के बारे पता नहीं वहां पर झूठ बोल देते? सुच्चा सिंह बोले कि अगर मैं झूठ बोलता तो मुझे सिख भाईचारे से निकाल दिया जाता। इस पर केजरीवाल ने कहा कि अगर सिखी से निकाल दिए जाते तो क्या होता? अमृतसर की पवित्र धरती थी, एयरपोर्ट पर पहुंचकर केजरीवाल से बात तक नहीं की, उनका मुंह उधर था मेरा इधर। यहीं से खटास शुरू हुई
जवाब : केजरीवाल को पंजाब की हकीकत कई बार समझाने की कोशिश की, हर बार उन्होंने कहा कि मेरा पीए आपसे बात करेगा और समय देगा, लेकिन मुझे छह माह तक मिलने का वक्त नहीं दिया।
श्री दरबार साहिब में जब केजरीवाल बर्तन मांजने के लिए आए थे तो वापस एयरपोर्ट जाते वक्त भंडारी पुल के पास केजरीवाल ने मेरे से बात की। हम दोनों एक ही गाड़ी में थे। केजरीवाल ने कहा कि आपने यूथ का मैनिफेस्टो देखा नहीं? मैंने कहा कि यह दिल्ली से बनकर आया है, दुर्गेश पाठक ने तैयार करवाया है, मुझे तो इसका पता तक नहीं है।
केजरीवाल बोले कि मीडिया को मना क्यों किया कि मुझे मैनिफेस्टो के बारे पता नहीं वहां पर झूठ बोल देते? सुच्चा सिंह बोले कि अगर मैं झूठ बोलता तो मुझे सिख भाईचारे से निकाल दिया जाता। इस पर केजरीवाल ने कहा कि अगर सिखी से निकाल दिए जाते तो क्या होता? अमृतसर की पवित्र धरती थी, एयरपोर्ट पर पहुंचकर केजरीवाल से बात तक नहीं की, उनका मुंह उधर था मेरा इधर। यहीं से खटास शुरू हुई
सुच्चा सिंह छोटेपुर का स्पेशल इंटरव्यू
- फोटो : फाइल फोटो
सवाल : दिल्ली में मंत्री संदीप की सीडी के बाद वहां के विधायक ने पंजाब की लड़कियों के यौन शोषण की बात उजागर की है, इस बारे में क्या सोचते हैं?
जवाब : देखो यह बाहर से जो लोग आए हैं, यह अय्याश हैं। इनको यहां तीन लग्जरी गाड़ियां जालंधर से टिकट लेने वाले एक व्यक्ति ने गिफ्ट की हैं। मुर्गे, शराब इनका शौक हैं और लड़कियों के बारे में बातें पहले भी सुनने को मिलती थी। लेकिन अगर कोई पंजाब या दिल्ली की बेटी यौन शोषण के मामले में खुलकर सामने आती है तो सुच्चा सिंह उसकी मदद करेगा, चाहे जान क्यों न चली जाए।
जवाब : देखो यह बाहर से जो लोग आए हैं, यह अय्याश हैं। इनको यहां तीन लग्जरी गाड़ियां जालंधर से टिकट लेने वाले एक व्यक्ति ने गिफ्ट की हैं। मुर्गे, शराब इनका शौक हैं और लड़कियों के बारे में बातें पहले भी सुनने को मिलती थी। लेकिन अगर कोई पंजाब या दिल्ली की बेटी यौन शोषण के मामले में खुलकर सामने आती है तो सुच्चा सिंह उसकी मदद करेगा, चाहे जान क्यों न चली जाए।
सुच्चा सिंह छोटेपुर का स्पेशल इंटरव्यू
- फोटो : फाइल फोटो
सवाल : आप के नेता दुर्गेश व संजय से मुलाकात के समय मोबाइल बाहर रखवा लिए जाते हैं, आप क्या कहते हैं?
जवाब : देखो मैं सच्चा हूं, चाहे स्टिंग कैमरा ले आओ या मोबाइल मुझे कोई फर्क नहीं है। अगर इन लोगों को कोई डर नहीं है, काम पारदर्शिता वाला है तो वालंटियरों के मोबाइल बाहर न रखवाएं, उनकी तलाशी न करवाएं। हिम्मत है तो सब कुछ ओपन करना चाहिए।
जवाब : देखो मैं सच्चा हूं, चाहे स्टिंग कैमरा ले आओ या मोबाइल मुझे कोई फर्क नहीं है। अगर इन लोगों को कोई डर नहीं है, काम पारदर्शिता वाला है तो वालंटियरों के मोबाइल बाहर न रखवाएं, उनकी तलाशी न करवाएं। हिम्मत है तो सब कुछ ओपन करना चाहिए।
सुच्चा सिंह छोटेपुर
- फोटो : फाइल फोटो
सवाल : पंजाब की जनता आपकी ओर देख रही है, भावी राजनीति क्या है ?
जवाब : मेरा सियासी कत्ल करने की कोशिश की गई, लेकिन मुझे वालंटियरों ने बचा लिया। मेरा दोबारा जन्म हुआ है। मैं 16 सितंबर तक वालंटियरों की सुन रहा हूं। अभी पंजाब में काफी हनेरी चलनी है, काफी कुछ सामने आने वाला है। यहां वालंटियरों के पास काफी कुछ है। रही बात भावी राजनीति की तो यह फैसला 16 सितंबर के बाद ही लिया जाएगा। अभी कई जिलों में जाकर रैलियां करनी हैं।
जवाब : मेरा सियासी कत्ल करने की कोशिश की गई, लेकिन मुझे वालंटियरों ने बचा लिया। मेरा दोबारा जन्म हुआ है। मैं 16 सितंबर तक वालंटियरों की सुन रहा हूं। अभी पंजाब में काफी हनेरी चलनी है, काफी कुछ सामने आने वाला है। यहां वालंटियरों के पास काफी कुछ है। रही बात भावी राजनीति की तो यह फैसला 16 सितंबर के बाद ही लिया जाएगा। अभी कई जिलों में जाकर रैलियां करनी हैं।
सुच्चा सिंह छोटेपुर की प्रेस कांफ्रेंस
- फोटो : अमर उजाला
सवाल : जगमीत बराड़ के बारे में क्या कहना है, उन्होंने आप को समर्थन दिया है?
जवाब : पूर्व सांसद जगमीत बराड़ के बारे में मैंने खुद केजरीवाल से दिल्ली में बात की थी तो उन्होंने साफ कहा था कि इसको नहीं लेना है। अब डैमेज कंट्रोल किया जा रहा है, लेकिन दिल्ली वालों ने सब उजाड़ दिया और लूट लिया, अब कुछ भी कंट्रोल नहीं हो सकता। जगमीत को पार्टी पहले भगा रही थी, अब उसको जफ्फी डाल रही है।
जवाब : पूर्व सांसद जगमीत बराड़ के बारे में मैंने खुद केजरीवाल से दिल्ली में बात की थी तो उन्होंने साफ कहा था कि इसको नहीं लेना है। अब डैमेज कंट्रोल किया जा रहा है, लेकिन दिल्ली वालों ने सब उजाड़ दिया और लूट लिया, अब कुछ भी कंट्रोल नहीं हो सकता। जगमीत को पार्टी पहले भगा रही थी, अब उसको जफ्फी डाल रही है।