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बेमिसालः मिलिए 'एंबुलेंस मैन' से, जो करते हैं एक ऐसा काम, मिला इंडिया स्टार पर्सनैलिटी अवार्ड
Sun, 10 Feb 2019 11:07 AM IST
खुशबू गोयल
संजीव पंगोत्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
संजीव पंगोत्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 10 Feb 2019 11:07 AM IST
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प्रिंस मेहरा
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'एंबुलेंस मैन' प्रिंस मेहरा को इंडिया स्टार पर्सनैलिटी अवार्ड 2019 से नवाजा गया है। वह 20 वर्षों से वन्य जीव रक्षा समेत समाज सेवा के कार्यों से जुड़े हैं। इन्हें चंडीगढ़ में एंबुलेंस मैन के नाम से भी जाना जाता है। वह शहर में घायल परिंदों को नई जिंदगी देते हैं। वह अपनी साइकिल को एंबुलेंस के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
इसी से घायल परिंदों को उपचार के लिए सोसाइटी फॉर द प्रीवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनिमल्स (एसपीसीए) सेक्टर-38 तक पहुंचाने का काम करते हैं। वह दम तोड़ चुके पक्षियों का नियमों अनुसार संस्कार भी करते हैं। वह आजतक 1100 से अधिक परिंदों का इलाज करवाकर उन्हें नई जिंदगी दे चुके हैं। वहीं 600 से अधिक पक्षियों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। उन्हें पक्षियों की सेवा, साइक्लिंग, ग्रीनरी को बढ़ावा देने के लिए अब तक 11 अन्य रिकार्ड बुक में शामिल किया जा चुका है।
स्टेट अवार्ड भी मिला
पक्षियों की सेवा करने के लिए प्रिंस मेहरा हर दम आगे रहते हैं। सिटी में जहां भी कहीं घायल पक्षी मिलता है तो लोग प्रिंस मेहरा के दिए गए नंबर पर कॉल करते हैं। इसके बाद शुरू होता है प्रिंस मेहरा का काम। वह अपनी बर्ड एंबुलेंस साइकिल पर सवार होकर निकल पड़ते हैं और घायल पक्षियों को एसपीसीए पहुंचाते हैं। जहां उन्हें उपचार करवाकर स्वस्थ करवाते हैं। इसके साथ ही साइक्लिंग, पर्यावरण को लेकर भी काम करते हैं। इसके लिए उन्हें स्टेट अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
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परिवार करता है सहयोग
प्रिंस मेहरा ने बताया कि जब उन्होंने पक्षियों की सेवा करनी शुरू की थी तो घायल परिंदों को घर ले आते थे। वहीं पर उनका उपचार करते थे। इसमें परिवार वाले भी काफी सहयोग करते थे। आज जब भी उनका नाम रिकार्ड्स में दर्ज होता है तो वह अपने आपको काफी गौरवान्वित महसूस करते हैं।
कराते हैं हवन
प्रिंस मेहरा ने इसी महीने के शुरू में पक्षियों के स्वस्थ रहने के लिए अपने घर पर हवन भी करवाया था। वह हर साल परिंदों के लिए इस तरह का हवन करवाते हैं। इसमें परिवार और उनके रिश्तेदार भी शामिल होते हैं।
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इसी से घायल परिंदों को उपचार के लिए सोसाइटी फॉर द प्रीवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनिमल्स (एसपीसीए) सेक्टर-38 तक पहुंचाने का काम करते हैं। वह दम तोड़ चुके पक्षियों का नियमों अनुसार संस्कार भी करते हैं। वह आजतक 1100 से अधिक परिंदों का इलाज करवाकर उन्हें नई जिंदगी दे चुके हैं। वहीं 600 से अधिक पक्षियों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। उन्हें पक्षियों की सेवा, साइक्लिंग, ग्रीनरी को बढ़ावा देने के लिए अब तक 11 अन्य रिकार्ड बुक में शामिल किया जा चुका है।
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स्टेट अवार्ड भी मिला
पक्षियों की सेवा करने के लिए प्रिंस मेहरा हर दम आगे रहते हैं। सिटी में जहां भी कहीं घायल पक्षी मिलता है तो लोग प्रिंस मेहरा के दिए गए नंबर पर कॉल करते हैं। इसके बाद शुरू होता है प्रिंस मेहरा का काम। वह अपनी बर्ड एंबुलेंस साइकिल पर सवार होकर निकल पड़ते हैं और घायल पक्षियों को एसपीसीए पहुंचाते हैं। जहां उन्हें उपचार करवाकर स्वस्थ करवाते हैं। इसके साथ ही साइक्लिंग, पर्यावरण को लेकर भी काम करते हैं। इसके लिए उन्हें स्टेट अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
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परिवार करता है सहयोग
प्रिंस मेहरा ने बताया कि जब उन्होंने पक्षियों की सेवा करनी शुरू की थी तो घायल परिंदों को घर ले आते थे। वहीं पर उनका उपचार करते थे। इसमें परिवार वाले भी काफी सहयोग करते थे। आज जब भी उनका नाम रिकार्ड्स में दर्ज होता है तो वह अपने आपको काफी गौरवान्वित महसूस करते हैं।
कराते हैं हवन
प्रिंस मेहरा ने इसी महीने के शुरू में पक्षियों के स्वस्थ रहने के लिए अपने घर पर हवन भी करवाया था। वह हर साल परिंदों के लिए इस तरह का हवन करवाते हैं। इसमें परिवार और उनके रिश्तेदार भी शामिल होते हैं।