स्टडी टूरः अब नए विवाद में फंसे अरूण सूद
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नगर निगम सदन में कांग्रेस पार्षद प्रदीप छाबड़ा पर पर्सनल अटैक करना अरुण सूद को महंगा साबित हो सकता है। भाजपा के अपने पार्षद ही सूद की इस बात के लिए निंदा कर रहे हैं। भाजपा पार्षद राजिंदर कौर रत्तू ने कहा कि कि इस बैठक में जो भी हुआ वह नैतिक रूप से सही नहीं था।
सूद को राजनीतिक मुद्दों के बीच बच्चों को नहीं लाना चाहिए था। हम सब जनता के चुने हुए नुमाइंदे हैं और हाउस में इस तरह पेश आने से लोगों में उनकी छवि खराब होती है। इससे अच्छा तो अनपढ़ या कम पढ़े-लिखे लोग हैं जो कम से कम मर्यादा में रहकर तो बात करते हैं।
छाबड़ा को शांत करवाने उठे भाजपाई
सूद के खिलाफ भाजपा पार्षदों की निंदा हाउस मीटिंग में ही उजागर हो गई। पर्सनल अटैक के बाद जब छाबड़ा और सूद में बहस हो रही थी तब भाजपा के ज्यादातर पार्षद सूद की बजाय छाबड़ा को शांत करवाने के लिए उठे थे। मनोनीत पार्षदों ने भी इस बात के लिए सूद की निंदा की है।
कोट
मेरी कोई इंटेशन नहीं थी किसी पर पर्सनल अटैक करने की। कांग्रेस के पार्षद झूठ बोल रहे थे तो मैंने ऐसा कहा।
- अरुण सूद, भाजपा पार्षद
छाबड़ा-सूद में हुआ जबरदस्त टकराव
नगर निगम सदन की मंगलवार को हुई बैठक बेहद हंगामेदार रही। स्टडी टूर के मुद्दे पर कांग्रेस पार्षद प्रदीप छाबड़ा और भाजपा पार्षद अरुण सूद के बीच जबरदस्त टकराव हुआ। हंगामा इतना बढ़ गया कि हाउस में मौजूद सभी पार्षदों को मिलकर दोनों को शांत करवाना पड़ा।
हंगामे की शुरुआत तब हुई जब सूद ने छाबड़ा को कहा कि वे अपने बच्चों को कसम खाकर कहें कि वे टूर को अरेंज करने वाली मीटिंग में शामिल नहीं थे। इस पर छाबड़ा आग-बबूला हो गए और उन्होंने सूद पर एक के बाद एक कई आरोप लगाने शुरू कर दिए। छाबड़ा ने सूद पर स्टडी टूर में रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने और जाली वोटें बनवाने के आरोप भी लगाए। जिस वक्त यह हंगामा शुरू हुआ, तब छाबड़ा टूर के मुद्दे पर अपना पक्ष रख रहे थे।
छाबड़ा ने कहा कि वे टूर अरेंज करने वाली किसी ऑफिशियल मीटिंग में नहीं थे और बेवजह उनका नाम शामिल किया जा रहा है। वे टूर पर भी नहीं गए थे। वहीं, सूद का कहना था कि टूर अरेंज करने के वक्त छाबड़ा भी मौजूद थे और उन्होंने टूर अरेंज करने वाली कंपनी को भी जायज ठहराया था।
टूर विवाद पर पर्दा डालने की कोशिश
नगर निगम सदन की मंगलवार को हुई बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला ने कहा कि हमें शुरू से यह नहीं बताया गया कि जो ट्रैवल एजेंसी टूर अरेंज कर रही है वह भाजपा पार्षद सूद के जीजा और भांजे की है।
यह स्टडी टूर का मुद्दा अब कुछ ज्यादा बढ़ गया है। इससे नगर निगम और पार्षदों की काफी बदनामी हो रही है। अरुण सूद माफी मांग ले और विवाद खत्म करें। इस पर सभी पार्षदों ने सहमति जताई।
सतिंदर ने कहा, अफसरों ने दिया झूठा जवाब
स्टडी टूर का मुद्दा उठाने वाले भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि अफसरों ने उन्हें झूठे जवाब दिए थे। उन्होंने सितंबर महीने में टूर के संबंध में अफसरों से कुछ लिखित सवाल पूछे थे।
इसमें उन्होंने पूछा था कि टूर की रिपोर्ट का क्या हुआ? इस पर अफसरों का जवाब था कि रिपोर्ट तैयार हो गई है और इसे सबमिट कर दिया गया है। सतिंदर ने कहा कि जबकि उन्हें यह पता चला है कि रिपोर्ट को तीन दिन पहले ही तैयार किया गया है।
रिकवरी पर भड़के पार्षद
10-10 हजार रुपये की रिकवरी पर सभी पार्षदों ने अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बैठक की शुरुआत में रिकवरी के मुद्दे पर सभी ने मिलकर हंगामा किया। पार्षद गुरचरणदास काला ने कहा कि अफसरों ने किस से पूछ कर उन पर रिकवरी डाली है।
कांग्रेस के सुभाष चावला ने कहा कि डे-मार्केट के प्रस्ताव पर सुझाव देने पर चीफ ऑडिटर ने पार्षदों पर एक-एक लाख रुपये की रिकवरी डाल दी। ऐसे तो वे आगे से कभी किसी प्रोजेक्ट पर अपनी राय नहीं देंगे।
जीजा-साला ट्रैवलर्स’ के पोस्टर लेकर यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन
नगर निगम सदन की बैठक के बाहर भी जबरदस्त हंगामा हुआ। सुबह 11 बजे जैसे ही बैठक शुरू हुई, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हाउस के बाहर जोर-शोर से नारेबाजी शुरू कर दी। उनके हंगामे का शोर हाउस के अंदर भी आ रहा था। इस कारण हाउस की कार्रवाई को आधे घंटे के लिए रोक दिया गया।
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाजपा पार्षद अरुण सूद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने जीजा-साला ट्रैवलर्स के पोस्टर बनाए थे, जिन्हें हवा में लहराया गया। कांग्रेस का हंगामा बढ़ता देख भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने भी जवाबी हमला बोला।
उन्होंने भी कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल, प्रदीप छाबड़ा के साथ-साथ मेयर हरफूलचंद्र कल्याण के खिलाफ भी नारेबाजी की। उन्होंने चर्चित बूथ घोटाले पर छींटाकशी की।
पुलिस बुलानी पड़ी :
जब दोनों तरफ से हंगामा बढ़ा तो मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद कार्यकर्ताओं को नगर निगम कार्यालय से बाहर भेजा। इस दौरान भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ बहसबाजी भी हुई।
मेयर बोले, गलती की है तो भुगतो :
बाहर हो रहे शोर-शराबे का भाजपा पार्षदों ने विरोध जताया। उन्होंने मेयर हरफूलचंद्र कल्याण को घेर लिया और कहा कि वे प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाए। इस पर मेयर ने कहा कि आपने गलती है तो अब भुगतना भी पड़ेगा। इस पर भाजपा पार्षद बौखला गए।