{"_id":"67fd1d4a7968d288f80bb156","slug":"students-will-be-able-to-apply-in-private-schools-within-a-radius-of-one-km-from-their-home-chandigarh-news-c-16-1-pkl1089-682951-2025-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: घर से एक किमी के दायरे वाले निजी स्कूलों में आवेदन कर सकेंगे विद्यार्थी, शिक्षा मंत्री के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: घर से एक किमी के दायरे वाले निजी स्कूलों में आवेदन कर सकेंगे विद्यार्थी, शिक्षा मंत्री के निर्देश
Mon, 14 Apr 2025 08:05 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Apr 2025 08:05 PM IST
सार
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने इस संबंध में सख्त आदेश दिए हैं कि ऑनलाइन आवेदन होने पर सबकुछ पारदर्शी होगा और सभी स्कूलों को एक-एक विद्यार्थी के आवेदन की जानकारी होगी।
विज्ञापन
महीपाल ढांडा
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा में अपने घर से एक किमी. के दायरे में आने वाले सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे।
ऐसे में निजी स्कूलों की ओर से दाखिला आवेदन रिजेक्ट करने पर उनकी मान्यता भी रद्द हो सकती है। इस योजना में ईडब्ल्यूएस के अतिरिक्त एचआईवी प्रभावित, विशेष जरूरत वाले और विधवाओं के बच्चे शामिल हैं। इसके तहत सभी स्कूलों को 25 फीसदी सीटें तय करनी होगी।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने इस संबंध में सख्त आदेश दिए हैं कि ऑनलाइन आवेदन होने पर सबकुछ पारदर्शी होगा और सभी स्कूलों को एक-एक विद्यार्थी के आवेदन की जानकारी होगी। ऐसी स्थिति में सीट बचाने की मंशा से अगर कोई स्कूल पहले से कई स्कूलों में विद्यार्थी का आवेदन देखकर अपने स्कूल में आने वाले आवेदन को रिजेक्ट करता है तो उसकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
विज्ञापन
प्रदेश में पहली बार दाखिला आवेदन के लिए शिक्षा विभाग ने उज्जवल पोर्टल बनाया है। सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को सिर्फ पोर्टल के जरिए छात्रों के दाखिला आवेदन स्वीकार करने की अनुमति है। ऐसे में निजी स्कूलों की ओर से आवेदन स्वीकार करने में हेराफेरी की आशंका के मद्देनजर शिक्षा मंत्री ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
ऐसे में निजी स्कूलों की ओर से दाखिला आवेदन रिजेक्ट करने पर उनकी मान्यता भी रद्द हो सकती है। इस योजना में ईडब्ल्यूएस के अतिरिक्त एचआईवी प्रभावित, विशेष जरूरत वाले और विधवाओं के बच्चे शामिल हैं। इसके तहत सभी स्कूलों को 25 फीसदी सीटें तय करनी होगी।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने इस संबंध में सख्त आदेश दिए हैं कि ऑनलाइन आवेदन होने पर सबकुछ पारदर्शी होगा और सभी स्कूलों को एक-एक विद्यार्थी के आवेदन की जानकारी होगी। ऐसी स्थिति में सीट बचाने की मंशा से अगर कोई स्कूल पहले से कई स्कूलों में विद्यार्थी का आवेदन देखकर अपने स्कूल में आने वाले आवेदन को रिजेक्ट करता है तो उसकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
विज्ञापन
प्रदेश में पहली बार दाखिला आवेदन के लिए शिक्षा विभाग ने उज्जवल पोर्टल बनाया है। सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को सिर्फ पोर्टल के जरिए छात्रों के दाखिला आवेदन स्वीकार करने की अनुमति है। ऐसे में निजी स्कूलों की ओर से आवेदन स्वीकार करने में हेराफेरी की आशंका के मद्देनजर शिक्षा मंत्री ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।