Chandigarh: लॉरेंस बिश्नोई से गोल्डी बराड़ तक... छात्र राजनीति करने वाले युवकों का जुर्म की दुनिया में दबदबा
पंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले पूर्व छात्र नेता गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने भाई गुरलाल बराड़ की मौत के बाद अपराध की दुनिया में पैर रखा था।
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स्कूल से कॉलेज में दाखिला लेने के बाद सपनों को पंख लगते हैं। जरूरत होती है दिशा तय करने की। कुछ अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहते हैं तो कुछ छात्र राजनीति से उठकर समाजसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं। छात्र राजनीति में छोटे-छोटे झगड़े भी होते हैं, लेकिन समय के साथ इन्हें पीछे छोड़कर अपने लक्ष्य की ओर युवा आगे भी बढ़ते हैं। यह झगड़े कुछ युवाओं की दिशा ही बदल देते हैं और अपराध की दुनिया की ओर धकेल देते हैं। हाल ही में चल रहे हत्याओं और बदला लेने सिलसिला चल पड़ा है। इनमें ज्यादातर युवा चंडीगढ़ से पढ़कर निकले हैं। खेल और वक्तव्य शैली के माहिर युवा अब अपराध की दुनिया में वर्चस्व बना रहे हैं। अमर उजाला की विशेष रिपोर्ट...
एथलीट से गैंगस्टर बन गया संपत नेहरा
गैंगस्टर संपत नेहरा एक अच्छा एथलीट था। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी संपत नेहरा ने सोपू से छात्र राजनीति में कदम रखा। यहां हुए कुछ झगड़ों के बाद अपराध की नींव पड़ी और वह कुख्यात गैंगस्टर बन गया। संपत नेहरा के खिलाफ अब तक हत्या के 20 केस समेत कई अपराधिक केस दर्ज हैं। संपत नेहरा बॉलीवुड कलाकार सलमान खान को मारने की साजिश करते हुए पकड़ा गया था।