{"_id":"69c2d9de3c2c113a260a5eba","slug":"students-learnt-the-importance-of-tissue-culture-and-understood-crop-improvement-techniques-chandigarh-news-c-16-1-pkl1017-978363-2026-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: विद्यार्थियों ने जाना टिशू कल्चर का महत्व और फसल सुधार तकनीकों को समझा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: विद्यार्थियों ने जाना टिशू कल्चर का महत्व और फसल सुधार तकनीकों को समझा
विज्ञापन
चंडीगढ़। सेक्टर-26 के श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ने विद्यार्थियों के लिए पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) लुधियाना का भ्रमण किया। दौरे का आयोजन भ्रमण स्नातकोत्तर बायोटेक्नोलॉजी एवं माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी विभाग की ओर से किया गया। इसमें 85 विद्यार्थियों और 6 संकाय सदस्यों ने भाग लिया। भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने प्लांट टिशू कल्चर लेबोरेटरी का अवलोकन किया जहां माइक्रोप्रोपेगेशन, आनुवंशिक परिवर्तन और फसल सुधार पर स्टेराइल परिस्थितियों में अनुसंधान किया जाता है।
पीएयू के डॉ. पवन कुमार मल्होत्रा ने कृषि और बागवानी के लिए फसल किस्मों के विकास की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने डॉ. गुरदेव सिंह खुश संग्रहालय का भी भ्रमण किया। वहीं, रूरल हेरिटेज म्यूजियम ने पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, ग्रामीण जीवनशैली, उपकरणों और कृषि विरासत की झलक प्रस्तुत की। प्राचार्य डॉ. जसविंदर सिंह ने कहा कि इस प्रकार की पहलें वैज्ञानिक जागरूकता और शैक्षणिक अनुभव को समृद्ध करती हैं। इसके लिए उन्होंने विभागाध्यक्ष डॉ. अमित जोशी, डॉ. सोनिया बत्ता समेत अन्य की सराहना की।
विज्ञापन
पीएयू के डॉ. पवन कुमार मल्होत्रा ने कृषि और बागवानी के लिए फसल किस्मों के विकास की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने डॉ. गुरदेव सिंह खुश संग्रहालय का भी भ्रमण किया। वहीं, रूरल हेरिटेज म्यूजियम ने पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, ग्रामीण जीवनशैली, उपकरणों और कृषि विरासत की झलक प्रस्तुत की। प्राचार्य डॉ. जसविंदर सिंह ने कहा कि इस प्रकार की पहलें वैज्ञानिक जागरूकता और शैक्षणिक अनुभव को समृद्ध करती हैं। इसके लिए उन्होंने विभागाध्यक्ष डॉ. अमित जोशी, डॉ. सोनिया बत्ता समेत अन्य की सराहना की।
विज्ञापन