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पंजाबः खसरा-रुबेला का टीका लगाने से 13 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
Updated Tue, 08 May 2018 10:44 AM IST
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स्कूलों में बच्चों को लगाए जा रहे खसरा-रुबेला का टीका लगाने के बाद पंजाब के बठिंडा में अलग-अलग स्कूलों के तेरह बच्चों की हालत बिगड़ गई। जिनको स्कूल प्रबंधकों एवं बच्चों के परिजनों की ओर से सिविल अस्पताल बठिंडा में दाखिल करवाया गया। वहां पर डाक्टर सतीश जिंदल ने छह बच्चों को प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया, जबकि बाकी सात बच्चों को दाखिल कर उनका उपचार शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, शहर की लाल सिंह बस्ती, अमरपुरा बस्ती के अलावा अन्य जगहों से संबंधित 13 बच्चों में से सात बच्चों ने दो दिन पहले अपने स्कूल में खसरे का टीका लगवाया था। लेकिन दो दिन बाद सोमवार को सभी बच्चों को बुखार व उल्टियां आने लगीं। इसके चलते उनके परिजन एकदम घबरा गए और आनन फानन में बच्चों को सिविल अस्पताल मेें भर्ती करवाया। वहां पर डॉ. सतीश गोयल ने छह बच्चों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें घर भेज दिया,
जबकि एक बच्चे की हालत ठीक न होने के चलते उसे अस्पताल में दाखिल कर लिया गया। वहीं सोमवार को सुबह शहर में स्थित विभिन्न सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को खसरे का टीका लगाया गया था। जिनमें से छह बच्चों की हालत स्कूल में ही ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद तुरंत स्कूल प्रबंधकों ने बच्चों के परिजनों को सूचित कर उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। जिनकी हालत सोमवार शाम तक पूरी ठीक न होने के चलते बच्चों को अस्पताल में ही रखा।
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बच्चों के डॉ. सतीश गोयल का कहना था कि खसरे का टीका लगने के बाद यह आम बात है, लेकिन अब उक्त टीके को लेकर जो माहौल देश में बना हुआ है, उसी के कारण पूरा पेनिक क्रेट हुआ है। उन्होंने कहा कि तेरह बच्चे उनके पास उपचार के लिए आए थे। जिनमें से छह का उपचार कर घर भेज दिया, जबकि बाकी सात बच्चों का उपचार अस्पताल में अभी चल रहा है। लेकिन वो खतरे से बाहर है।
जिला प्रशासन व सिविल अस्पताल प्रशासन में मचा हड़कंप
खसरे के टीके से तेरह बच्चों की हालत बिगड़ने की खबर जैसे ही जिला प्रशासन अधिकारियों के पास पहुंची तो उनमें हड़कंप मच गया। इसके चलते डिप्टी कमिश्नर बठिंडा दीप्रवा लाकरा ने तुरंत अधिकारियों व डाक्टरों को जरूरी आदेश दिए। वहीं जैसे ही उक्त बच्चों को लेकर उनके परिजन अपने बच्चों का उपचार करवाने सिविल अस्पताल में पहुंचे तो अस्पताल प्रशासन में भी हड़कंप मच गया और आनन फानन में बच्चों का उपचार शुरू कर दिया।
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जानकारी के अनुसार, शहर की लाल सिंह बस्ती, अमरपुरा बस्ती के अलावा अन्य जगहों से संबंधित 13 बच्चों में से सात बच्चों ने दो दिन पहले अपने स्कूल में खसरे का टीका लगवाया था। लेकिन दो दिन बाद सोमवार को सभी बच्चों को बुखार व उल्टियां आने लगीं। इसके चलते उनके परिजन एकदम घबरा गए और आनन फानन में बच्चों को सिविल अस्पताल मेें भर्ती करवाया। वहां पर डॉ. सतीश गोयल ने छह बच्चों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें घर भेज दिया,
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जबकि एक बच्चे की हालत ठीक न होने के चलते उसे अस्पताल में दाखिल कर लिया गया। वहीं सोमवार को सुबह शहर में स्थित विभिन्न सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को खसरे का टीका लगाया गया था। जिनमें से छह बच्चों की हालत स्कूल में ही ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद तुरंत स्कूल प्रबंधकों ने बच्चों के परिजनों को सूचित कर उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। जिनकी हालत सोमवार शाम तक पूरी ठीक न होने के चलते बच्चों को अस्पताल में ही रखा।
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बच्चों के डॉ. सतीश गोयल का कहना था कि खसरे का टीका लगने के बाद यह आम बात है, लेकिन अब उक्त टीके को लेकर जो माहौल देश में बना हुआ है, उसी के कारण पूरा पेनिक क्रेट हुआ है। उन्होंने कहा कि तेरह बच्चे उनके पास उपचार के लिए आए थे। जिनमें से छह का उपचार कर घर भेज दिया, जबकि बाकी सात बच्चों का उपचार अस्पताल में अभी चल रहा है। लेकिन वो खतरे से बाहर है।
जिला प्रशासन व सिविल अस्पताल प्रशासन में मचा हड़कंप
खसरे के टीके से तेरह बच्चों की हालत बिगड़ने की खबर जैसे ही जिला प्रशासन अधिकारियों के पास पहुंची तो उनमें हड़कंप मच गया। इसके चलते डिप्टी कमिश्नर बठिंडा दीप्रवा लाकरा ने तुरंत अधिकारियों व डाक्टरों को जरूरी आदेश दिए। वहीं जैसे ही उक्त बच्चों को लेकर उनके परिजन अपने बच्चों का उपचार करवाने सिविल अस्पताल में पहुंचे तो अस्पताल प्रशासन में भी हड़कंप मच गया और आनन फानन में बच्चों का उपचार शुरू कर दिया।