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Hindi News ›   Chandigarh ›   Student Elections in Haryana, INSO Facing Problem due to Clash in INLD, Chautala Family

‘अपनों’ की रार का शिकार बनी इनसो, अप्रत्यक्ष चुनाव के ‘संघर्ष’ को झटका, सरकार की राहें आसान

Fri, 12 Oct 2018 10:12 AM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 12 Oct 2018 10:12 AM IST
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Student Elections in Haryana, INSO Facing Problem due to Clash in INLD, Chautala Family
इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के कालेजों और विश्वविद्यालयों में अप्रत्यक्ष रूप से होने वाले छात्रसंघ चुनाव के विरोध में खड़े किए गए आंदोलन को बड़ा झटका लग गया है। इस आंदोलन को खड़ा कर आठ से अधिक छात्रसंघों को एकजुट करने वाला इनेलो का छात्र संगठन इनेसो (इंडियन नेशनल स्टूडेंट) ‘अपनों’ का ही शिकार हो गया है।
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इसके बाद न केवल यह आंदोलन बिखर गया है, वहीं अब कालेजों और विश्वविद्यालयों में अप्रत्यक्ष चुनाव की पूरी तैयार कर चुकी हरियाणा सरकार की राह भी आसान हो गई है। इनेसो पिछले काफी समय से कालेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनावों की बहाली की मांग कर रही है। हरियाणा में सन 1996 में छात्रसंघ के आखिरी बार चुनाव हुए थे।
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उसके बाद चुनाव के दौरान हिंसा व बिगड़ते माहौल को देखते हुए तत्कालीन बंसीलाल सरकार ने छात्रसंघ चुनावों पर पाबंदी लगा दी थी। लेकिन इनेसो ने पिछले काफी समय से छात्रसंघ चुनाव की बहाली को अपना मुख्य एजेंडा बनाते हुए प्रदेश में एक बड़ा आंदोलन खड़ा कर रखा था। हरियाणा सरकार ने भी अब 22 साल बाद हरियाणा के कालेजों व विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ के चुनाव करवाने का फैसला तो लिया, लेकिन चुनावों को प्रत्यक्ष की बजाए अप्रत्यक्ष करवाने की घोषणा की।
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सरकार की मुश्किलें थोड़ी कम हो गई

Student Elections in Haryana, INSO Facing Problem due to Clash in INLD, Chautala Family
दुष्यंत चौटाला - फोटो : SELF
उधर, सरकार की चुनावी घोषणा के बाद इनसो ने अब अप्रत्यक्ष चुनाव करवाए जाने के खिलाफ एक और नया आंदोलन खड़ा कर दिया। इतना ही नहीं इनेसो अपने इस आंदोलन में दूसरी विपक्षी पार्टी की छात्र इकाइयों एनएसयूआई, एसएफआई, एआईएसएफ, जीबीएसओ, एआईडीएसओ, एआईएसए, एचएसयू समेत अन्यों को एक मंच पर लाने में कामयाब हो गई थी।

इनेसो ने इन सभी संगठनों के साथ मिलकर ‘प्रत्यक्ष चुनाव छात्र संघर्ष समिति’ के बैनर तले अपने आंदोलन को तेज कर दिया था। 9 अक्तूबर को इनेसो अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने गोहाना रैली में इसी मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हरियाणा सरकार के खिलाफ ज्ञापन सौंपने कोशिश की, लेकिन इनेसो वर्करों को हिरासत में ले लिया गया।

इसी आंदोलन की अगली कड़ी में अब सभी कालेजों और विश्वविद्यालयों में अप्रत्यक्ष चुनाव की पक्षधर हरियाणा सरकार के खिलाफ परचे बांटकर प्रचार करना था। इतना ही नहीं 17 अक्तूबर को चुनाव वाले दिन कालेजों व विश्वविद्यालयों में ताले जड़ते हुए चुनाव प्रक्रिया को बाधित करना था। बुधवार देर शाम को भी इनेसो समेत अन्य संगठनों के नेताओं की आगामी रणनीति के बाबत बैठक भी हुई। लेकिन वीरवार आते-आते इनेसो ‘अपनों’ का ही शिकार हो गई। जिससे अब प्रत्यक्ष चुनाव करवाने को लेकर सरकार की मुश्किलें थोड़ी कम हो गई है।

ताऊ की रैली में अभय के खिलाफ हूटिंग पड़ी महंगी

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हरियाणा के पूर्व CM चौटाला
विगत सात अक्तूबर को गोहाना रैली में अभय के खिलाफ हूटिंग करनी इनेलो की युवा और छात्र इकाइयों को महंगा पड़ गया है। दोनों इकाइयों की इसी अनुशासनहीनता पर इनेलो सुप्रीमो एवं पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला ने बेहद सख्ती से लगाम कसते हुए तुरंत प्रभाव से दोनों इकाइयों को ही भंग कर दिया है।

वीरवार को इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने इनेलो की युवा इकाई और इंडियन स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन (इनसो) की राष्ट्रीय एवं राज्य इकाई को तुरंत प्रभाव से भंग कर दिया है। इनेलो प्रवक्ता के अनुसार पार्टी की इन दोनों युवा शाखाओं को अनुशासनहीनता के कारण और पार्टी के आदर्शों के विरुद्ध काम करते हुए पाया गया है।

उनके अनुसार गोहाना में 7 अक्तूबर को हुई जननायक चौधरी देवी लाल के जन्मदिवस सम्मान समारोह रैली में पार्टी की युवा इकाई पूरी तरह अपनी भूमिका निभाने में असफल रही है। दूसरी तरफ यह पाया गया था कि इनसो पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त है। इनसो पर यह आरोप भी है कि पार्टी विरोधी शक्तियों से मिलकर षड्यंत्र करते हुए उपरोक्त रैली में गड़बड़ी फैलाने की कोशिश की गई और इनेलो की साख को बट्टा लगाने का प्रयास किया गया है।

उल्लेखनीय है कि सम्मान रैली की इस घटना के बाद ही इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने रैली का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई केनिर्देश दे दिए थे। इसी के चलते अब ये कार्रवाई की गई है।
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