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हरियाणाः कुरुक्षेत्र में सबसे ज्यादा और कैथल में सबसे कम जली पराली, 322 किसानों पर जुर्माना

Wed, 17 Oct 2018 09:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 17 Oct 2018 09:30 AM IST
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stubble burn in Haryana,More cases in Kurukshetra
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

फसल अवशेष को न जलाने के चलते जहां एक ओर लगातार सरकार किसानों को गांव-गांव जाकर जागरूक करने में जुटी हुई है। वहीं दूसरी ओर किसान पराली जलाने से मान नहीं रहे है। पर्यावरण विभाग ने इस पर सख्ती करते हुए 322 किसानों पर जुर्माना ठोका है। इन किसानों से पौने तीन लाख के करीब जुर्माना वसूला है। जबकि दो किसानों पर केस दर्ज किए गए हैं।

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उधर, राज्य के पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल ने विभाग तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस संदर्भ में सख्त हिदायतें जारी की हैं। आला अफसर भी पराली अवशेष जलाने के मामले और एनसीआर एरिया में बढ़ रहे प्रदूषण की रिपोर्ट मंत्री को सौंप रहे हैं। गोयल ने बताया कि सोमवार तक प्रदेश के  322 किसानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना इस बार पराली जलाने के केस काफी कम हुए हैं। 
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सरकार की ओर से पराली निस्तारण का प्रबंध भी किया गया है। बड़ी संख्या में किसानों ने इसका फायदा भी उठाया है। इसके बाद भी जो किसान पराली जला रहे हैं, उन पर जुर्माना किया जा रहा है। अभी तक पर्यावरण विभाग के पास मौजूद आंकड़ों के अनुसार कुरुक्षेत्र में  215, करनाल में 38, हिसार में 16, यमुनानगर में 21, पलवल  में 25, फरीदाबाद में 2, पंचकूला में 4 व कैथल में 1 मामला सामने आया है।

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