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सातवें पे कमीशन के लिए संघर्ष, पीयू और कॉलेजों में शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में शिक्षकों ने शुक्रवार को साउथ कैंपस में धरना दिया। वहीं एमसीएम कॉलेज में प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में हड़ताल पर बैठे शिक्षकों का समर्थन दिया। इसके साथ ही अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ ने भी शुक्रवार को पत्र जारी कर पंजाब यूनिवर्सिटी और संबद्ध कॉलेजों के सातवें पे कमीशन की मांग को समर्थन दिया। एआईएफयूसीटीओ के महासचिव डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि शिक्षकों के इतने लंबे संघर्ष के बाद सरकार की ओर से उन्हें हक नहीं देना असंवैधानिक है। एआईएफयूसीटीओ इसकी निंदा करता है।
डीएवी कॉलेज-10 में शुक्रवार को भूख हड़ताल में कॉलेज की डॉ. मीनाक्षी भारद्वाज, डॉ. सुमन ढल, डॉ. शिवानी बेदी और डॉ. अंजलि शर्मा, एमसीएम कॉलेज-36 की डॉ. नीना शर्मा, एसडी कॉलेज की डॉ. दीक्षा और डॉ. रिंकी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक भूख हड़ताल पर बैठीं। शाम 5 से शनिवार सुबह 9 बजे तक के लिए डॉ. मंदीप, डॉ. प्रमोद और प्रो विवेक भूख हड़ताल पर बैठे। पंजाब यूनिवर्सिटी में शिक्षकों ने साउथ कैंपस में जाकर शिक्षकों को एकजुट किया और शैक्षणिक कार्यों का बहिष्कार किया। इस दौरान पुटा अध्यक्ष मृत्युंजय ने कहा कि शिक्षकों को शैक्षणिक कार्य नहीं करने के लिए उकसाया जा रहा है। पंजाब और चंडीगढ़ के यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के शिक्षक लंबे समय से सड़कों पर धरना करने को मजबूर है। पंजाब सरकार शिक्षकों की अनदेखी कर रही है, सरकारी शैक्षणिक ढांचे को खत्म करना चाहती है। सरकार का ये रवैया शिक्षा में निजीकरण को बढ़ावा देगा। जब तक शिक्षकों की मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक शिक्षक धरना जारी रखेंगे और शैक्षणिक कार्यों का विरोध कर शिक्षा बंद करेंगे।
धरना खत्म नहीं हुआ तो जनवरी में हो सकती हैं सेमेस्टर परीक्षाएं
बता दें पंजाब और चंडीगढ़ के कॉलेज व यूनिवर्सिटी के शिक्षकों की ओर से शिक्षा बंद प्रदर्शन के कारण पंजाब यूनिवर्सिटी ने पीयू और संबद्ध कॉलेजों की सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। हालांकि यूनिवर्सिटी शिक्षकों की ओर से कक्षा टेस्ट और आइनमेंट ली जा रही है, ताकि विद्यार्थियों की अंतिम अंकों पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़े, इसके साथ कक्षा प्रमुख विद्यार्थी शिक्षकों के निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन कक्षाओं में रिवीजन भी कर रहे हैं। अगर इस माह शिक्षकों का धरना खत्म नहीं होता तो जनवरी में विद्यार्थियों की सेमेस्टर परीक्षाएं होने की संभावना है।
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डीएवी कॉलेज-10 में शुक्रवार को भूख हड़ताल में कॉलेज की डॉ. मीनाक्षी भारद्वाज, डॉ. सुमन ढल, डॉ. शिवानी बेदी और डॉ. अंजलि शर्मा, एमसीएम कॉलेज-36 की डॉ. नीना शर्मा, एसडी कॉलेज की डॉ. दीक्षा और डॉ. रिंकी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक भूख हड़ताल पर बैठीं। शाम 5 से शनिवार सुबह 9 बजे तक के लिए डॉ. मंदीप, डॉ. प्रमोद और प्रो विवेक भूख हड़ताल पर बैठे। पंजाब यूनिवर्सिटी में शिक्षकों ने साउथ कैंपस में जाकर शिक्षकों को एकजुट किया और शैक्षणिक कार्यों का बहिष्कार किया। इस दौरान पुटा अध्यक्ष मृत्युंजय ने कहा कि शिक्षकों को शैक्षणिक कार्य नहीं करने के लिए उकसाया जा रहा है। पंजाब और चंडीगढ़ के यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के शिक्षक लंबे समय से सड़कों पर धरना करने को मजबूर है। पंजाब सरकार शिक्षकों की अनदेखी कर रही है, सरकारी शैक्षणिक ढांचे को खत्म करना चाहती है। सरकार का ये रवैया शिक्षा में निजीकरण को बढ़ावा देगा। जब तक शिक्षकों की मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक शिक्षक धरना जारी रखेंगे और शैक्षणिक कार्यों का विरोध कर शिक्षा बंद करेंगे।
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धरना खत्म नहीं हुआ तो जनवरी में हो सकती हैं सेमेस्टर परीक्षाएं
बता दें पंजाब और चंडीगढ़ के कॉलेज व यूनिवर्सिटी के शिक्षकों की ओर से शिक्षा बंद प्रदर्शन के कारण पंजाब यूनिवर्सिटी ने पीयू और संबद्ध कॉलेजों की सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। हालांकि यूनिवर्सिटी शिक्षकों की ओर से कक्षा टेस्ट और आइनमेंट ली जा रही है, ताकि विद्यार्थियों की अंतिम अंकों पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़े, इसके साथ कक्षा प्रमुख विद्यार्थी शिक्षकों के निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन कक्षाओं में रिवीजन भी कर रहे हैं। अगर इस माह शिक्षकों का धरना खत्म नहीं होता तो जनवरी में विद्यार्थियों की सेमेस्टर परीक्षाएं होने की संभावना है।
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