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अभी जारी है हरियाणा रोडवेज बसों की हड़ताल
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल/कैथल
Updated Mon, 08 Sep 2014 11:50 AM IST
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हरियाणा में 3519 नए परमिट रद्द करने की मांग पर रोडवेज कर्मचारियों की दो दिन से चल रही हड़ताल को लेकर सरकार के तेवर रविवार को नरम हो गए। ट्रांसपोर्ट विभाग ने प्राइवेट परिवहन समितियों को जारी प्रोविजनल टाइमटेबल को वापस ले लिया है।
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हालांकि कर्मचारी अब भी अपनी मांग पर अड़े हैं। हरियाणा रोडवेज की सात यूनियनों के प्रतिनिधियों ने ऐलान किया है कि जब तक निजी परमिट रद्द नहीं किए जाते, हड़ताल जारी रहेगी।
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हड़ताल खत्म करने को लेकर रविवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में रोडवेज कर्मियों की सरकार के साथ बातचीत हुई। रोडवेज यूनियनों के प्रदेश के छह प्रधान और महासचिव की परिवहन मंत्री सहित परिवहन निगम के आला अधिकारियों के साथ तीन घंटे में दो चरण में वार्ता की लेकिन हड़ताल समाप्त करवाने का रास्ता नहीं निकल पाया।
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फिलहाल प्रदेश में चक्का जाम रहने की स्थिति जारी रहेगी। हड़ताल के कारण जहां एक ओर यात्री खासे परेशान हैं वहीं विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने कहा कि निजी परमिटों का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और 11 सितंबर को निर्णय आना है। तीन चरणों में जारी हुए परमिटों पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया है।
ऐसे में परमिट रद्द करना संभव नहीं है। हड़ताल जारी रही तो यातायात के वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जाएगी। जनता को बेहतर सफर देने के लिए ही निजी परमिट की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी वर्कर्स संयुक्त तालमेल कमेटी के मुख्य सदस्य दलबीर नेहरा ने बताया कि प्रदेश सरकार 3519 रूट परमिट को रद्द कर सकती है। सरकार ने अपने चहेतों को रातोंरात परमिट बांटे हैं। रोडवेज बस 70 हजार रुपये रोड टैक्स जमा कराती है, जबकि निजी परमिट पर चल रही बसें सिर्फ 14 हजार रुपये रोड टैक्स जमा करती है। निजी परमिटों को रद्द करना होगा। जब तक रूट परमिट रद्द नहीं किए जाते हड़ताल जारी रहेगी। बैक डेट में परमिट जारी किए गए हैं। परमिट जारी करने में करोड़ों रुपये का खेल चला है।