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40 घंटे बाद हड़ताल खत्म, सलाहकार बोले- जानबूझकर काटी गई बिजली, करेंगे कार्रवाई

Thu, 24 Feb 2022 01:46 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 01:46 AM IST
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Strike ends after 40 hours, advisor said - deliberately cut electricity, will take action
चंडीगढ़। शहर में 40 घंटे तक हाहाकार के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बुधवार शाम चार बजे हड़ताल समाप्त कर दी। प्रशासन ने कर्मचारियों की कुछ मांगें मान ली हैं। बिजली संकट पर प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि हड़ताल से लोगों को बहुत परेशानी हुई है। ज्यादातर जगह जानबूझ कर बिजली काटी गई थी, जिन्होंने ऐसी हरकत की है, उनकी पहचान की जा रही है और उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सलाहकार धर्मपाल ने यूटी सचिवालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि 21 व 22 फरवरी की रात को जानबूझकर जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 की बिजली बाधित की गई। दोनों अस्पतालों में प्लग निकाले गए, जिसके चलते बिजली बाधित हुई। ऐसा करके अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान जोखिम में डाली गई। इससे दवाइयाें और वैक्सीन के खराब होने का भी खतरा पैदा हो गया। पूरे मामले की जांच हो रही है और इसमें शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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धर्मपाल ने कहा कि मौसम खराब होने की वजह से कुछ जगहों पर बिजली प्रभावित हुई लेकिन ज्यादातर जगहों पर बिजली काटी गई। सलाहकार ने दावा किया कि सेना की मदद से उन्होंने ज्यादातर इलाकों में बिजली बहाल कर दी है। बुधवार सुबह और दोपहर तक 60 प्रतिशत और शाम तक 80 प्रतिशत क्षेत्रों में बिजली बहाल हो गई है। सलाहकार ने कहा कि बिजली जाने की वजह से कई सेवाएं ठप हो गई थीं। प्रशासन की तरफ से कंट्रोल रूम बनाया गया था, लेकिन मंगलवार को शाम सात बजे लाइनें ठप हो गई थीं, जिसे कंपनी को बुलाकर ठीक कराना पड़ा।
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सेना के 100 जवानों ने बहाल की बिजली, एक हफ्ते तक संभालेंगे मोर्चा
सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि चंडीगढ़ के बिजली विभाग के स्टाफ की मदद के बिना ज्यादातर इलाकों में बिजली बहाल की गई है। धर्मपाल ने कहा कि मंगलवार को उन्होंने सेना से मदद की गुहार लगाई थी। एक घंटे के अंदर सेना ने जवाब दिया और अपने कर्मचारियों को भेजने के लिए हामी भर दी। बुधवार दोपहर तक सेना ने बिना बिजली विभाग के कर्मचारियों की मदद के 60 फीसदी इलाकों में बिजली को बहाल किया। सेना के करीब 100 जवान व कर्मचारी अलग-अलग इलाकों में जाकर बिजली को बहाल कर रहे हैं। प्रशासन ने फैसला लिया कि अगले एक हफ्ते तक सेना के ये जवान चंडीगढ़ में ही रहेंगे, ताकि अगर किसी भी तरह की गड़बड़ी या काम प्रभावित होता है तो तुरंत उसे ठीक किया जा सके।
कर्मचारी नेता राजनीतिक रूप से प्रेरित थे, इसलिए लगाना पड़ा एस्मा
सलाहकार ने कहा कि प्रशासन ने कर्मियों के साथ कई दौर की लंबी बातचीत की लेकिन कर्मचारी समझने को तैयार नहीं थे। उनकी बातें राजनीति से प्रेरित नजर आ रही थीं, इसलिए मंगलवार को बिजली विभाग पर पूर्वी पंजाब एस्मा (आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून-1968) लगाना पड़ा। धर्मपाल ने कहा कि कर्मचारियों से ड्यूटी ज्वाइन करने का आग्रह किया गया है। बुधवार को जो कर्मी ड्यूटी पर आ जाएंगे, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी लेकिन अगर उसके बाद भी कर्मचारी वापस नहीं लौटे तो उनकी सूची बनाकर नियमों के तहत कार्रवाई करेंगे।

प्रशासक ने भी अफसरों संग की बैठक
बिजली संकट के चलते मचे हाहाकार पर प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने भी अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। इसमें सलाहकार धर्मपाल, वेस्टर्न कमांड सिविल मिलिट्री अफेयर्स के एडवाइजर-कम-प्रिंसिपल डायरेक्टर कर्नल जसदीप संधू व अन्य उपस्थित रहे। प्रशासक ने बिजलीकर्मियों को आश्वासन दिया कि उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा। शाम को सलाहकार धर्मपाल ने सेक्टर-17 में धारा 144 लगाने के आदेश जारी कर दिए और सख्त निर्देश दिए कि सेक्टर-17 में किसी को भी प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। धर्मपाल ने कहा कि प्रदर्शन करने के लिए रैली ग्राउंड का स्थान तय किया गया है।
प्रशासन को इन जगहों से मिली मदद
सेना- 100 कर्मचारी
ऊर्जा मंत्रालय - 220
पंजाब - 50 कर्मचारी
हरियाणा- 10 कर्मचारी
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) - 10
आरईसी पंचकूला - 10 कर्मचारी
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