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नशे पर सख्ती जरूरी : ज्ञानी हरप्रीत सिंह
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करतारपुर गलियारा खोलने और अटारी-वाघा से व्यापार बहाल करने की अपील
गैंगस्टरवाद, भ्रष्टाचार और जमीनों की धोखाधड़ी पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व कार्यकारी जत्थेदार और शिरोमणि अकाली दल पुनर्जीवित के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि नशों की समस्या युवाओं के लिए गंभीर चुनौती है। नशे में फंसे युवाओं को बचाने, गैंगस्टरवाद पर अंकुश लगाने और भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने जमीनों और प्लॉटों से जुड़ी धोखाधड़ी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में लोगों के हितों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने केंद्र सरकार से गुरु नानक नामलेवा संगत के लिए श्री करतारपुर साहिब का गलियारा दोबारा खोलने की अपील की। साथ ही अटारी-वाघा सीमा के रास्ते व्यापार और आवाजाही बहाल करने पर गंभीरता से विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे आपसी संपर्क और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ पंजाब की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
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इससे पहले उन्होंने डेरा कार सेवा संत भूरी वालों में आयोजित धार्मिक समागम में भाग लिया। यह समागम संत बाबा जैमल सिंह जी, संत बाबा गुरदियाल सिंह जी, बाबा नामदेव सिंह जी और बीबी हरजिंदर कौर जी की वार्षिक याद को समर्पित था।
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गैंगस्टरवाद, भ्रष्टाचार और जमीनों की धोखाधड़ी पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व कार्यकारी जत्थेदार और शिरोमणि अकाली दल पुनर्जीवित के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि नशों की समस्या युवाओं के लिए गंभीर चुनौती है। नशे में फंसे युवाओं को बचाने, गैंगस्टरवाद पर अंकुश लगाने और भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने जमीनों और प्लॉटों से जुड़ी धोखाधड़ी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में लोगों के हितों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
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ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने केंद्र सरकार से गुरु नानक नामलेवा संगत के लिए श्री करतारपुर साहिब का गलियारा दोबारा खोलने की अपील की। साथ ही अटारी-वाघा सीमा के रास्ते व्यापार और आवाजाही बहाल करने पर गंभीरता से विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे आपसी संपर्क और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ पंजाब की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
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इससे पहले उन्होंने डेरा कार सेवा संत भूरी वालों में आयोजित धार्मिक समागम में भाग लिया। यह समागम संत बाबा जैमल सिंह जी, संत बाबा गुरदियाल सिंह जी, बाबा नामदेव सिंह जी और बीबी हरजिंदर कौर जी की वार्षिक याद को समर्पित था।