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Chandigarh News: पीएम दौरे से पहले पेक से उठा लिए थे स्ट्रे डॉग्स, अब तक नहीं लौटे तो शुरू हो गया आंदोलन
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) दौरे से पहले सुरक्षा व्यवस्था के तहत हटाए गए स्ट्रे (कम्युनिटी) डॉग्स को अब तक वापस नहीं लाए जाने का विवाद शुक्रवार को और गहरा गया। शहर के डॉग लवर्स, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पेक निदेशक कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सभी कम्युनिटी डॉग्स को उनके मूल स्थान पर वापस लाने के साथ पेक निदेशक प्रो. राजेश भाटिया के इस्तीफे की मांग उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को कानूनी और जनस्तर पर और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रधानमंत्री के दौरे से पहले वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत नगर निगम ने पेक परिसर से करीब 50 कम्युनिटी डॉग्स को हटाया था। दौरा समाप्त होने के बाद भी अधिकांश डॉग्स को वापस नहीं छोड़ा गया। उनका दावा है कि अब तक केवल करीब 15 डॉग्स ही कैंपस में लौटाए गए हैं जबकि बाकी अब भी बाहर हैं।
धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्ट्रे आवारा नहीं, हमारा है, डॉग्स को वापस लाओ और एनिमल क्रुएल्टी बंद करो जैसे नारे लगाए। उन्होंने कहा कि कम्युनिटी डॉग्स वर्षों से परिसर का हिस्सा हैं और वे छात्रों, कर्मचारियों या आगंतुकों के लिए खतरा नहीं हैं। उन्हें स्थायी रूप से हटाना पशु क्रूरता के साथ-साथ निर्धारित नियमों का भी उल्लंघन है।
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प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को सौंपे मांगपत्र में दो प्रमुख मांगें रखीं। पहली, हटाए गए सभी कम्युनिटी डॉग्स को उसी स्थान पर वापस छोड़ा जाए, जहां से उन्हें उठाया गया था। दूसरी, पेक प्रशासन और पशु कल्याण संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच समयबद्ध औपचारिक बैठक कर विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाए।
डॉग लवर आकांक्षा ने कहा कि पेक इन डॉग्स का घर है। उन्हें वापस यहीं लाना होगा। पार्षद सचिन गालिब ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो बड़ी संख्या में युवा आंदोलन में शामिल होंगे। यूथ भाजपा सचिव वरिंदर राणा ने भी सभी कम्युनिटी डॉग्स की शीघ्र वापसी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे न्यायालय और संबंधित सरकारी एजेंसियों का भी दरवाजा खटखटाएंगे। समाचार लिखे जाने तक पेक प्रशासन की ओर से इस प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
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चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) दौरे से पहले सुरक्षा व्यवस्था के तहत हटाए गए स्ट्रे (कम्युनिटी) डॉग्स को अब तक वापस नहीं लाए जाने का विवाद शुक्रवार को और गहरा गया। शहर के डॉग लवर्स, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पेक निदेशक कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सभी कम्युनिटी डॉग्स को उनके मूल स्थान पर वापस लाने के साथ पेक निदेशक प्रो. राजेश भाटिया के इस्तीफे की मांग उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को कानूनी और जनस्तर पर और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रधानमंत्री के दौरे से पहले वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत नगर निगम ने पेक परिसर से करीब 50 कम्युनिटी डॉग्स को हटाया था। दौरा समाप्त होने के बाद भी अधिकांश डॉग्स को वापस नहीं छोड़ा गया। उनका दावा है कि अब तक केवल करीब 15 डॉग्स ही कैंपस में लौटाए गए हैं जबकि बाकी अब भी बाहर हैं।
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धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्ट्रे आवारा नहीं, हमारा है, डॉग्स को वापस लाओ और एनिमल क्रुएल्टी बंद करो जैसे नारे लगाए। उन्होंने कहा कि कम्युनिटी डॉग्स वर्षों से परिसर का हिस्सा हैं और वे छात्रों, कर्मचारियों या आगंतुकों के लिए खतरा नहीं हैं। उन्हें स्थायी रूप से हटाना पशु क्रूरता के साथ-साथ निर्धारित नियमों का भी उल्लंघन है।
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प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को सौंपे मांगपत्र में दो प्रमुख मांगें रखीं। पहली, हटाए गए सभी कम्युनिटी डॉग्स को उसी स्थान पर वापस छोड़ा जाए, जहां से उन्हें उठाया गया था। दूसरी, पेक प्रशासन और पशु कल्याण संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच समयबद्ध औपचारिक बैठक कर विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाए।
डॉग लवर आकांक्षा ने कहा कि पेक इन डॉग्स का घर है। उन्हें वापस यहीं लाना होगा। पार्षद सचिन गालिब ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो बड़ी संख्या में युवा आंदोलन में शामिल होंगे। यूथ भाजपा सचिव वरिंदर राणा ने भी सभी कम्युनिटी डॉग्स की शीघ्र वापसी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे न्यायालय और संबंधित सरकारी एजेंसियों का भी दरवाजा खटखटाएंगे। समाचार लिखे जाने तक पेक प्रशासन की ओर से इस प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।