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देश की इनोवेशन स्टोरी वाली किताब में चंडीगढ़ का नाम, मॉडल सोलर सिटी की तारीफ

Sat, 22 Apr 2017 01:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 22 Apr 2017 01:38 AM IST
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 Story of Chandigarh's Solar Energy in a Book made on Innovative Story
‘ब्राइटनिंग चंडीगढ़ स्काईलाइन: मॉडल सोलर सिटी’
14स्क्वेयर किलोमीटरका शहर चंडीगढ़। बिजली पैदा करना तो दूर पीने के पानी के लिए भी अपना कोई पक्का सोर्स नहीं। लेकिन फिर भी हर रोज जेनरेट कर रहे हैं 10 मेगावॉट बिजली। ये सब हुआ सोलर एनर्जी के जरिए। इस सपने को साकार करने केब बाद अब चंडीगढ़ को अपना नाम मिल गया है। दिल्ली के विज्ञान भवन में सिविल सर्विसेज डे पर पीएम मोदी ने शुक्रवार को पब्लिक सर्विस इनोवेशन्स पर किताब लांच की।
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पीएम द्वारा लांच की गई किताब में टॉप-62 इनोवेशन में चंडीगढ़ का भी नाम शामिल है। किताब में चंडीगढ़ को मॉडल सोलर सिटी के रूप में दिखाया गया है। किताब में  ‘ब्राइटनिंग चंडीगढ़ स्काईलाइन : मॉडल सोलर सिटी’ के नाम पर पूरा एक चैप्टर तैयार किया गया है। इसमें चंडीगढ़ को आने वाले सालों में सोलर सिटी के रूप में विकसित होता दिखाया गया है। वहीं, फ्रेंच आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए के आर्किटेक्चर वर्क को भी प्रशंसा की गई है।
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किताब में  ‘ब्राइटनिंग चंडीगढ़ स्काईलाइन 
मॉडल सोलर सिटी’ नाम से चंडीगढ़ रिन्यूबल एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रोमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) ने चैप्टर में बताया कि वर्ष 2022 तक चंडीगढ़ में  50 मेगावॉट रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा है। वहीं, क्रेस्ट ने रिपोर्ट में बताया कि चंडीगढ़ ने 31 दिसंबर 2016 तक 263 साइट्स पर रूफटॉप सोलर प्लांट इंस्टाल कर चुका है।
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इनमें से 145 सरकारी भवनों पर क्रेस्ट ने रूफटॉप एसपीवी प्लांट इंस्टाल किए है। वहीं, किताब के इस चैप्टर में बताया गया है कि चंडीगढ़ के 59 गवर्नमेंट स्कूलों में लगे सोलर प्लांट के जरिए कुल 2290 किलोवॉट पावर जनरेट की जा रही है।
 

हर बिल्डिंग पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाना अनिवार्य

 Story of Chandigarh's Solar Energy in a Book made on Innovative Story
सोलर प्लांट
अगले दो वर्षों में चंडीगढ़ की हर बिल्डिंग पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाना अनिवार्य होगा। चंडीगढ़ को मॉडल सोलर सिटी बनाने के लिए प्रशासन ने सभी बिल्डिंग में सोलर फोटोवोल्टिक पावर प्लांट लगाने के लिए बिल्डिंग बायलॉज में बदलाव किए है। नई बिल्डिंग की कंस्ट्रक्शन में शुरू से ही सोलर फोटोवोल्टिक पावर प्लांट लगाना जरूरी होगा। साथ ही पुराने मकानों में भी कैटेगरी वाइज प्लांट लगाना होगा। इसके लिए थोड़ी छूट यह दी गई है कि इन संशोधित बिल्डिंग बायलॉज की नोटिफिकेशन होने के 2 साल तक पहले से बने घरों में रहने वाले लोग सोलर फोटोवोल्टिक प्लांट लगवा सकते हैं।

अब तक 118 रिहायशी घरों पर लगे सोलर प्लांट
क्रेस्ट  अब तक शहर में 118 रिहायशी घरों व प्राइवेट इंस्टीट्यूशन पर 1.95 मेगावॉट सोलर प्लांट इंस्टाल कर चुका है। इसके अलावा 28 सरकारी घरों पर भी सोलर प्लांट लगाए जा चुके है।

क्रेस्ट दे रहा 30 प्रतिशत सब्सिडी
चंडीगढ़ में ज्यादा से ज्यादा सोलर प्लांट को बढ़ावा देने के लिए क्रेस्ट व चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से लोगों को 30 प्रतिशत तक  सब्सिडी दी जा रही है। वहीं नेट मिट्रिंग के जरिए  विभाग को बिजली बेचने पर 8.72 से लेकर 9.19 रुपये सोलर टैरिफ दिया जा रहा है।
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