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बासमती का निर्यात बंद, टूटे भाव
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 17 Sep 2014 11:52 PM IST
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बाबैन में बासमती धान का निर्यात बंद होने से अनाज मंडियों में इन किस्मों के धान के भाव औंधे मुंह गिरे हैं। जिसको लेकर किसानों में भाजपा की केंद्र सरकार के प्रति रोष आखिर फूट पड़ा है।
बारीक धान के चावल का एक्सपोर्ट खोलने की मांग को लेकर किसानों ने अनाज मंडी बाबैन में प्रदर्शन कर रोष जताया।
किसानों का आरोप था कि बारीक किस्म के धान का भाव पिछले वर्ष की तुलना में इस साल एक हजार रुपये प्रति क्विंटल कम होने से उन्हें इस साल प्रति एकड़ 20 से 25 हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बारीक धान के चावल का निर्यात खोलने व धान का पूरा भाव दिलाने की मांग को लेकर आज अनाज मंडी बाबैन में किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
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किसानों ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भाजपा की केंद्र सरकार ने किसानों के बारीक धान के गिरते दामों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए तो किसान सड़कों पर बड़ा आंदोलन छेड़ने के लिए विवश हो जाएंगे।
बाबैन अनाज मंडी में धान बेचने आए किसान फूलसिंह कौलापुर, कर्मसिंह मलिक पुर, पाला राम कसीथल, सोहन चकचान पुर, धर्मसिंह, जनक राज छपरा व वासदेव पटाकमाजरा का कहना है कि पिछले साल उनकी 1509 किस्म धान का भाव 4000 रुपये, 1121 किस्म का भाव 4500 रुपये, बासमती किस्म का 6000 रुपये, सरबती व सुगंधा किस्मों का भाव 2800 रुपये प्रति किवटंल तक मिला था जो इस साल एक हजार रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गया है।
उनका कहना है कि भाव कम होने के अलावा पैदावार कम होने से उन्हें इस साल प्रति एकड़ 25 हजार रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है जो उनके लिए असहनीय है।
मंडी के व्यापारी नायब सिंह, जगमाल सिंह, लछमन सैनी व रमेश कुमार का कहना है कि धान के भाव कम होने से उनकी आढ़त कम बन रही है जिस कारण उन्हें भी बारीक धान की किस्मों के भाव कम होने के कारण काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
उनका कहना है कि बारीक धान का एक्सपोर्ट न होने से मंडी में धान का भुगतान समय पर नहीं हो पाता है जिसके कारण मंडी में भी आर्थिक संकट का खतरा है।
अभी सरकारी खरीद नहीं हुई शुरू : मेव
मार्केट सचिव राहुल मेव का कहना है कि अभी मंडी में बारीक धान की आवक शुरू हुई है जिसके दाम पिछले वर्ष की तुलना में कम है।
उन्होंने कहा कि अभी तक मंडी में 2000 किवंटल धान की आवाक हुई है जिसे व्यापारी ही खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा कि धान की सरकारी खरीद के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।
पिछले साल इस तरह मिले थे भाव (रेट प्रति किवटंल में)
1509 किस्म धान का भाव 4000 रुपये
1121 का भाव 4500 रुपये,
बासमती का 6000 रुपये
सरबती व सुगंधा का भाव 2800 रुपये
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बारीक धान के चावल का एक्सपोर्ट खोलने की मांग को लेकर किसानों ने अनाज मंडी बाबैन में प्रदर्शन कर रोष जताया।
किसानों का आरोप था कि बारीक किस्म के धान का भाव पिछले वर्ष की तुलना में इस साल एक हजार रुपये प्रति क्विंटल कम होने से उन्हें इस साल प्रति एकड़ 20 से 25 हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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बारीक धान के चावल का निर्यात खोलने व धान का पूरा भाव दिलाने की मांग को लेकर आज अनाज मंडी बाबैन में किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
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किसानों ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भाजपा की केंद्र सरकार ने किसानों के बारीक धान के गिरते दामों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए तो किसान सड़कों पर बड़ा आंदोलन छेड़ने के लिए विवश हो जाएंगे।
बाबैन अनाज मंडी में धान बेचने आए किसान फूलसिंह कौलापुर, कर्मसिंह मलिक पुर, पाला राम कसीथल, सोहन चकचान पुर, धर्मसिंह, जनक राज छपरा व वासदेव पटाकमाजरा का कहना है कि पिछले साल उनकी 1509 किस्म धान का भाव 4000 रुपये, 1121 किस्म का भाव 4500 रुपये, बासमती किस्म का 6000 रुपये, सरबती व सुगंधा किस्मों का भाव 2800 रुपये प्रति किवटंल तक मिला था जो इस साल एक हजार रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गया है।
उनका कहना है कि भाव कम होने के अलावा पैदावार कम होने से उन्हें इस साल प्रति एकड़ 25 हजार रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है जो उनके लिए असहनीय है।
मंडी के व्यापारी नायब सिंह, जगमाल सिंह, लछमन सैनी व रमेश कुमार का कहना है कि धान के भाव कम होने से उनकी आढ़त कम बन रही है जिस कारण उन्हें भी बारीक धान की किस्मों के भाव कम होने के कारण काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
उनका कहना है कि बारीक धान का एक्सपोर्ट न होने से मंडी में धान का भुगतान समय पर नहीं हो पाता है जिसके कारण मंडी में भी आर्थिक संकट का खतरा है।
अभी सरकारी खरीद नहीं हुई शुरू : मेव
मार्केट सचिव राहुल मेव का कहना है कि अभी मंडी में बारीक धान की आवक शुरू हुई है जिसके दाम पिछले वर्ष की तुलना में कम है।
उन्होंने कहा कि अभी तक मंडी में 2000 किवंटल धान की आवाक हुई है जिसे व्यापारी ही खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा कि धान की सरकारी खरीद के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।
पिछले साल इस तरह मिले थे भाव (रेट प्रति किवटंल में)
1509 किस्म धान का भाव 4000 रुपये
1121 का भाव 4500 रुपये,
बासमती का 6000 रुपये
सरबती व सुगंधा का भाव 2800 रुपये