कैप्टन ने कहा- पानी के बजाय जान दे दूंगा, मनोहर बोले- पानी हरियाणा आने से कोई नहीं रोक सकता
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य के सीमित जल संसाधन अन्य राज्यों को देने के बजाय वह अपनी जान देने के लिए तैयार हैं। विधानसभा में मुख्यमंत्री ने एलान किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंजूर रिपेरियन सिद्धांत के मुताबिक पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है और बेसिन से नॉन-बेसिन क्षेत्रों में पानी ले जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी घोषणा पत्र के मुताबिक उनकी सरकार की मुख्य प्राथमिकता राज्य के पानी की रक्षा करना है। उनकी सरकार पंजाब के पानी के हक की रक्षा के लिए अपने प्रयत्न जारी रखेगी, जिससे पंजाबी किसानों और भूमि रहित कृषि कामगारों के जीवन निर्वाह को यकीनी बनाया जा सके।
राज्य के बेशकीमती जल स्रोतों को बचाने के लिए उनकी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब जल स्रोत (प्रबंधन और नियम) एक्ट-2020 को लागू करने के अलावा सरकार ने ‘पानी बचाओ, पैसा कमाओ’ नाम से प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसका मकसद किसानों को भूजल का इस्तेमाल घटाकर पैसा कमाने और पानी बचाने के लिए उत्साहित करना है।
इस प्रोजेक्ट के तहत कृषि के लिए बिजली उपभोक्ता को साल के हर महीने तय बिजली का हकदार बनाया गया है। किसानों को कोई भी बिल जारी नहीं किया जाता और इस प्रोजेक्ट का बजट 2020-21 में बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार 2022-23 में शाहपुर कंडी डैम प्रोजेक्ट का काम पूरा कर लेगी।
इसी सत्र में लाया जाएगा लोकपाल बिल
सार्वजनिक सेवाओं में और अधिक जवाबदेही तय करने के लिए मुख्यमंत्री ने एलान किया कि राज्य सरकार ने एक नया लोकपाल कानून बनाने का फैसला किया है। इसे पंजाब विधानसभा के इसी सत्र में पेश किए जाने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री से लेकर नीचे तक सभी अधिकारी इस कानून के घेरे में आएंगे।
एसवाईएल का पानी हरियाणा आने से कोई नहीं रोक सकता: मनोहर
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने एसवाईएल को लेकर पंजाब पर जवाबी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एसवाईएल का पानी हरियाणा आने से कोई नहीं रोक सकता है। पंजाब के सीएम पर पलटवार करते हुए मनोहर लाल बोले कि वो शहीद होंगे या नहीं, यह तो पता नहीं, पर पानी जरूर आएगा। सुप्रीम कोर्ट ने हमारे पक्ष में फैसला दिया हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट पर किसी का बंधन नहीं है। हमें उम्मीद है कि जल्द एसवाईएल नहर निर्माण की जिम्मेदारी किसी केंद्रीय एजेंसी को मिलेगी। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा को एसवाईएल पर पीएम से मुलाकात करने के मामले को बेवजह नहीं खींचना चाहिए। पीएम से बात होने के बाद ही इस मामले में तत्कालीन गृह मंत्री से मुलाकात हुई थी।
हम अपने हक की एक-एक बूंद लेंगे: हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि एसवाईएल में अपने हिस्से के पानी की एक-एक बूंद लेकर रहेंगे। हम किसी का हक नहीं छीन रहे, अपना हक मांग रहे हैं। सीएम जहां चलने को कहेंगे, वहां जाने को तैयार हैं। विधायक किरण चौधरी ने कहा कि एसवाईएल प्रदेश की जीवनरेखा है। इस पर हम सब एकजुट हैं। हमें अपने हक का पानी मिलना ही चाहिए।