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बारिश से किसानों को हुए नुकसान के लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार : हुड्डा
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चंडीगढ़। बारिश के चलते किसानों को हुए नुकसान के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। क्योंकि बार-बार चेतावनी के बावजूद उसने वक्त रहते मंडियों में कोई व्यवस्था नहीं की। यह कहना है पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का। शनिवार को हुई बारिश के चलते मंडियों में किसानों की फसल भीगने पर हुड्डा ने कहा कि सरसों की आवक शुरू होते ही उन्होंने बार-बार सरकार से मंडियों में सुचारू खरीद, बारदारने, तिरपाल व जल्द उठान की व्यवस्था करने की मांग की थी लेकिन बीजेपी सरकार अंधी-बहरी बनी बैठी रही। अब प्रदेश भर के किसानों को इस सरकारी अनदेखी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। किसानों ने हुड्डा को बताया कि मंडियां अनाज से अटी पड़ी हैं क्योंकि अब तक नियमित खरीद व उठान की कोई व्यवस्था नहीं हुई। उठान नहीं होने के चलते किसानों को भुगतान भी नहीं हो रहा है। एकबार फिर 72 घंटे के भीतर भुगतान का सरकारी दावा हवा-हवाई साबित हुआ है। किसानों को अपनी फसल मंडियों के बाहर सड़कों पर रखनी पड़ रही है। अब बारिश के चलते भारी मात्रा में 6 महीने की दिनरात मेहनत से तैयार की गई फसल खुले आसमान के नीचे भीग रही है।
हुड्डा ने एक बार फिर सरकार से जल्द उठान, भुगतान व मंडियों में तमाम जरूरी व्यवस्थाएं करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि पोर्टल का जंजाल खत्म करके जल्दी से जल्दी फसल को खरीदा जाए ताकि किसान अगले सीजन की तैयारी करें। साथ ही बारीश की वजह से जिन किसानों को नुकसान हुआ है उनकी भरपाई सरकार द्वारा की जानी चाहिए। अनाज भीगने के चलते नमी में छूट की लिमिट को भी बढ़ाना चाहिए।
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हुड्डा ने एक बार फिर सरकार से जल्द उठान, भुगतान व मंडियों में तमाम जरूरी व्यवस्थाएं करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि पोर्टल का जंजाल खत्म करके जल्दी से जल्दी फसल को खरीदा जाए ताकि किसान अगले सीजन की तैयारी करें। साथ ही बारीश की वजह से जिन किसानों को नुकसान हुआ है उनकी भरपाई सरकार द्वारा की जानी चाहिए। अनाज भीगने के चलते नमी में छूट की लिमिट को भी बढ़ाना चाहिए।
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