Startup Policy: चंडीगढ़ प्रशासन ने जारी किया स्टार्टअप नीति का ड्राफ्ट, तीन साल तक टैक्स होगा माफ
चंडीगढ़ में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए यूटी प्रशासन ने अपनी नीति बनाई है। बीते दिनों स्टार्टअप नीति का ड्राफ्ट जारी किया गया। इसमें उद्यमियों के लिए कई तोहफे हैं। नीति में स्टार्टअप शुरू करने वालों के टैक्स को तीन साल तक के लिए माफ करने का प्रावधान है। इसके अलावा अगर स्टार्टअप शुरू करने के बाद उसमें कोई समस्या आती है तो कंपनी को बंद करने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है।
नीति के ड्राफ्ट में कहा गया है कि स्टार्टअप को टैक्स में तीन साल के लिए छूट मिलेगी। ये छूट स्टार्टअप द्वारा लाभांश के गैर-वितरण के अधीन उपलब्ध होगी। इसके अलावा कैपिटल गेन्स और उचित बाजार मूल्य से ऊपर के निवेश पर भी टैक्स से उद्यमियों को छूट मिलेगी। ये बड़ी राहत है। स्टार्टअप के लिए क्रेडिट गारंटी फंड भी होगा। लोन देना एक उच्च जोखिम वाला क्षेत्र है। इसलिए बैंकों और अन्य उधारदाताओं को स्टार्टअप को लोन देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट कंपनी (एनसीजीटीसी) व सिडबी के माध्यम से अगले चार वर्षों के लिए प्रति वर्ष 500 करोड़ रुपये के बजटीय कोष के साथ क्रेडिट गारंटी तंत्र की परिकल्पना की जा रही है। ड्राफ्ट के अनुसार अगर किसी कंपनी में समस्या आती है तो उसे बंद करना आसान होगा। जिन्होंने कम मात्रा में लोन लिया होगा उन्हें 90 दिन के अंदर फास्ट ट्रैक के आधार पर कंपनी को बंद करने की व्यवस्था की जाएगी। प्रोसेस को भी आसान बनाया जाएगा।
नीति का ड्राफ्ट जारी मगर सुझाव-आपत्ति कहां दर्ज कराएं...बताया नहीं
यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने बुधवार को सीआईआई के एक कार्यक्रम में कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर के लिए एक स्टार्टअप नीति बना ली है जिसका ड्राफ्ट भी जारी कर दिया है। लोग उस पर अपने सुझाव व आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद प्रशासन ने भी अपनी वेबसाइट पर पब्लिक नोटिस की कैटेगरी में ड्राफ्ट को अपलोड कर दिया लेकिन ये नहीं बताया गया कि लोग अपने सुझाव व आपत्तियां कहां दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन की वेबसाइट पर भी इसका कोई जिक्र नही है।
नीति को लागू कराने के लिए बनेगी नोडल एजेंसी
नीति के नियमों को लागू कराने के लिए एक एजेंसी बनाई जाएगी जिसका दफ्तर जिला उद्योग केंद्र में होगा। वह चंडीगढ़ स्टार्टअप नीति को लागू करने से जुड़ी दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होगा। इसमें नियुक्त नोडल अधिकारी के नेतृत्व में एक समर्पित टीम शामिल होगी और इसे अलग से अधिसूचित किया जाएगा। यह स्टार्टअप पोर्टल का निर्माण, स्टार्टअप्स के लिए शिकायत निवारण, इंसेंटिव देने और गतिविधियों का संचालन और कार्यकारी परिषद को प्रगति की रिपोर्ट देगा।