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Chandigarh News: संपत्ति कर के 83 करोड़ वसूलने के लिए 1000 टॉप डिफॉल्टर्स को नोटिस भेजना शुरू, बड़ी कार्रवाई की चेतावनी

Wed, 09 Oct 2024 05:36 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Oct 2024 05:36 AM IST
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Started sending notices to 1000 top defaulters to collect Rs 83 crore in property tax, warning of major action
चंडीगढ़। संपत्ति कर जमा न करने वालों के खिलाफ नगर निगम बड़े कार्रवाई की तैयारी में है। निगम ने व्यावसायिक संपत्तियों के टॉप 1000 डिफॉल्टर्स की सूची बनाई है और उन्हें नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। सभी को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इन पर करीब 83 करोड़ बकाया है। आवासीय संपत्तियों के भी टॉप 1000 डिफॉल्टर्स की सूची तैयार की जा रही है। कई सरकारी बिल्डिंग भी हैं, जिन पर करोड़ों रुपये बकाया है। इनमें स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, अस्पताल और बिजली विभाग समेत अन्य हैं।
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नगर निगम वित्तीय संकट से जूझ रहा है और संपत्ति कर निगम के राजस्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सबसे ज्यादा संपत्ति कर व्यावसायिक संपत्तियों का बकाया है, इसलिए निगम ने सबसे पहले इन्हें ही नोटिस भेजने शुरू किए हैं। निगम के एक अधिकारी के अनुसार 10 से 15 नोटिस भेजे जा चुके हैं और अन्य को भी आने वाले दिनों में जारी किया जाएगा। नोटिस भेजने के बाद पैसे जमा कराने का समय दिया जाएगा। फिर भी कर जमा नहीं कराया जाता है तो संपत्ति सील करने की भी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि संपत्ति कर नगर निगम की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जिससे शहर के विकास कार्यों और बुनियादी सेवाओं को सुनिश्चित किया जाता है। जो लोग समय पर कर जमा नहीं करते, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। व्यावसायिक के बाद टॉप 1000 आवासीय संपत्तियों के डिफॉल्टर्स की भी सूची तैयार की जा रही है। हालांकि, इनका संपत्ति कर कम है।
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स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, अस्पताल, शिक्षण संस्था, बिजली विभाग का भी कर बकाया
कुछ सरकारी बिल्डिंग हैं, जिनका संपत्ति कर दो से चार करोड़ रुपये तक बकाया है। कई ऐसे भी हैं, जिनपर लाखों रुपये का संपत्ति कर बकाया है। ये स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, अस्पताल, शिक्षण संस्थाएं, बिजली विभाग, जिला अदालत व अन्य हैं। इसके अलावा पीयू और पीजीआई के संपत्ति कर को लेकर भी निगम में कई स्तर पर बैठकें हो चुकी हैं। निगम की कोशिश है कि संपत्ति कर, वेंडर लाइसेंस फीस व अन्य तरह से बकायों को किसी तरह वसूला जाए ताकि राजस्व में वृद्धि हो। सबसे ज्यादा करीब 83 करोड़ रुपये व्यावसायिक डिफॉल्टर्स पर संपत्ति कर बकाया है। निगम के एक अधिकारी ने बताया कि टॉप डिफॉल्टर्स को संपत्ति कर जमा कराने के लिए कई बार समय दिया जा चुका है। वह जानबूझकर संपत्ति कर नहीं देना चाहते इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। संपत्ति सील करने की कार्रवाई भी होगी।
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मार्च में चार संपत्तियां की थी सील, कुल 15,52,221 रुपये था बकाया
संपत्ति कर न चुकाने वालों पर निगम अब सख्ती बरत रहा है। मार्च महीने में निगम ने सेक्टर-17, सेक्टर-26, औद्योगिक क्षेत्र और हल्लोमाजरा में चार व्यावसायिक संपत्तियों को सील कर दिया था। इन पर कुल 15,52,221 रुपये का बकाया था। संपत्ति कर शाखा ने इन बकाएदारों को कर का भुगतान करने के लिए कई मौके दिए थे लेकिन इन्होंने पैसे जमा नहीं कराए। इनमें सेक्टर-17बी के दुकान नंबर 107-108 पर 2,29,634 रुपये, सेक्टर-26 में एससीओ नंबर-45 पर 3,07,051 रुपये, औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 के प्लॉट नंबर-28/5 पर 7,74,306 रुपये और हल्लोमाजरा के प्लॉट नंबर-1842 पर 2,41,230 रुपये बकाया था।

--- वित्त वर्ष 2024-25 में संपत्ति कर की वसूली ---
कुल - 48.46 करोड़ रुपये
व्यावसायिक - 35.33 करोड़ रुपये
आवासीय - 13.13 करोड़ रुपये
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