हरियाणा: नियुक्ति के आठ साल बाद पक्के होंगे आरोही मॉडल स्कूलों के 308 कर्मचारी, मुख्यमंत्री ने दी हरी झंडी
प्रदेश के पिछड़े क्षेत्र में सरकार ने हरियाणा बैकवर्ड ब्लॉक एजुकेशनल सोसायटी के अंतर्गत 36 आरोही मॉडल स्कूल खोले हैं। 2013 में स्कूल खोलने के समय सोसायटी ने अपने बायलॉज में स्टाफ को पांच साल बाद पक्का करने का प्रावधान किया था, मगर पांच साल जब पक्का होने की बारी आई तो वित्त विभाग ने अनेक आपत्तियां लगा दीं।
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हरियाणा के आरोही मॉडल स्कूलों के स्टाफ के पक्का होने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नियमितीकरण को हरी झंडी दे दी है। वित्त विभाग से भी कुल 308 शिक्षक और गैर शिक्षक स्टाफ को पक्का करने की मंजूरी मिल गई है। नियुक्ति के आठ साल बाद ये कर्मचारी पक्के होंगे। नियुक्ति के पांच साल बाद इन्हें पक्का होना था। प्रदेश के पिछड़े क्षेत्र में सरकार ने हरियाणा बैकवर्ड ब्लॉक एजुकेशनल सोसायटी के अंतर्गत 36 आरोही मॉडल स्कूल खोले हैं। इनमें लगभग 11000 बच्चे अध्ययनरत हैं। इन स्कूलों में प्रिंसिपल, शिक्षकों समेत कुल 308 कर्मचारी कार्यरत हैं।
2013 में स्कूल खोलने के समय सोसायटी ने अपने बायलॉज में स्टाफ को पांच साल बाद पक्का करने का प्रावधान किया था, मगर पांच साल जब पक्का होने की बारी आई तो वित्त विभाग ने अनेक आपत्तियां लगा दीं। जबकि इन कर्मचारियों को पक्का करने में नियमानुसार कोई अड़चन नहीं थी। यह सोसायटी पहले केंद्र सरकार से वित्त पोषित थी, जिसे बाद में प्रदेश सरकार के अधीन कर दिया गया।
सोसायटी के तहत संचालित स्कूलों का स्टाफ पहले से ही पक्के कर्मचारियों समान वित्तीय लाभ ले रहा है। इन्हें सरकार छठा वेतनमान दे चुकी है। सातवां वेतनमान 1-1-2016 से मिलना था, लेकिन नियमितीकरण के मामले के साथ यह लाभ भी अटक गया। अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर वित्त विभाग के राजी होने से कर्मचारी न केवल पक्का होंगे, बल्कि वेतन में दस से पंद्रह हजार रुपये का भी इजाफा होगा।
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बुधवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से आरोही मॉडल स्कूलों का प्रतिनिधिमंडल मिला। इस दौरान वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव महावीर सिंह व सेकेंडरी शिक्षा निदेशक जे. गणेशन भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रसाद से पूछा कि इन कर्मचारियों को पक्का करने में अभी कोई अड़चन है या नहीं, इस पर वित्त सचिव ने कहा कि नहीं, इन्हें पक्का किया जा सकता है। प्रतिनधिमंडल में शामिल डॉ. मनीष कुमार ने बताया कि स्टाफ को पक्का करने से संबंधित सभी शंकाओं को सोसायटी व शिक्षक पहले ही दूर कर चुके थे।