कहने को संत, चाहिए जेड सिक्योरिटी: श्री श्री
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श्रीश्री रविशंकर ने सरकार द्वारा साधु-संतों को दी जाने वाली सिक्योरिटी के बारे में अपने विचार रखे। श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि साधु-संतों को किसी तरह की हाई सिक्योरिटी की कोई जरूरत नहीं है।
अगर इंटेलिजेंस इसकी सिफारिश करती है तो वह बात अलग है। श्री श्री रविशंकर सोमवार सायं आर्य पीजी कालेज में एडिटर मीट में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
हाल ही में स्वामी रामेदव को मिली जैड प्लस सिक्योरिटी के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके नजरिए से साधु-संतों को हाई सिक्योरिटी की कोई जरूरत नहीं है। अगर इंटेलिजेंस एजेंसी साधु-संत की सुरक्षा को लेकर सरकार को सिफारिश करती है तो यह बात अलग है।
रामपाल को करना चाहिए था कानून का पालन
श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि रामपाल दास के बारे में बातचीत में कहा कि वे सच्चे थे तो उन्हें कानून से भागने की बजाय उसका सम्मान करना चाहिए था।
इस प्रकरण में जिस तरह से रामपाल ने श्रद्धालुओं को कवच के रूप में इस्तेमाल किया उससे धर्म व संतों को लेकर लोगों के मन को ठेस पहुंची। किसी भी साधु-संत को यह शोभा नहीं देता।
एक सवाल का उत्तर देते हुए कहा कि आशाराम व रामपाल को ऐसा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य आरोप लगने के बाद जेल गए और करीब नौ साल तक जेल में रहे। बाद में कोर्ट ने निर्दोष पाए जाने पर उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया।
संत समाज को भटकाव से रोकने को बने काउंसिल
श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि जाने-अनजाने में अगर कोई भूल हुई हो तो क्षमा मांग लेनी चाहिए। अगर संत दोष छुपा के रखते हैं तो संतत्व चला जाता है और सिर्फ दोष रह जाता है। ऐसे ही पहले भी कई प्रकरणों में हो चुका है।
इससे संत समाज की छवि प्रभावित होती जिसका खामियाजा निर्दोष संतों को भी झेलना पड़ता है। उनकी राय है कि संतों को भटकाव से रोकने के लिए साधु-संतों की एक काउंसिल का गठन होना चाहिए।
सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त इस काउंसिल का नियंत्रण संतों द्वारा ऑपरेट की जाने वाली गैर सरकारी संस्था के हाथों में होना चाहिए। यह संस्था संत समाज के क्रिया कलापों पर बराबर नजर रखे तो मैं समझता हूं कि संत समाज की आड में कुछ लोगों द्वारा की जाने वाली उल्टी-सीधी हरकतों पर अंकुश लग सकेगा।
खाप से मिलकर जानूंगा राय
उन्होंने कहा कि खापों के बारे में काफी कुछ सुना है। उनको लेकर उन्हें काफी जिज्ञासा है। हरियाणा प्रवास के दौरान खापों से भी मिलेंगे। वे समाज के किसी भी अंग को अछूता नहीं छोड़ना चाहते।
खापों से मिलकर उन्हें समझना चाहता हूं। जानना चाहता हूं कि वे समाज वे देश की प्रगति के बारे में क्या विचार रखते हैं। उनका मनाना है कि देश को आगे ले जाने में हर वर्ग अहम भूमिका निभा सकता है।
मोदी सरकार की तारीफ की
मोदी सरकार के एक सवाल के जवाब में श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि उन्हें सत्ता में आए हुए सिर्फ छह माह ही हुए हैं। किसी भी क्षेत्र में पकड़ बनाने के लिए थोड़ा समय चाहिए।
सफाई अभियान से लेकर अन्य कई क्षेत्रों में सरकार अच्छा काम कर रही है। इन कार्यों की गूंज दूसरे देशों में भी जा रही है। इससे दुनियाभर में देश का मान-सम्मान बढ़ा है। अभी सरकार को लेकर और इससे अधिक तुरंत निर्णय नहीं लूंगा।