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Hindi News ›   Chandigarh ›   Sri Akal Takht Sahib Jathedar statement on Singhu Border Case

श्री अकाल तख्त साहिब का बयान: बेअदबी की घटनाओं में इंसाफ नहीं मिलने से हुई सिंघु बॉर्डर पर कत्ल की घटना

Mon, 18 Oct 2021 12:12 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Mon, 18 Oct 2021 12:12 PM IST
सार

सिंघु बॉर्डर मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मामले की हर पहलू से जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की। साथ ही संदेह व्यक्त किया कि बेअदबी की घटनाओं से सिखों की भावनाओं को भड़काने की कोशिश की जा रही है। वहीं पंजाब में सांप्रदायिकता और जातिवाद को भड़काने की साजिश भी हो सकती हैं।

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Sri Akal Takht Sahib Jathedar statement on Singhu Border Case
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह - फोटो : फाइल

विस्तार

सिंघु बॉर्डर कत्ल मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बेअदबी की असहनीय घटनाओं में इंसाफ देने में न्यायपालिका की असफलता के चलते ही सिंघु बॉर्डर की घटना का जन्म हुआ है।

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उन्होंने सरकार और पुलिस से कहा कि घटना की धार्मिक संवेदनशीलता और भावनात्मकता की गंभीरता देखते हुए इसे सिर्फ अमन और कानून के मसले के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने मीडिया कर्मियों को नसीहत देते हुए कहा कि वे इस घटना के अधूरे पक्ष दिखा सिखों का अक्स खराब करने से गुरेज करें।

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ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की पिछले पांच-छह सालों के दौरान पंजाब में 400 से अधिक घटनाएं घटी हैं, जिनमें कानून एक भी दोषी को सजा नहीं दे सका। इस कारण ही सिखों की कानून के प्रति विश्वास की भावना को भारी ठेस पहुंची है।

उन्होंने घटना को कानून व्यवस्था की असफलता बताया और हर पहलू से जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की, जिससे दुनिया के सामने सिख कौम का सही पक्ष पेश किया जा सके। उन्होंने रविवार को यह बयान कुछ राजनीतिक दलों की ओर से इसे धार्मिक मुद्दा बनाए जाने के बाद दिया।
  
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की प्राथमिक भूमिका में लिखा है कि, ‘कोई मानव हिंसक रास्ते पर तभी चलता है, जब कानून उसके मानवीय अधिकारों को सुरक्षित रखने में असफल होता है।’  उन्होंने कहा कि इस मामले की किसी निष्पक्ष एजेंसी से सभी पहलुओं की गहराई से जांच करवाई जानी चाहिए, जिससे सच्चाई संगत में लाई जा सके और साजिश और इसके पीछे काम करने वाली शक्तियों के मकसद को संगत के सामने लाया जा सके।

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