फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Special Talk with punjabi poetess Sukhwinder Amrit

Chandigarh: मां ने चूल्हे में डाल दी थी कवयित्री सुखविंदर अमृत की कविताएं... बहुत समझाने पर पति लाए थे पेन

Fri, 09 Feb 2024 03:34 PM IST
निवेदिता वर्मा नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 09 Feb 2024 03:34 PM IST
सार

कवयित्री सुखविंदर अमृत की शादी 17 वर्ष की उम्र में हो गई थी। मायके में उनकी मां ने कविता की कॉपी और पेन चूल्हे में जला दिए थे। मां-बाप से सहयोग नहीं मिला तो लगा कि ससुराल में बेहतर होगा लेकिन ससुराल वालों में भी वही मानसिकता थी। फिर पति के सहयोग से उन्होंने पढ़ाई शुरू की।

विज्ञापन
Special Talk with punjabi poetess Sukhwinder Amrit
सुखविंदर अमृत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब की प्रसिद्ध कवयित्री सुखविंदर अमृत ने जब कविताएं लिखी तो मायके में उन्हें पढ़ने से रोका गया। ससुराल ने भी शिक्षा का विरोध किया। अब उनकी कविताएं स्कूल कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ाई जाती हैं। क्योंकि कला फना नहीं होती, कविता अमर है, कविता नहीं जलती।
विज्ञापन


अमृत कहती हैं कि दोनों परिवारों में एक ही चूल्हा था जिनमें लकड़ियों के साथ मेरी कविताएं जलती थीं। सेक्टर 16 के पंजाब कला भवन में कवि दरबार में शामिल होने आईं अमृत से अमर उजाला ने खास बात की। 
विज्ञापन


सुखविंदर अमृत ने कहा कि पंजाब के लिए लुधियाना के गांव सदरपुरा के सरकारी स्कूल में नौवीं तक पढ़ाई की। स्कूल के शिक्षक ने कविता देखकर आशीर्वाद दिया। नौवीं में जब पढ़ती थीं तो उसी समय मां का हाथ टूट गया। उसके बाद पढ़ाई छूट गई। उन्होंने कहा कि पढ़ाई छूटने पर ऐसा लगा कि सपने टूट गए। सभी दरवाजे बंद हो गए। अब रोटी बनाने और मार खाकर ही जिंदगी बसर करनी पड़ेगी, रोती थीं और अवसाद में रहने लगीं। उस दौरान अंदर से आवाज आई कि लड़कियों के दो-दो घर होते हैं। मायका और ससुराल।
विज्ञापन
विज्ञापन


17 वर्ष की उम्र में शादी हो गई। सोचा कि ससुराल में मेरी पढ़ाई में सहयोग मिलेगा। मेरी मां ने मेरी कविता की कॉपी और पेन चूल्हे में जला दिए थे। मां ने कहा कि पिता को पता चलेगा कि कविता लिखती है तो तुझे मार डालेंगे। मां-बाप से सहयोग नहीं मिला तो लगा कि ससुराल में बेहतर होगा। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि उनकी शादी हो जाए। ससुराल में ही पढ़ूंगी। लेकिन ससुराल वालों में भी वही मानसिकता थी।

ससुराल की दीवार ऊंची कर दी गई
सुखविंदर अमृत ने कहा कि जब शादी हुई तो ससुराल में कहा गया कि ब्याही लड़की स्कूल नहीं जाती। घर का चूल्हा चौका संभालो। कविता जलाने वाला चूल्हा ससुराल में भी था। एक कॉपी मंगवाई, दुख लिखना शुरू किया। ससुराल की दीवारें ऊंची कर दी गईं। बांस की सीढ़ी थी, जिससे छत पर जाते थे। उस सीढ़ी को हटा दिया गया ताकि छत पर न जा पाएं। पहले घर का गेट खुला होता था अब गेट भी बंद हो गया। जेल की जैसी जिंदगी हो गई। इस पर एक कविता लिखी। उन्होंने लिखा कि मैं किसनूं अपना आखां, कि ऐथे कौन है मेरा, मैं कल पेके पराई सी ते अज सौरे पराई है।

पति को कहा-किसी पढ़े लिखे से पूछना पढ़ाई कितना जरूरी है...
सुखविंदर कौर शादी के बाद लुधियाना अपने ससुराल आ गई। 12 वर्ष के बाद पति को मुझ पर विश्वास हुआ और दसवीं में नाम लिखवाया। पति मैकेनिक थे। गरीब की बेटी गरीब की बहु बनी। पति कमाकर लाते उसे जोड़ती रही। बच्चों को पढ़ाया। फिर अपने पति से कहा कि बच्चों की कसम है। आपके गैराज पर कई पढ़े लिखे लोग गाड़ी ठीक करवाने आते हैं। उनसे पूछना और मुझे बताना कि पढ़ाई अच्छी या बुरी। यदि लोग कहेंगे पढ़ाई बुरी है तो फिर कभी पढ़ने के लिए आपसे नहीं बोलूंगी।


पति के पास एक कॉलेज के प्रोफेसर अपनी गाड़ी ठीक कराने आए। उन्हीं से पूछा पढ़ाई क्या होती है। कोई पढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई बहुत जरूरी है। पढ़ाई कर ही किताब लिखते हैं, जिसे पढ़कर लोग आगे बढ़ते हैं। उसके बाद पति ने किताब और पेन मंगवाया। दसवीं में नाम लिखवाया। 26 वर्ष की उम्र में 10वीं पास की। दसवीं में 58 प्रतिशत अंक आए। 12वीं में फर्स्ट की। बीए और एमए किया। अब तक नौ किताबें लिखी हैं। दसवीं किताब आने वाली है। मेरे बेटे और बेटी आस्ट्रेलिया में रहते हैं। खुशहाल जिंदगी है। उनकी पुस्तक निलीआ मेरा वे के अंश अकाल यूनिवर्सिटी, हजार रंगां दी लाट लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, धुंध दी चुन्नी सेंट्रल यूनिवर्सिटी हिमाचल प्रदेश और पुनिया गुरुननानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर में पढ़ाई जा रही है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed