हरियाणा: ड्रोन से भी होगी विशेष गिरदावरी, पोर्टल पर पंजीकृत किसानों से पहले खरीदी जाएगी फसल
- तहसीलदार, नायब तहसीलदार को जल्दी नुकसान की रिपोर्ट भेजने के निर्देश।
- सीएम की सदन में घोषणा, हर प्रभावित किसान को मिलेगा मुआवजा।
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हरियाणा में ओलवावृष्टि और बारिश से फसलों को पहुंचे नुकसान की गिरदावरी पटवारियों के साथ ही सरकार ड्रोन के जरिये भी कराएगी। तहसीलदार व नायब तहसीलदारों को गिरदावरी पूरी कर नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट जल्दी बनाकर भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। सीएम मनोहर लाल ने विधानसभा में यह जानकारी दी।
शून्यकाल में कांग्रेस विधायकों भूपेंद्र हुड्डा, गीता भुक्कल, आफताब अहमद, जगबीर मलिक, राव दान सिंह व किरण चौधरी ने फसलों को बारिश व ओलावृष्टि से नुकसान का मुद्दा उठाया। वे इस पर चर्चा की मांग करने लगे। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि इस पर विपक्ष का ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगा हुआ है। मंगलवार को उस पर चर्चा कर लें।
सीएम ने बताया कि जिला महेंद्रगढ के कनीना तहसील के गांव पाथेडा, मानपुरा व ढाणा में विशेष गिरदवारी करवाई जाएगी। जिला रेवाड़ी में मनेठी तहसील के गांव मनेठी, पाडला, पाली, चिता डूंगरा, माजरा मुरतील भालखी, भालखी, खोल, नांधा, बलवाड़ी, मामाडिया ठेठर, मामडिया अहीर, मामडिया आसमपुर, कढू, उर्फ भवानीपुरा, चिमनावास, प्राणपुरा, आलियावास, रोलियावास, बोहतवास अहीर, बंगडवा, माखरिया, भटेडा, कोलाना, गोठडा टप्पा खोरी, खोरी, नंगला मायण, बासदूदा, नांगल जमालपुर, ऊंचा, अहरौद और बावल तहसील के गांव साबन, टांकडी, नरसिंहपुर गढी, बेरवाल, आरामनगर तथा डहीना तहसील के गांव मंदौला, श्रीनगर, बोहका, निमोठ, ढाणी ठेठर बाढ, खालेटा, मायण, धवाना, लुहाना, जैनाबाद और सीहा गांवों में गिरदवारी होगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा में कहा कि जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि से रबी फसलों को नुकसान हुआ है, वहां पर विशेष गिरदावरी के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। फसलों के नुकसान का आंकलन कर किसानों को उनके नुकसान की भरपाई जल्दी मुआवजा देकर करेंगे। सरकार किसानों को हुए नुकसान से चिंतित है। 29 फरवरी को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण रेवाड़ी और महेंद्रगढ़, नूंह, झज्जर, चरखी दादरी, भिवानी जिलों के विभिन्न गावों में फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। रेवाड़ी में रविवार को ही सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल प्रभावित किसानों के खेतों का जायजा ले चुके हैं।
पोर्टल पर पंजीकृत किसानों से पहले खरीदी जाएगी फसल
हरियाणा में मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की फसल की खरीद पहले की जाएगी। इसके बाद पोर्टल पर पंजीकृत न होने वाले किसानों की उपज की खरीद होगी। अंत में पड़ोसी राज्यों के किसानों की उपज खरीदी जाएगी, चाहे वे किसान उत्तर प्रदेश के हों, पंजाब या राजस्थान के। पोर्टल पर पंजीकरण कराने से किसानों को फसल बेचने के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।
यह किसानों के लिए लाभकारी है। इसका महत्व किसानों को समझना होगा। किसान किसी के बहकावे में न आएं। सीएम मनोहर लाल ने यह घोषणा विधानसभा में विपक्ष के मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर सवाल उठाने के बाद की। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल प्रदेश के किसानों के हित में है। हर छह महीने बाद किसान अपने बोए हुए रकबे की जानकारी इस पर अपलोड करें ताकि सरकार के पास जितनी जानकारी रहेगी उतना ही किसानों को लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि वह निरंतर पोर्टल को लेकर जानकारी लेते रहते हैं। सोमवार दोपहर 3.50 बजे तक 44,10,000 एकड़ रकबे का पंजीकरण किसानों ने करवाया था, जो एक घंटे बाद ही बढ़कर 44,13,000 एकड़ हो गया। किसान को फसल कटाई से पहले-पहले अपनी फसल का पंजीकरण करवाना होता है। फसल कटाई के बाद कृषि व राजस्व विभाग अलग से इस पोर्टल पर अपना ब्योरा दर्ज करवाते हैं, जिसका मिलान किसान के दर्ज रकबे से किया जाता है।