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एप के साथ फोन से भी बुक करा सकेंगे कैब, ये करना होगा आपको
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 14 Sep 2016 01:54 AM IST
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Cab Booking
- फोटो : Demo Pic
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जल्द ही एप के साथ फोन से भी कैब बुक करवाई जा सकेगी। शहर में अपनी सेवाएं दे रही उबर कैब इसकी शुरुआत करने जा रही है। इसका सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो एप का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं।
उबर के जनरल मैनेजर नीतिश भूषण ने चंडीगढ़ पहुंचने पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उबर ऐसे कई नए फीचर्स पर काम कर रही है। इससे लोगों को सीधा फायदा होगा। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक को कम करने के लिए वह उबर पूल सिस्टम भी शुरू करने जा रही है, जिसमें एक ही जगह जाने वाले लोग पूल सिस्टम की मदद से एक ही कैब में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे किराया तो आधा होगा ही सड़कों पर गाड़ियां भी कम होंगी और लोगों का बजट बचेगा।
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उबर के जनरल मैनेजर नीतिश भूषण ने चंडीगढ़ पहुंचने पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उबर ऐसे कई नए फीचर्स पर काम कर रही है। इससे लोगों को सीधा फायदा होगा। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक को कम करने के लिए वह उबर पूल सिस्टम भी शुरू करने जा रही है, जिसमें एक ही जगह जाने वाले लोग पूल सिस्टम की मदद से एक ही कैब में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे किराया तो आधा होगा ही सड़कों पर गाड़ियां भी कम होंगी और लोगों का बजट बचेगा।
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महिलाओं की सुरक्षा को दे रहे तरजीह
कैब
- फोटो : Demo Pic
नीतिश ने बताया कि चंडीगढ़ में उबर को दो साल हो चुके हैं। महिलाओं की सुरक्षा को विशेष तौर पर तरजीह दी जा रही है। एप के अंदर ही एसओएस बटन दिया गया है, जिसको दबाते ही पुलिस को सूचना मिल जाएगी। इसके अलावा कस्टमर ड्राइवर के व्यवहार को देखते हुए बाद में रेटिंग देता है। रेटिंग गिरने पर ड्राइवर की ट्रेनिंग करवाई जाती है। यही मानक कस्टमर के लिए भी है।
एप कैब पॉलिसी में कुछ बदलाव के लिए दिए सुझाव
नीतिश ने बताया कि नज ऑनलाइन के जरिए यह पता चल सकेगा कि ड्राइवर कितने घंटों से लगातार गाड़ी ड्राइव कर रहा है। ओवरटाइम होने पर तुरंत ड्राइवर को गाड़ी रोकने के लिए मैसेज जाएगा। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन ऑन डिमांड ट्रांसपोर्टेशन टेकभनोलॉजी एग्रीगेर्ट्स रूल्स-2016 बना रहा है। उन्होंने भी कुछ प्वाइंट्स एसटीए के पास दर्ज कराए हैं, जिसमें कैब के अंदर सीसीटीवी लगाना भी एक है। सीसीटीवी कस्टमर की प्राइवेसी को खत्म कर देगा। वह इस पर एतराज भी जता सकता है।
साथ में इसकी फुटेज स्टोरेज भी मुश्किल काम है। फुटेज से छेड़छाड़ होने का खतरा रहेगा। दूसरा मामला डिजिटल मीटर और प्रिंटर लगाए जाने का है। वह पहले से ही कस्टमर को बिल उपलब्ध करवा रहे हैं। डिजिटल मीटर और प्रिंटर का कोई औचित्य समझ नहीं आ रहा। अपनी आपत्तियां वह दर्ज करा चुके हैं।
एप कैब पॉलिसी में कुछ बदलाव के लिए दिए सुझाव
नीतिश ने बताया कि नज ऑनलाइन के जरिए यह पता चल सकेगा कि ड्राइवर कितने घंटों से लगातार गाड़ी ड्राइव कर रहा है। ओवरटाइम होने पर तुरंत ड्राइवर को गाड़ी रोकने के लिए मैसेज जाएगा। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन ऑन डिमांड ट्रांसपोर्टेशन टेकभनोलॉजी एग्रीगेर्ट्स रूल्स-2016 बना रहा है। उन्होंने भी कुछ प्वाइंट्स एसटीए के पास दर्ज कराए हैं, जिसमें कैब के अंदर सीसीटीवी लगाना भी एक है। सीसीटीवी कस्टमर की प्राइवेसी को खत्म कर देगा। वह इस पर एतराज भी जता सकता है।
साथ में इसकी फुटेज स्टोरेज भी मुश्किल काम है। फुटेज से छेड़छाड़ होने का खतरा रहेगा। दूसरा मामला डिजिटल मीटर और प्रिंटर लगाए जाने का है। वह पहले से ही कस्टमर को बिल उपलब्ध करवा रहे हैं। डिजिटल मीटर और प्रिंटर का कोई औचित्य समझ नहीं आ रहा। अपनी आपत्तियां वह दर्ज करा चुके हैं।