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PM मोदी को ईमेल लिखने वाली लड़की मिली नहीं, दोनों आरोपी मुसीबत में फंसे
ब्यूरो/अमर उजाला, गोहाना(सोनीपत)
Updated Tue, 26 Sep 2017 12:27 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुमनाम ईमेल लिखने वाली लड़की का सुराग नहीं लगा, लेकिन दोनों आरोपियों के लिए मुसीबत जरूर खड़ी हो गई है। दरअसल, गोहाना के ओम पब्लिक स्कूल की छात्रा के पीएम और अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर स्कूल के दो कर्मचारियों पर गैंगरेप का सनसनीखेज आरोप लगाने के मामले में पुलिस आरोपियों का पॉलीग्राफी टेस्ट भी कराएगी। पुलिस इस मामले में कोई भी पहलु अछूता छोड़ना नहीं चाहती।
हालांकि, अभी तक इस मामले में पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा है। पुलिस पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए अधिकारियों से अनुमति लेगी, उसके बाद आरोपियों को मधुबन ले जाएगी। पुलिस इस मामले की सच्चाई को उजागर करने का सभी प्रयास कर रही है। आरोपियों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराना भी इसी कड़ी का हिस्सा है। गोहाना के एक निजी स्कूल की छात्रा के नाम से एक गुमनाम ई-मेल प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य को भेजा था। इसमें छात्रा ने स्कूल के स्टाफ सदस्यों पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसा गंभीर आरोप लगाया था।
ई-मेल के सामने आने के बाद पुलिस ने इस पर केस दर्ज कर लिया था। यह ई-मेल पुलिस को व्हाट्सएप पर मिला था। इस ईमेल में लिखे दोनों कर्मियों स्कूल के एस्टेट ऑफिसर सुखबीर सिंह और अकाउंटेट कर्मबीर के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया गया था। बाद में दोनों आरोपियों को स्कूल ने पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में रखकर लंबी पूछताछ की, लेकिन अभी तक इस मामले से जुड़ा कोई पहलु पुलिस उजागर नहीं कर सकी। इस पर अब पुलिस ने दोनों आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का निर्णय लिया है।
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हालांकि, अभी तक इस मामले में पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा है। पुलिस पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए अधिकारियों से अनुमति लेगी, उसके बाद आरोपियों को मधुबन ले जाएगी। पुलिस इस मामले की सच्चाई को उजागर करने का सभी प्रयास कर रही है। आरोपियों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराना भी इसी कड़ी का हिस्सा है। गोहाना के एक निजी स्कूल की छात्रा के नाम से एक गुमनाम ई-मेल प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य को भेजा था। इसमें छात्रा ने स्कूल के स्टाफ सदस्यों पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसा गंभीर आरोप लगाया था।
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ई-मेल के सामने आने के बाद पुलिस ने इस पर केस दर्ज कर लिया था। यह ई-मेल पुलिस को व्हाट्सएप पर मिला था। इस ईमेल में लिखे दोनों कर्मियों स्कूल के एस्टेट ऑफिसर सुखबीर सिंह और अकाउंटेट कर्मबीर के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया गया था। बाद में दोनों आरोपियों को स्कूल ने पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में रखकर लंबी पूछताछ की, लेकिन अभी तक इस मामले से जुड़ा कोई पहलु पुलिस उजागर नहीं कर सकी। इस पर अब पुलिस ने दोनों आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का निर्णय लिया है।
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ये है पॉलीग्राफी टेस्ट
gang rape
पुलिस इनवेस्टिगेशन के दौरान कई बार सच का पता लगाने के लिए आरोपी का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराती है। इस टेस्ट का मकसद यह जानना होता है कि व्यक्ति सच बोल रहा है या झूठ। पॉलीग्राफ एक मशीन है, जिससे व्यक्ति (जिसका पॉलीग्राफी टेस्ट किया जा रहा हो) से अटैच कर दिया जाता है। मशीन के सेंसर की तरंगों को एक मूविंग पेपर (ग्राफ) पर रिकॉर्ड किया जाता है। इस प्रक्रिया को पॉलीग्राफी टेस्ट कहते हैं।
ऐसे काम करती है पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) मशीन
जब किसी व्यक्ति का लाई डिटेक्शन (पॉलीग्राफी) टेस्ट किया जाता है तो उसके साथ छह सेंसर अटैच किए जाते हैं। इसमें चार बातों को रिकॉर्ड किया जाता है।
व्यक्ति के सांस लेने की गति
व्यक्ति का पल्स रेट
व्यक्ति का ब्लड प्रेशर
व्यक्ति के शरीर से निकल रहा पसीना
कभी-कभी पॉलीग्राफ मशीन व्यक्ति के हाथ और पैरों की मूवमेंट को भी रिकॉर्ड करती है।
छात्रा के नाम से पीएम को गुमनाम ई-मेल लिखने के मामले में हर पहलु को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पुलिस कोई भी पहलु छोड़ना नहीं चाहती। इस मामले में पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए उच्च अधिकारियों की अनुमति लेकर मधुबन लैब को लिखा जाएगा। इसके बाद दोनों आरोपियों का मधुबन में पॉलीग्राफी टेस्ट कराया जाएगा।
- कुलदीप देशवाल, थाना प्रभारी, सिटी गोहाना
ऐसे काम करती है पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) मशीन
जब किसी व्यक्ति का लाई डिटेक्शन (पॉलीग्राफी) टेस्ट किया जाता है तो उसके साथ छह सेंसर अटैच किए जाते हैं। इसमें चार बातों को रिकॉर्ड किया जाता है।
व्यक्ति के सांस लेने की गति
व्यक्ति का पल्स रेट
व्यक्ति का ब्लड प्रेशर
व्यक्ति के शरीर से निकल रहा पसीना
कभी-कभी पॉलीग्राफ मशीन व्यक्ति के हाथ और पैरों की मूवमेंट को भी रिकॉर्ड करती है।
छात्रा के नाम से पीएम को गुमनाम ई-मेल लिखने के मामले में हर पहलु को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पुलिस कोई भी पहलु छोड़ना नहीं चाहती। इस मामले में पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए उच्च अधिकारियों की अनुमति लेकर मधुबन लैब को लिखा जाएगा। इसके बाद दोनों आरोपियों का मधुबन में पॉलीग्राफी टेस्ट कराया जाएगा।
- कुलदीप देशवाल, थाना प्रभारी, सिटी गोहाना