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दुष्कर्मी को 20 साल की कैद: सोनीपत की अदालत ने सुनाई सजा, 60 हजार रुपये जुर्माना भी

Mon, 29 Aug 2022 05:45 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Mon, 29 Aug 2022 05:45 PM IST
सार

एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने प्रदीप को दोषी करार दिया है। अदालत ने प्रदीप को छह पॉक्सो एक्ट में 20 साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना और भादंसं की धारा 363 में पांच साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।

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Sonipat court sentenced convict to 20 years in Misdeed case
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने किशोरी को बहकाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल की कैद व 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है। जुर्माना न देने पर 15 माह अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।

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खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव निवासी एक व्यक्ति ने 25 दिसंबर, 2019 को पुलिस को बताया था कि उनकी करीब 15 साल की बेटी घर के बाहर पानी लेने गई थी। इसके बाद वह लापता हो गई थी। उसने शक जताया था कि गांव का प्रदीप उसकी बेटी को बहकाकर ले गया है। व्यक्ति ने कहा था कि प्रदीप उसकी बेटी को पहले भी ले गया था और कुछ घंटे बाद छोड़ गया था।
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पुलिस ने मुकदमा दर्जकर लिया था। पुलिस ने लड़की की तलाश की तो पता नहीं लग सका। बाद में 23 फरवरी, 2020 को लड़की की मां की सूचना पर किशोरी को मुरथल क्षेत्र से बरामद किया गया था। किशोरी ने कोर्ट में अपनी सहेली के घर जाकर रहने का बयान दर्ज कराया था । इसके बाद उसे कोर्ट के आदेश पर घर भेज दिया गया था। 
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बाद में किशोरी ने 27 फरवरी, 2020 को माता-पिता पर परेशान करने का आरोप लगाया था तो उसे एक सामाजिक संस्था में भेज दिया गया था। वहां पर उसका मेडिकल कराया गया था, जिसमें दुष्कर्म व गर्भवती होने का पता लगा था। इस पर पुलिस ने मामले में भादंसं की धारा 376 (3) व 6 पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था।


मामले में सात मार्च, 2020 को आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया था। जांच में लड़की ने बयान दर्ज कराया था कि आरोपी ने उसे गर्भपात की दवा खिला दी थी और इस बारे में किसी को नहीं बताने की बात कही थी। मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने प्रदीप को दोषी करार दिया है। अदालत ने प्रदीप को छह पॉक्सो एक्ट में 20 साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना और भादंसं की धारा 363 में पांच साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।

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