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सोनीपत बम ब्लास्ट केस में 21 साल बाद बड़ा फैसला, आतंकी टुंडा को उम्रकैद
अंकित चौहान/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
Updated Wed, 11 Oct 2017 09:05 AM IST
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करीम टुंडा
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सोनीपत में 1996 में हुए दो सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में मंगलवार को अदालत ने आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को उमक्रैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना जमा नहीं कराने पर एक-एक साल अतिरिक्त कैद काटनी होगी। टुंडा को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने सोमवार को दोषी करार दिया था।
सोनीपत शहर में 28 दिसंबर 1996 को दो स्थानों पर बम ब्लास्ट हुए थे। उस दिन शाम 5:15 बजे पहला धमाका बस स्टैंड के पास बावा सिनेमा हॉल में हुआ था। महज इसके 10 मिनट बाद दूसरा धमाका गीता भवन चौक स्थित गुलशन मिष्ठान भंडार के बाहर हुआ था। धमाके में करीब 10 से 12 लोग घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में इंदिरा कॉलोनी निवासी सज्जन सिंह के बयान पर केस दर्ज किया था।
सज्जन सिंह के मुताबिक वह अपने साथी अनिल और विकास के साथ फिल्म देखने आया था। सिनेमा हॉल में हुए धमाके में वह और 11 अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों पिलखुआ, जिला हापुड़ (तत्कालीन जिला गाजियाबाद) निवासी अब्दुल करीम टुंडा और उसके दो साथी शकील अहमद उर्फ आलम निवासी पिलखुआ और मोहम्मद आमिर खान उर्फ कामरान निवासी अनार वाली गली, तेलीवाड़ा (दिल्ली) को नामजद किया था। शकील और कामरान को 1998 में गिरफ्तार कर लिया था लेकिन टुंडा वारदात के बाद से फरार था।
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सोनीपत शहर में 28 दिसंबर 1996 को दो स्थानों पर बम ब्लास्ट हुए थे। उस दिन शाम 5:15 बजे पहला धमाका बस स्टैंड के पास बावा सिनेमा हॉल में हुआ था। महज इसके 10 मिनट बाद दूसरा धमाका गीता भवन चौक स्थित गुलशन मिष्ठान भंडार के बाहर हुआ था। धमाके में करीब 10 से 12 लोग घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में इंदिरा कॉलोनी निवासी सज्जन सिंह के बयान पर केस दर्ज किया था।
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सज्जन सिंह के मुताबिक वह अपने साथी अनिल और विकास के साथ फिल्म देखने आया था। सिनेमा हॉल में हुए धमाके में वह और 11 अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों पिलखुआ, जिला हापुड़ (तत्कालीन जिला गाजियाबाद) निवासी अब्दुल करीम टुंडा और उसके दो साथी शकील अहमद उर्फ आलम निवासी पिलखुआ और मोहम्मद आमिर खान उर्फ कामरान निवासी अनार वाली गली, तेलीवाड़ा (दिल्ली) को नामजद किया था। शकील और कामरान को 1998 में गिरफ्तार कर लिया था लेकिन टुंडा वारदात के बाद से फरार था।
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ये था पूरा मामला
Karim Tunda
मोहम्मद शकील को अदालत ने सितंबर, 2002 में और मोहम्मद आमिर खान उर्फ कामराम को मार्च, 2006 में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। अब्दुल करीम टुंडा को दिल्ली पुलिस ने अगस्त 2013 में नेपाल की सीमा से गिरफ्तार किया था। सोनीपत की अदालत में 43 लोगों की गवाही हुई। सोमवार को अदालत ने मामले में आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को दोषी करार दिया था। मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने दो मामलों में उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
इन मामलों में यह मिली सजा
सरकारी अधिवक्ता राजीव कठपालिया ने बताया कि अदालत ने आतंकी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा के खिलाफ 307 (हत्या का प्रयास), 120बी (षड्यंत्र रचना) और 3 एक्सप्लोसिव एक्ट (बम ब्लास्ट करना) में दोषी करार दिया। उसे आईपीसी 307 व 120बी में उम्रकैद व 50 हजार रुपये अर्थदंड तथा 3 एक्सप्लोसिव एक्ट में भी उम्रकैद व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
टुंडा को भेजा डासना जेल
सजा सुनाए जाने के बाद आतंकी अब्दुल करीम टुंडा ने अदालत के सामने बीमार होने की बात कहते हुए गाजियाबाद की डासना जेल भेजने की गुहार लगाई। आतंकी ने कहा कि उसके खिलाफ आठ मामलों में सुनवाई चल रही है। इसमें ज्यादातर यूपी और राजस्थान में हैं। साथ ही उसका डासना जेल में उपचार भी चल रहा है। इसके बाद अदालत ने उसे डासना जेल शिफ्ट करने के आदेश जारी किए।
इन मामलों में यह मिली सजा
सरकारी अधिवक्ता राजीव कठपालिया ने बताया कि अदालत ने आतंकी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा के खिलाफ 307 (हत्या का प्रयास), 120बी (षड्यंत्र रचना) और 3 एक्सप्लोसिव एक्ट (बम ब्लास्ट करना) में दोषी करार दिया। उसे आईपीसी 307 व 120बी में उम्रकैद व 50 हजार रुपये अर्थदंड तथा 3 एक्सप्लोसिव एक्ट में भी उम्रकैद व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
टुंडा को भेजा डासना जेल
सजा सुनाए जाने के बाद आतंकी अब्दुल करीम टुंडा ने अदालत के सामने बीमार होने की बात कहते हुए गाजियाबाद की डासना जेल भेजने की गुहार लगाई। आतंकी ने कहा कि उसके खिलाफ आठ मामलों में सुनवाई चल रही है। इसमें ज्यादातर यूपी और राजस्थान में हैं। साथ ही उसका डासना जेल में उपचार भी चल रहा है। इसके बाद अदालत ने उसे डासना जेल शिफ्ट करने के आदेश जारी किए।