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Hindi News ›   Chandigarh ›   SOI, INSO Coalition for Student Council Elections

छात्र चुनाव: बादल-चौटाला एक, मोदी पर नजर

Tue, 02 Sep 2014 04:25 PM IST
सुमित सिंह श्यौराण/अमर उजाला, चंडीगढ़
सुमित सिंह श्यौराण/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 02 Sep 2014 04:25 PM IST
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SOI, INSO Coalition for Student Council Elections

चुनाव चाहे किसी भी स्तर का हो। जीत के लिए गठबंधन की राजनीति होती है। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के छात्र काउंसिल चुनाव को अब नार्थ रीजन खास तौर से हरियाणा, पंजाब और हिमाचल की राजनीति पर काफी महत्व दिया जाने लगा है। पांच सितंबर को होने वाले पीयू छात्र काउंसिल चुनाव को लेकर भी पंजाब और हरियाणा के बड़े राजनैतिक दल अभी से सचेत हो गए हैं।

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हरियाणा में अक्तूबर में संभावित विधानसभा चुनाव से पहले पीयू के चुनाव में जीत हार काफी मायने रखती है। युवाओं का वोट बैंक ही हरियाणा के चुनावों में हार जीत का फैसला करेगा। पीयू के करीब 40 फीसदी स्टूडेंट हरियाणा से ताल्लुक रखते हैं।
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पंजाब और हरियाणा की राजनीति में दो बड़े राजनैतिक दल इनेलो (चौटाला) और अकाली दल (बादल) द्वारा तैयार छात्र संगठन भी पूरी तैयारी के साथ चुनावी मैदान में उतरे हैं।
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पीयू कैंपस में बादल को सपोर्ट करने के लिए स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (सोई) और इनेलो (चौटाला) को इंडियन नेशनल स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन (इनसो) में समझौता हुआ है।

इनेलो और अकाली दल के नेता पहुंचे पीयू

SOI, INSO Coalition for Student Council Elections

पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र संगठनों को कितना महत्व दिया जाता है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चुनाव से पहले ही इनेलो के नेता और सांसद दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला ने पीयू के जिम्नेजियम हॉल में सैकड़ों की संख्या में अपने समर्थकों को एकजुट कर दिया। उधर, अकादी दल नेता बिक्रमजीत सिंह भी पीयू कैंपस में पहुंचकर सोई का उत्साह बढ़ा चुके हैं।

रोचक होगा सोई और इनसो का गठबंधन
चुनाव में इनसो और सोई का पहली बार गठबंधन काफी रोचक होगा। इनसो का समर्थन मिलना अभी किसी भी दूसरे छात्र संगठन के लिए जीत की गारंटी माना जाता रहा है।

दो बार छोड़ इनसो ने काउंसिल में हर बार जनरल सेक्रेटरी पद पर जीत हासिल की है। लेकिन इनसो ने उस समय पुसू और सोपू जैसे बड़े संगठनों के साथ ही टाईअप किया था।

सोई को अभी तक प्रधान या जनरल सेक्रेटरी स्तर का पद नहीं मिल पाया है। लेकिन इस बार सोपू के बड़े नेता टूट कर सोई में आए हैं। ऐसे में इनसो के सहारे सोई का जहाज पार हो सकता है।

क्या चलेगा मोदी का जादू

SOI, INSO Coalition for Student Council Elections

देश की राष्ट्रीय राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू जमकर चला है। पीयू छात्र काउंसिल चुनाव में भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) मोदी के करिश्मे को भुनाना चाहती है।

एबीवीपी ने अकेले दम पर चुनाव में उतरने का फैसला लिया है। एबीवीपी छात्र नेेता दिनेश चौहान का मानना है कि मोदी को देश के युवाओं ने जीत दिलाई है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी को पीयू के काफी स्टूडेंट का समर्थन मिला है।  

सोई और इनसो ने एक जैसी विचारधारा के कारण आपस में गठबंधन किया है। इसे पंजाब या हरियाणा की राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। चुनाव में दोनों दल सभी सीटों पर जीत हासिल करेंगे।
अनिल घनघस, इनसो यूटी चेयरमैन 

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