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चंडीगढ़ के इन सेक्टरों में सावधानी से जाएं, वरना भारी नुकसान झलेंगे

Mon, 06 Nov 2017 02:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 06 Nov 2017 02:08 PM IST
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snatching in many sectors of chandigarh, be aware while visiting
chandigarh people
चंडीगढ़ में स्नैचिंग की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। कुछ सेक्टर ऐसे हैं, जहां सोच समझकर और सावधानी से जाएं, वरना भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। जिस तरह से हर दिन दो से तीन वारदात स्नैचिंग की हो रही हैं, उससे लगता है कि झपटमारों में पुलिस का डर नहीं है। शनिवार को भी स्नैचिंग की दो वारदात सेक्टर-34 थाना क्षेत्र में हुईं। पहली वारदात में जहां स्नैचर सेक्टर-45 में गोशाला के नजदीक से युवक का पर्स स्नैच कर ले गए,
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वहीं दूसरी वारदात सेक्टर-44 में एक महिला के साथ हुई। बाइक सवार दो स्नैचर महिला की चेन झपट कर ले गए। स्नैचरों का निशाना चंडीगढ़ के साउथ सेक्टर हैं। इस साल अब तक हो चुकी 194 वारदात में आधे से भी ज्यादा साउथ के थानों में हुईं, जिसमें सेक्टर-34 व 39 का थाना क्षेत्र स्नैचरों के निशाने पर है। इस साल जनवरी से अक्तूबर तक रिकॉर्ड के मुताबिक 190 वारदात स्नैचिंग की हुईं, जबकि नवंबर में भी चार वारदात होने के बाद आंकड़ा 194 हो गया।
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हालांकि चंडीगढ़ पुलिस का दावा है कि 121 वारदात सुलझाई भी गई हैं। पिछले पूरे साल में स्नैचिंग की 161 वारदात हुई थीं। यह अंतर बयां करता है कि स्नैचर पुलिस से खौफ नहीं खा रहे। साल खत्म होने में अभी दो महीने बाकी हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो स्नैचर पुलिस के आंकड़े बिगाड़ देंगे।
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ऐसे है साउथ स्नैचरों का गढ़
अगर साउथ के सेक्टरों की बात करें तो सबसे ज्यादा 49 वारदात सेक्टर-39 और दूसरे नंबर पर 36 वारदात सेक्टर-34 थाने में हुई। स्नैचिंग की 17 वारदात के साथ सेक्टर-31 थाना तीसरे और 14 वारदात के साथ सेक्टर-36 थाना चौथे नंबर पर है। पुलिस के मुताबिक चंडीगढ़ का साउथ एरिया मोहाली के बॉर्डर को लगता है। ऐसे में स्नैचर वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो जाते हैं।

शाम 6 से रात के 10 बजे स्नैचरों का वक्त
पुलिस के मुताबिक ज्यादातर वारदात शाम 6 बजे के बाद रात 10 बजे तक हुई हैं और स्नैचरों के निशाने पर महिलाएं हैं। महिलाओं का पर्स और मोबाइल स्नैच होने के अलावा कई वारदात चेन स्नैचिंग की भी हुईं। पकड़े गए झपटमारों की थ्योरी पुलिस ने खंगाली उससे पता चला कि यह वक्त सैर करने वालों का और काम से घर लौटने वालों का होता है इसलिए सबसे ज्यादा स्ट्राइक इस वक्त की जाती है।

इन एरिया में सावधानी बरतें
सेक्टर-39, सेक्टर-34, सेक्टर-31, सेक्टर-11, सेक्टर-36, सेक्टर-17, सेक्टर-19, सेक्टर-26, इंडस्ट्रियल एरिया, मौली जागरां, मनीमाजरा, सेक्टर-3, मलोया, सेक्टर-49, आईटी पार्क


साउथ सेक्टर बार्डर एरिया पर हैं, जो ज्यादा अपराध की वजह है। स्नैचरों के कई गैंग पकड़े भी जा चुके हैं। स्नैचिंग की ज्यादातर वारदात क्राइम ब्रांच ने सुलझाई भी हैं।
- पवन कुमार, डीएसपी क्राइम, चंडीगढ़ पुलिस
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