{"_id":"675b3c66328e429bee043054","slug":"smart-city-in-question-chandigarh-mc-spent-the-project-budget-on-routine-works-chandigarh-news-c-16-pkl1043-583229-2024-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"सवालों में स्मार्ट सिटी : प्रोजेक्ट का बजट चंडीगढ़ एमसी ने रूटीन कामों पर किया खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सवालों में स्मार्ट सिटी : प्रोजेक्ट का बजट चंडीगढ़ एमसी ने रूटीन कामों पर किया खर्च
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट्स पर सांसद मनीष तिवारी ने संसद में सवाल उठाए हैं। केंद्र सरकार ने बताया कि अब तक 1,537 करोड़ की कुल 36 परियोजनाओं में से 1,475 करोड़ की 34 परियोजनाएं स्मार्ट सिटी ने पूरी की हैं। इसमें सबसे ज्यादा 5 एसटीपी पर 739 करोड़ रुपये, आईसीसीसी पर 133 करोड़ खर्चे हैं। कई टॉयलेट भी स्मार्ट सिटी के पैसों से बनाए गए हैं। तिवारी ने सवाल उठाया है कि नगर निगम के रूटीन कार्यों पर स्मार्ट सिटी का फंड लगाया गया है। संसद में अब केंद्र ने भी माना है कि मनीमाजरा में अभी भी 24 घंटे पानी की सप्लाई नहीं हो रही है।
संसद के शीतकालीन सत्र में तिवारी ने 2016 से चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी मिशन की प्रगति और परिणामों का ब्यौरा मांगा। पूछा कि क्या सरकार को पता है कि अगस्त 2024 में हाई-प्रोफाइल लॉन्च के बावजूद मनीमाजरा में लोगों को 24 घंटे पानी नहीं मिल रहा है। सिर्फ दो घंटे ही पानी मिल रहा है और वह भी गंदा पानी। अगर सरकार को पता है कि तो क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगे बजट का ब्यौरा भी मांगा। तिवारी के सवालों का आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री तोखन साहू ने जवाब दिया। बताया कि अब तक 1,537 करोड़ की कुल 36 परियोजनाओं में से 1,475 करोड़ की 34 परियोजनाएं स्मार्ट सिटी ने पूरी कर ली है। सिर्फ 24 घंटे पानी की परियोजना और पशु शव के लिए भस्मक का निर्माण बाकी रह गया है।
स्मार्ट सिटी के ऑडिट पर भी उठाया था सवाल, जवाब मिला- आईसीसीसी का थर्ड पार्टी असेसमेंट क्यूसीआई से किया गया
तिवारी ने स्मार्ट सिटी के ऑडिट पर भी सवाल उठाया था, जिस पर जवाब मिला कि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का थर्ड पार्टी असेसमेंट भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) द्वारा किया गया है। क्यूसीआई दो चक्रों में 100 स्मार्ट शहरों में मूल्यांकन कर रहा है। पहला अंतराल की पहचान करने के लिए और दूसरा उनके समाधान को सुनिश्चित करने के लिए। पहले चक्र के लिए जमीनी स्तर पर मूल्यांकन पूरा हो चुका है। सभी 100 शहरों के साइबर सुरक्षा ऑडिट के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के (एसटीक्यूसी) निदेशालय द्वारा स्वतंत्र बाहरी ऑडिट भी किया गया है।
विज्ञापन
केंद्र ने भी माना- मनीमाजरा में 24 घंटे पानी नहीं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मनीमाजरा में 24 घंटे पानी परियोजना वर्तमान में परीक्षण चरण में है। इस दौरान स्थापित प्रणालियों और उपकरणों का परीक्षण कार्य किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में आपूर्ति के घंटे 9 घंटे से बढ़ाकर 18 घंटे किए गए हैं। 12,700 स्मार्ट वाटर मीटर लगाने के साथ पानी की बिलिंग मात्रा 2.5 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) से बढ़ाकर 3.5 एमजीडी कर दी गई है, जिससे गैर-राजस्व जल को कम करने में मदद मिलेगी। अनधिकृत पानी कनेक्शनों की पहचान कर काटा गया है। केंद्र ने दावा किया है कि नागरिकों को पीने योग्य पानी की आपूर्ति की जा रही है। नवंबर 2024 में कोई शिकायत भी नहीं आई है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर अब तक 57.90 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
वे प्रोजेक्ट्स जहां स्मार्ट सिटी का ज्यादा पैसा खर्च हुआ
- डिग्गियां के एसटीपी पुनर्वास और अपग्रेडेशन, 1 वर्ष डीएलपी प्लस 15 वर्ष ओ और एम - 454.21 करोड़ रुपये
- आईसीसीसी का कार्यान्वयन - 333.61 करोड़
- मनीमाजरा में 24x7 पानी के लिए सभी काम - 166.06 करोड़
- रायपुर कलां और रायपुर खुर्द के एसटीपी का पुनर्वास और अपग्रेडेशन, एक वर्ष डीएलपी प्लस 15 वर्ष ओ और एम- 159.14 करोड़
- 3 बीआरडी और धनास के एसटीपी का पुनर्वास और अपग्रेडेशन, एक वर्ष डीएलपी प्लस 15 वर्ष ओ और एम- 125.56 करोड़
- डड्डूमाजरा डंप साइट पर लिगेसी वेस्ट माइनिंग - 34.03 करोड़
- डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन के लिए हॉपर टिपर्स की खरीद - 29.66 करोड़
- एमआरएफ और जीटीएस का निर्माण (सिविल कार्य) - 16.46 करोड़
- चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी भवन की साज-सजावट - 6.76 करोड़
- सेक्टर-17, 22, 35, 43 में सार्वजनिक शौचालय का नवीनीकरण - 5.22 करोड़
स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के रिजल्ट
- आईसीसीसी की कुल सेवाएं - 16
- नवंबर 2024 तक रिपोर्ट किए गए कुल ट्रैफिक उल्लंघन - 49.30 लाख
- नवंबर 2024 तक जारी ट्रैफिक चालान - 18.93 लाख
- सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से आपराधिक मामलों में सहायता - 1,542
- शिक्षा सुविधाओं के निर्माण या नवीनीकरण से लाभान्वित छात्रों की संख्या (वार्षिक) - 4808
- ई-कार्ट्स का लाभ उठाने वाले लोगों की संख्या - 4.67 लाख
-- - वर्जन -- -
मेरे संसद प्रश्न के उत्तर में सरकार ने माना है कि मनीमाजरा में 24X7 जलापूर्ति परियोजना का उद्घाटन एक फोटो-ऑप था। यह अभी भी परीक्षण चरण में है और वे 24 घंटे पानी देने से बहुत दूर हैं। इसके अलावा लागू स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की सूची देखें तो वे नगर निगम की परियोजनाएं हैं। चंडीगढ़ को स्मार्ट या भविष्यवादी बनाने वाली कोई भी परियोजना लागू नहीं की गई है। - मनीष तिवारी, सांसद
विज्ञापन
संसद के शीतकालीन सत्र में तिवारी ने 2016 से चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी मिशन की प्रगति और परिणामों का ब्यौरा मांगा। पूछा कि क्या सरकार को पता है कि अगस्त 2024 में हाई-प्रोफाइल लॉन्च के बावजूद मनीमाजरा में लोगों को 24 घंटे पानी नहीं मिल रहा है। सिर्फ दो घंटे ही पानी मिल रहा है और वह भी गंदा पानी। अगर सरकार को पता है कि तो क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगे बजट का ब्यौरा भी मांगा। तिवारी के सवालों का आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री तोखन साहू ने जवाब दिया। बताया कि अब तक 1,537 करोड़ की कुल 36 परियोजनाओं में से 1,475 करोड़ की 34 परियोजनाएं स्मार्ट सिटी ने पूरी कर ली है। सिर्फ 24 घंटे पानी की परियोजना और पशु शव के लिए भस्मक का निर्माण बाकी रह गया है।
विज्ञापन
स्मार्ट सिटी के ऑडिट पर भी उठाया था सवाल, जवाब मिला- आईसीसीसी का थर्ड पार्टी असेसमेंट क्यूसीआई से किया गया
तिवारी ने स्मार्ट सिटी के ऑडिट पर भी सवाल उठाया था, जिस पर जवाब मिला कि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का थर्ड पार्टी असेसमेंट भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) द्वारा किया गया है। क्यूसीआई दो चक्रों में 100 स्मार्ट शहरों में मूल्यांकन कर रहा है। पहला अंतराल की पहचान करने के लिए और दूसरा उनके समाधान को सुनिश्चित करने के लिए। पहले चक्र के लिए जमीनी स्तर पर मूल्यांकन पूरा हो चुका है। सभी 100 शहरों के साइबर सुरक्षा ऑडिट के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के (एसटीक्यूसी) निदेशालय द्वारा स्वतंत्र बाहरी ऑडिट भी किया गया है।
विज्ञापन
केंद्र ने भी माना- मनीमाजरा में 24 घंटे पानी नहीं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मनीमाजरा में 24 घंटे पानी परियोजना वर्तमान में परीक्षण चरण में है। इस दौरान स्थापित प्रणालियों और उपकरणों का परीक्षण कार्य किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में आपूर्ति के घंटे 9 घंटे से बढ़ाकर 18 घंटे किए गए हैं। 12,700 स्मार्ट वाटर मीटर लगाने के साथ पानी की बिलिंग मात्रा 2.5 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) से बढ़ाकर 3.5 एमजीडी कर दी गई है, जिससे गैर-राजस्व जल को कम करने में मदद मिलेगी। अनधिकृत पानी कनेक्शनों की पहचान कर काटा गया है। केंद्र ने दावा किया है कि नागरिकों को पीने योग्य पानी की आपूर्ति की जा रही है। नवंबर 2024 में कोई शिकायत भी नहीं आई है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर अब तक 57.90 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
वे प्रोजेक्ट्स जहां स्मार्ट सिटी का ज्यादा पैसा खर्च हुआ
- डिग्गियां के एसटीपी पुनर्वास और अपग्रेडेशन, 1 वर्ष डीएलपी प्लस 15 वर्ष ओ और एम - 454.21 करोड़ रुपये
- आईसीसीसी का कार्यान्वयन - 333.61 करोड़
- मनीमाजरा में 24x7 पानी के लिए सभी काम - 166.06 करोड़
- रायपुर कलां और रायपुर खुर्द के एसटीपी का पुनर्वास और अपग्रेडेशन, एक वर्ष डीएलपी प्लस 15 वर्ष ओ और एम- 159.14 करोड़
- 3 बीआरडी और धनास के एसटीपी का पुनर्वास और अपग्रेडेशन, एक वर्ष डीएलपी प्लस 15 वर्ष ओ और एम- 125.56 करोड़
- डड्डूमाजरा डंप साइट पर लिगेसी वेस्ट माइनिंग - 34.03 करोड़
- डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन के लिए हॉपर टिपर्स की खरीद - 29.66 करोड़
- एमआरएफ और जीटीएस का निर्माण (सिविल कार्य) - 16.46 करोड़
- चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी भवन की साज-सजावट - 6.76 करोड़
- सेक्टर-17, 22, 35, 43 में सार्वजनिक शौचालय का नवीनीकरण - 5.22 करोड़
स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के रिजल्ट
- आईसीसीसी की कुल सेवाएं - 16
- नवंबर 2024 तक रिपोर्ट किए गए कुल ट्रैफिक उल्लंघन - 49.30 लाख
- नवंबर 2024 तक जारी ट्रैफिक चालान - 18.93 लाख
- सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से आपराधिक मामलों में सहायता - 1,542
- शिक्षा सुविधाओं के निर्माण या नवीनीकरण से लाभान्वित छात्रों की संख्या (वार्षिक) - 4808
- ई-कार्ट्स का लाभ उठाने वाले लोगों की संख्या - 4.67 लाख
मेरे संसद प्रश्न के उत्तर में सरकार ने माना है कि मनीमाजरा में 24X7 जलापूर्ति परियोजना का उद्घाटन एक फोटो-ऑप था। यह अभी भी परीक्षण चरण में है और वे 24 घंटे पानी देने से बहुत दूर हैं। इसके अलावा लागू स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की सूची देखें तो वे नगर निगम की परियोजनाएं हैं। चंडीगढ़ को स्मार्ट या भविष्यवादी बनाने वाली कोई भी परियोजना लागू नहीं की गई है। - मनीष तिवारी, सांसद