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चंडीगढ़ में कोरोना टीकाकरण के छह सत्र पूरे, 3.53 प्रतिशत कोरोना वैक्सीन का नुकसान

Tue, 26 Jan 2021 03:22 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 26 Jan 2021 03:22 PM IST
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Six sessions of corona vaccination completed in Chandigarh
पीजीआई में टीका लगवाने के लिए बैठे लोग। - फोटो : फाइल फोटो

चंडीगढ़ में कोरोना टीकाकरण अभियान के 6 सत्र संपन्न हो चुके हैं। इसमें अब तक 3.53 प्रतिशत वैक्सीन की खुराक का ही नुकसान हुआ है। स्वास्थ विभाग के अनुसार प्रशिक्षित कर्मचारियों की सूझबूझ व बेहतर सत्र प्रबंधन से यह संभव हो सका है। 

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निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि सत्र प्रबंधन में जिन केंद्रों पर वैक्सीन की एक वायल खोलने पर 2 से 3 लाभार्थी ही पहुंचते हैं, वहां बची हुई वैक्सीन उस संस्थान में बनाए गए दूसरे केंद्र पर भेजकर उसका उपयोग कर लिया जा रहा है। इससे वैक्सीन का नुकसान कम हो रहा है। 
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कोरोना टीकाकरण अभियान में स्वास्थ्य विभाग ने बेहतर प्रबंधन के लिए पूर्व में चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान के प्रशिक्षित कर्मचारियों को लगाया है। डॉ. अमनदीप ने बताया कि उन कर्मचारियों में से जो भी सबसे बेहतर श्रेणी के कर्मचारी हैं, उन्हें इस अभियान में लगाया गया है, ताकि उनकी मदद से वैक्सीन के नुकसान को हर स्तर रोकने में सफलता प्राप्त की जा सके।
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10 प्रतिशत नुकसान का है मानक
डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि टीकाकरण अभियान में भारत सरकार द्वारा तय मानक के अनुसार कुल डोज में से 10 प्रतिशत नुकसान होने का खतरा रहता है, इसलिए वैक्सीन की खुराक में से 10 प्रतिशत खुराक को घटाकर सत्र के लाभार्थियों की संख्या तय की जाती है। यह मानक वैक्सीन को ले आने, टीकाकरण के दौरान खोलने या लगाते वक्त नुकसान होने के खतरे को देखते हुए तय किया गया है।

चार प्रतिशत से भी कम हुआ नुकसान
कर्मचारियों के बेहतर प्रबंधन के परिणामस्वरूप टीकाकरण अभियान के 6 सत्र गुजरने के बाद भी महज 4 प्रतिशत से कम वैक्सीन की खुराक का नुकसान हुआ है। डॉ. कंग इसे अपने स्वास्थ्य कर्मियों की सूझबूझ का ही परिणाम मानती है।


एक वायल में 10 खुराक
डॉ. कंग ने बताया कि कोरोना वैक्सीन की एक शीशी में 10 खुराक होती हैं। खोलने के 4 घंटे के अंदर उसका प्रयोग हो जाना चाहिए। उसके बाद उसकी गुणवता प्रभावित होने लगती है। ऐसी स्थिति में तय समय सीमा के अंदर उपयोग न होने पर उस वैक्सीन की खुराक को नुकसान में जोड़ लिया जाता है। 

अब तक हुई वैक्सीनेशन

  • अब तक लगी खुराक : 1611
  • अब तक खोली गई डोज : 1670
  • इतनी खुराक का नुकसान : 59
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