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एचसीएस पेपर लीक मामला, हाईकोर्ट ने जांच का जिम्मा SIT को सौंपा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 16 Sep 2017 09:09 AM IST
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Paper Leak
- फोटो : File Photo
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हरियाणा सिविल सर्विसेज ज्यूडिशियल परीक्षा पेपर डेढ़ करोड़ में लीक होने के मामले में हाईकोर्ट ने जांच का जिम्मा एसआईटी को सौंपने का निर्णय लिया है। एसआईटी चंडीगढ़ पुलिस की होगी जिसके लिए हाईकोर्ट ने सीलबंद लिफाफेमें नाम मांगे हैं। साथ ही अगली सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ के डीजीपी को खुद कोर्ट में हाजिर रहने के आदेश दिए हैं। साथ ही फुल बेंच ने तत्काल प्रभाव से रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) बलविंदर शर्मा को निलंबित करने के भी निर्देश दिए।
शुक्रवार को सुनवाई केदौरान हाईकोर्ट का प्रशासकीय पक्ष रखने के लिए सीनियर एडवोकेट कंवलजीत सिंह पेश। उन्होंने कहा कि अभी तक प्रारंभिक स्तर की जांच हुई है तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी गहराई से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कोर्ट के समक्ष अपील की कि एसआईटी गठित कर जांच करवाई जाए जिसकी निगरानी हाईकोर्ट करे। कंवलजीत सिंह ने कहा कि परीक्षा चंडीगढ़ में हुई थी, याचिकाकर्ता सुमन का पति मनोज, जिसने हाईकोर्ट को यह शिकायत दी है, वह चंडीगढ़ में है। याचिकाकर्ता और आरोपी के बीच बात चंडीगढ़ में हुई तो ऐसे में एफआईआर भी चंडीगढ़ में ही दर्ज करवाई जाए।
चंडीगढ़ के गृह विभाग को भी बनाया पक्षकार
जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस राजन गुप्ता एवं जस्टिस जीएस संधावालिया की बेंच ने इस मांग को स्वीकार करते हुए चंडीगढ़ में ही मामले की एफआईआर दर्ज करने और चंडीगढ़ पुलिस द्वारा गठित एसआईटी से जांच कराने के आदेश दिए। इस मामले में हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के गृह विभाग को भी पक्ष बना लिया है। आरोपी रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) बलविंदर शर्मा, दोनों टॉपरों सुनीता और सुशीला के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिया जा चुका है।
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शुक्रवार को सुनवाई केदौरान हाईकोर्ट का प्रशासकीय पक्ष रखने के लिए सीनियर एडवोकेट कंवलजीत सिंह पेश। उन्होंने कहा कि अभी तक प्रारंभिक स्तर की जांच हुई है तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी गहराई से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कोर्ट के समक्ष अपील की कि एसआईटी गठित कर जांच करवाई जाए जिसकी निगरानी हाईकोर्ट करे। कंवलजीत सिंह ने कहा कि परीक्षा चंडीगढ़ में हुई थी, याचिकाकर्ता सुमन का पति मनोज, जिसने हाईकोर्ट को यह शिकायत दी है, वह चंडीगढ़ में है। याचिकाकर्ता और आरोपी के बीच बात चंडीगढ़ में हुई तो ऐसे में एफआईआर भी चंडीगढ़ में ही दर्ज करवाई जाए।
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चंडीगढ़ के गृह विभाग को भी बनाया पक्षकार
जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस राजन गुप्ता एवं जस्टिस जीएस संधावालिया की बेंच ने इस मांग को स्वीकार करते हुए चंडीगढ़ में ही मामले की एफआईआर दर्ज करने और चंडीगढ़ पुलिस द्वारा गठित एसआईटी से जांच कराने के आदेश दिए। इस मामले में हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के गृह विभाग को भी पक्ष बना लिया है। आरोपी रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) बलविंदर शर्मा, दोनों टॉपरों सुनीता और सुशीला के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिया जा चुका है।
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