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आईटीआई इंस्ट्रक्टर पेपर लीक मामले में एसआईटी गठित, कांग्रेस पार्षद बबला से पूछताछ

Sat, 07 Dec 2019 01:54 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 07 Dec 2019 01:54 AM IST
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SIT constituted for probe in paper leak case
प्रतीकात्मक तस्वीर

हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (एचएसएससी) आईटीआई इंस्ट्रक्टर भर्ती पेपर लीक मामले में गहनता से जांच के लिए पुलिस विभाग ने एएसपी नेहा यादव की अगुवाई में एसआईटी का गठन कर दिया है। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी मैनेजर नीतीश को जिला अदालत में पेश कर पांच दिन का रिमांड मांगा। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। 

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वहीं, मामले में यूटी पुलिस के कांस्टेबल अजय की संलिप्तता होने के शक के आधार पर पूछताछ के लिए उसे समन जारी कर जांच में शामिल होने को कहा गया है जबकि प्लॉट मालिक कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला से सेक्टर 31 थाने में पूछताछ की गई। पुलिस अब मुख्य आरोपी मंजीत, अमित और राकेश उर्फ राका की तलाश में जुट गई है।  
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आरोपी नीतीश ने रिमांड के दौरान खुलासा किया है कि उसे टेक कंप्यूटर लैब के मालिक राकेश, मंजीत, सुनील राठी और कांस्टेबल अजय ने हायर कर कहा था कि परीक्षार्थियों से ऑनलाइन परीक्षा लेनी है। चार दिसंबर को राकेश ने फोन कर कहा कि परीक्षार्थियों की सूची भेजी है, इन्हें मैपल टेक कंप्यूटर लैब में परीक्षा लेनी है, जो चंडीगढ़ परीक्षा केंद्र से संबंधित है। 

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इस पर उन्होंने कंप्यूटर लैब में परवीन, रोहित, अमित, दीपिका, कपिल, अनुदीप, अजय, अमित, संदीप, कपिल देव और परवेश समेत परीक्षार्थियों को बुलाया। इसके बाद रात में, राकेश कुमार ने दोबारा मोबाइल पर कॉल कर कहा कि सुबह परीक्षा प्रश्न पत्र की व्यवस्था नहीं की जा सकती है जबकि शाम की शिफ्ट के लिए प्रश्न पत्र खरीद की गई है और वह उक्त प्रश्न पत्र लेकर आ रहा है। इस बीच पुलिस ने कंप्यूटर लैब में छापा मार दिया। इसके बाद, अमित ने उन्हें फोन कर परीक्षार्थियों के बारे में जानकारी जुटाई। इन परीक्षार्थियों से प्रश्न पत्र की व्यवस्था के लिए इनसे 10 से 15 लाख रुपये की राशि ले रहे थे।

परीक्षार्थियों ने बयान ये कहा 
परीक्षार्थियों के 164 के तहत बयान दर्ज किए गए। बयान में बताया कि 4 दिसंबर को नीतीश ने फोन पर सभी परीक्षार्थियों को मैपल टेक कंप्यूटर लैब में पहुंचने को कहा। उक्त लैब में में पहुंचने पर मोबाइल ले लिए गए और कहा गया कि प्रश्न पत्र की व्यवस्था की जा रही है। काफी समय बीतने के बाद उसने कहा कि किसी कारण से पेपर में देरी हुई है और उन्हें रात में वहीं रुकने को कहा गया। बाद में उनसे कहा गया कि प्रश्न पत्र की सुबह तक व्यवस्था नहीं हुई है। शाम तक प्रश्न पत्र उपलब्ध हो जाएगा लेकिन इसी दौरान पुलिस छापेमारी कर दी। 

एसआईटी टीम ये शामिल 
चंडीगढ़ पुलिस विभाग ने मामले की गहनता से जांच करने के लिए एएसपी साउथ नेहा यादव की अगुवाई में एक स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित कर दी है। टीम ने सेक्टर 31 थाना प्रभारी राजदीप सिंह, एसआई परविंदर सिंह, एसआई इरम रिज़वी, एसआई चरणजीत सिंह, एएसआई परमिंदर सिंह, हेड कांस्टेबल संदीप और देवेंदर को शामिल किया गया है। 
 

एचएसएससी आईटीआई इंस्ट्रक्टर पेपर लीक मामले में प्लॉट मालिक देवेंद्र सिंह बबला को पूछताछ के लिए थाने में बुलाया गया था। मामले की गहनता से जांच के लिए एसआईटी टीम गठित कर दी गई है। - नीलांबरी विजय जगदले, एसएसपी चंडीगढ़

 

घटना के बाद से प्लॉट को सील कर दिया गया है। जांच में सहयोग के लिए समय लेकर मैं सेक्टर-31 थाने पहुंचा, जहां मैंने पुलिस से गुजारिश की कि लैब से सामान जब्त कर उसे खाली करा दिया जाए। करीब चार महीने पहले हमारे मैनेजर ने सुनील राठी को ग्राउंड फ्लोर किराये पर दिया था। इसके अभी तक पैसे लेने बाकी हैं।  -देवेंद्र सिंह बबला, पार्षद 

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