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Hindi News ›   Chandigarh ›   Sir government says corruption is closing, and the reality ....!

साहब सरकार तो कहती है भ्रष्टाचार बंद हो रहा है, और.... असलियत!

Tue, 20 Dec 2016 06:14 PM IST
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र Updated Tue, 20 Dec 2016 06:14 PM IST
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Sir government says corruption is closing, and the reality ....!
पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक चित्र

साहब, सरकार तो कहती है भ्रष्टाचार बंद हो रहा है और हमारे घर में आए पुलिस वालों ने जो किया वह भ्रष्टाचार ही नहीं अमानवीयता के नंगे नाच से कम नहीं था। अमर उजाला से बातचीत में यह दुखड़ा नीलम मित्तल नाम की उस महिला ने सुनाई जिसके पति सतीश मित्तल, पुत्र प्रवीण मित्तल और बेटी रेनू मित्तल सहित खुद उसके खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

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 नीलम मित्तल के मुताबिक उसके बड़े पुत्र कुलदीप मित्तल के खिलाफ चेक बाउंस का मामला कोर्ट में है। इस मामले में एक पुलिस कर्मी कोर्ट के समन लेकर स्थानीय राजेंद्र नगर स्थित जन स्वास्थ्य विभाग के सरकारी क्वार्टर में आया था। 
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बताया गया है कि उक्त पुलिस कर्मी ने जनस्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सतीश मित्तल को उनके पुत्र कुलदीप मित्तल के कोर्ट समन के बारे में बताया था। तब सतीश मित्तल ने पुलिस कर्मी को बताया कि उनका पुत्र कुलदीप उनके साथ नहीं रहता। 
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नीलम मित्तल के अनुसार उनके पति ने यहां तक कहा कि हम कुलदीप को इस बारे में जानकारी दे देंगे, यदि समन देना है तो वह इसे हस्ताक्षर करा कर दे सकते हैं। नीलम के मुताबिक यह सुनते ही पुलिस वाले ने उनके पति से एक हजार रुपये की डिमांड की और कहा कि ठीक है चाय पानी के पैसे दे दो मैं चला जाऊंगा। 

जैसे ही उन्होंने पैसे देने से मना किया तो वह डराने धमकाने लगा और जोरजोर से चिल्लाते हुए गाली देकर बोला तूं भी अपने बेटे के साथ अंदर जाएगा। इसके बाद उसने और पुलिस कर्मियों को वहां बुला लिया और गालियां देते हुए एक मेरे पति को थप्पड़ मारने शुरू कर दिये। 

चाय पानी की एवज में मांगे थे पति से एक हजार

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रिश्वत

नीलम ने सवाल किया कि कौन जवान बेटी या बेटा अपने बेकसूर बाप के साथ यह व्यवहार सहन करता। जब इन्होंने पुलिस वालों का विरोध किया, तो पुलिस वालों ने इनको भी नहीं बक्शा। यह शोरगुल सुन लोगों की भीड़ वहां एकत्रित हो गई। 

देखते ही देखते एक पुलिस वाले ने अपनी अंगुली में एक पिन मारी और खून निकाल लिया। इसके बाद अन्य पुलिस वालों ने डंडे बरसाने शुरू कर दिए। नीलम ने कहा कि बाहर खड़े लोगों की भीड़ में से अगर कोई वीडियो तैयार नहीं करता तो पुलिस की यह बर्बरता सामने आना तो दूर, उलटा पुलिस की एफआईआर में फंस कर वही लंबे समय तक कानून के शिकंजे में फंसे रहते। 

पुलिस वालों की निर्ममता की कहानी सुनाते हुए नीलम और उनकी बेटी रेनू रोते लगातार रोते रहे। यहां बता दें सोमवार को एक वीडियो वायरल हुई थी। इस वीडियो में उक्त महिला के घर पर आई पुलिस द्वारा उसकी बेटी व परिवार के सदस्यों से बुरी तरह से मारपीट करने खुलासा होता दिख रहा था। 

यहां बता दें कि सारी सीमाएं लांघ बर्बरता बरतने वाले पुलिस कर्मियों की अमानवीयता सिर्फ मारपिटाई तक खत्म नहीं हुई थी, बल्कि जिनके साथ पुलिस ने यह सलूक किया गया, उन पर 18 दिसंबर को ही विभिन्न धाराओं के तहत मामला भी दर्ज कर दिया था। 

उक्त प्रकरण में अधिकारिक पुष्टि एक हवलदार को सस्पेंड करने की गई है, जबकि तीन अन्य आरोपी पुलिस वालों पर भी कार्रवाई के लिए कांग्रेसी नेताओं सहित कई सामाजिक संगठन दबाव बनाने की रणनीति बना रहे हैं। हालांकि चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए चार पुलिस वालों को सस्पेंड करने की चर्चा भी रही। 

पुलिस की एफआईआर में वर्दी फाड़ने व वार करने के आरोप

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पु‌लिस - फोटो : file photo

पुलिस में दी शिकायत में एएसआई सतबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि रविवार को सुबह जन स्वास्थ्य विभाग के राजेंद्र नगर स्थित क्वार्टर में रहने वाले कुलदीप सिंह को अदालत द्वारा दिए गए जमानती वारंट देने गया। वहां कुलदीप नहीं मिला और घर पर उसके पिता सतीश कुमार मिले थे। 

जब उनसे कुलदीप के बारे में पूछा तो सतीश कुमार ने कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं। तभी गुस्से में आते हुए सतीश कुमार ने लकड़ी की एक छड़ी से उस पर हमला कर दिया। एएसआई ने बताया कि किसी तरह उसने अपना बचाव किया, लेकिन इसमें उसे चोटें आई। 

उसने तत्काल ही चौकी इंचार्ज को फोन किया और कुछ देर बाद चौकी इंचार्ज महिंद्र सिंह, चालक राजेश कुमार, पीसीआर इंचार्ज दीपक कुमार मौके पर पहुंचे। उनको देखकर सतीश व उसकी पत्नी, लड़की व एक अन्य लड़का घर से बाहर आ गए। 

उन्होंने आते ही पुलिस कर्मचारियों के साथ गाली गलोच शुरू कर दिया। सतीश के पुत्र एसी मैकेनिक प्रवीण ने चालक राजेश कुमार पर पेंचकस से हमला करने की कोशिश की। जोकि राजेश की उंगली पर लगा। सतीश की लड़की ने भी डंडे से पीसीआर इंचार्ज दीपक कुमार की बाजू पर वार किया व उसकी वर्दी फाड़ दी।                    

एक पुलिस कर्मी को किया गया है सस्पेंड : एसपी
इधर पीड़ित परिवार के बेटी रेनू ने इस मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक को ही है। पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र के अवकाश पर होने के कारण करनाल के एसपी पंकज नैन ने प्रारंभिक जांच में हेड कांस्टेबल दीपक कुमार को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने और विभागीय जांच के आदेश दिये हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूरे मामले की एक जांच डीएसपी सिटी नूपुर बिश्नोई करेंगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।       

पुलिस के खिलाफ आज लामबंद होंगे संगठन 

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पुलिस - फोटो : demo pic

बगैर महिला पुलिस के पहुंचे थे पुलिस कर्मी : सिंगला
जिला कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष विशाल सिंगला ने इस घटनाक्रम को पुलिस की अन्यायपूर्ण घटना करार दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस वालों की करतूत का जीता जागता प्रमाण वो वीडियो रिकार्डिंग है, जो चारों पुलिस वालों के बर्बरतापूर्ण व्यवहार को बेनकाब कर रही है। 

उन्होंने बताया कि पुलिस ने एक दिन सतीश नाम के जिस व्यक्ति पर हमला करने का आरोप लगाया था, वह सरकारी विभाग में नौकरी करता है और उसकी एक टांग में प्लेटें पड़ी होने के कारण वह बैसाखी के सहारे चलता है। सिंगला ने कहा कि जिन सतीश की पत्नी नीलम और बेटी रेनू और पुत्र प्रवीण सहित जिन चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, उनमें किसी के नाम के समन नहीं थे। 

यदि होते भी तो पुलिस जिस तरह से वीडियो में इन्हें खींचते और पीटते दिखती है, ऐसा करने का अधिकार किसी पुलिस कर्मी को भारत का कानून नहीं देता। यहां तक की बगैर महिला पुलिस कर्मी के सतीश मित्तल के घर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने महिलाओं के साथ हाथापाई और मारपीट तक की। सिंगला ने सभी आरोपी पुलिस वालों पर सख्त एक्शन लेने की मांग की। 

पुलिस के खिलाफ आज लामबंद होंगे संगठन 
दुकानदार यशपाल नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि जिस पुलिस कर्मी ने सतीश मित्तल के घर में आकर मारपीट की है, वह कुछ दिन पहले उसके साथ भी मारपीट कर चुका है। इसकी शिकायत उसने पुलिस के उच्चाधिकारियों को की हुई है। 

लोक स्वराज पार्टी के रघुबीर गर्ग, कांग्रेसी नेता एवं पूर्व पार्षद शमशेर कश्यप ने उचित कार्रवाई की मांग की है। इधर मंगलवार को इस घटनाक्रम के विरोध में स्टेशन स्थित एक धर्मशाला में कुछ संगठनों ने पुलिस की बर्बरता के खिलाफ बैठक बुलाई है। सोमवार को कांग्रेसी नेताओं के अलावा कई संगठनों के लोग आज उक्त पीड़ित परिवार की सुध लेने पहुंचे और पुलिस के रवैये पर घोर नाराजगी जाहिर की।

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