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Chandigarh News: सिप्पी सिद्धू हत्याकांड... ऑफिस में गहमा-गहमी के बीच सिप्पी से बहस कर रही थी कल्याणी

Fri, 06 Sep 2024 06:48 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 06 Sep 2024 06:48 AM IST
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Sippy Sidhu murder case... Kalyani was arguing with Sippy amid the hustle and bustle in the office.
चंडीगढ़। राष्ट्रीय निशानेबाज सिप्पी सिद्धू हत्याकांड में वीरवार को महिला पुलिस कांस्टेबल शर्मिला व सिप्पी के घर पर रहने वाले युवक जीवन सिंह उर्फ सन्नी सिंह की गवाही हुई। इन दोनों के बयान दर्ज किए गए और साथ ही आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने क्रास एग्जामिन भी किया।22 साल के जीवन सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2012 से 2018 तक मोहाली में दीपेंद्र कौर के घर पर काम कर रहा था। मैडम के दो बेटे थे। इनमें एक सुखमनप्रीत सिंह सिप्पी और दूसरा बेटा जसमनप्रीत सिंह था। सुखमनप्रीत उर्फ सिप्पी सिद्धू का ऑफिस मोहाली फेस-8बी में था। वह अकसर उनके आफिस में भी काम करने के लिए जाता रहता था। कल्याणी को वह बहुत अच्छे से जानता था। कल्याणी अकसर ऑफिस व घर दोनों जगह आती-जाती रहती थी। सिप्पी सितंबर 2015 में यूएसए से लौटे थे। 18 सितंबर 2015 को वह उसे अपने साथ ऑफिस में साफ-सफाई करने के लिए लेकर गए थे। करीब सवा 11 बजे कल्याणी भी उनके ऑॅफिस में पहुंच गई। सिप्पी ने उसे बाहर भेज दिया और वह कल्याणी के साथ अंदर बैठ गए। कुछ देर बाद ही इन दोनों में किसी बात को लेकर बहस हो रही थी लेकिन वह उनकी पूरी बातें नहीं सुन पाया। इतना जरूर है कि इन दोनों में काफी गहमा-गहमी हो रही थी। करीब एक घंटे बाद कल्याणी उसे अपनी सफेद रंग की ऑल्टो गाड़ी में बैठाकर सिप्पी के घर ले गई और उसे वहां छोड़ दिया। 20 सितंबर 2015 को सिप्पी अपनी माता के साथ सुबह के समय पहले किसी के भोग में गए और वहां से वापस आकर फिल्म देखने चले गए। शाम को करीब सवा 7 बजे सिप्पी घर लौटे और अपनी मां के कमरे में लेट गए।
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कुछ देर बाद सिप्पी ने अपनी माता से कहा कि कल्याणी ने उसे बुलाया है और वह उठकर चले गए। इसके पश्चात उसी रात को पता चला कि सिप्पी को किसी ने गोली मार दी थी। सीबीआई को दिए गए यही बयान युवक ने अदालत में दिए, जबकि महिला कांस्टेबल शर्मिला निवासी पिपली वाला टाउन मनीमाजरा ने बताया कि 20 सितंबर 2015 को वह ट्रैफिक और पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात थी। उस रात पुलिस कंट्रोल रूम में ड्यूटी पर थी। हेेल्पलाइन नंबर-100 पर कॉल अटेंड करने के लिए पांच अधिकारियों को नियुक्त किया गया था, जिनमें वह भी शामिल थी। 20 सितंबर की रात को करीब 9:56 बजे हेल्पलाइन पर मोबाइल नंबर 9878006611 से एक कॉल आई, जो चंडीगढ़ के सेक्टर 27-बी के निवासी ने की थी। उसने सूचित किया कि उसने बंदूक की गोली की आवाज सुनी है और मकान नंबर 1001, सेक्टर 27-बी के पास पार्क में एक शव पड़ा है। यह सूचना उसकी ओर से रिकॉर्ड की गई थी। यह कॉल पीसीआर की प्रणाली में भी रिकॉर्ड हुई थी। उसने यह सूचना पीसीआर के अपराध रजिस्टर में भी सीरियल नंबर 48299 पर रात को उसी समय दर्ज कर दी थी। उसने यह सूचना पीसीआर ईकोनेट ऑपरेटर को दी, जिसने पीसीआर वैन को ई-23 को घटनास्थल यानी मकान नंबर 1001, सेक्टर 27-बी पर जाने का निर्देश दिया। मौके पर पहुंचकर उपरोक्त जानकारी लॉग बुक में दर्ज की। कांस्टेबल के यह बयान कोर्ट के समक्ष दर्ज करवाए।
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