खुदाई में मिले चांदी के इतने सिक्के, आंखें फटी रह गईं
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1984 के सिख दंगों के बाद सुर्खियों में रहा रेवाड़ी जिले का एक गांव खुदाई में मिले खजाने के कारण फिर चर्चा में आ गया। हौद चिल्हड़ गांव में वीरान पड़ी एक हवेली के पास खुदाई के दौरान चांदी और सोने के सिक्के मिलने की सूचना पर लोग में मौके पर इकट्ठे हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने जमीन मालिक से चांदी के 77 सिक्के अपने कब्जे में लिए हैं।
84 दंगों के बाद बे चिराग हुए गांव में एक खंडहर हवेली को गुड़गांव के गांव नाथूपुर निवासी लेखराम ने कुछ माह पहले खरीदा था। कुछ दिन से हवेली को तोड़ने के लिए यहां काम चल रहा है। बुधवार को जेसीबी से खुदाई की जा रही थी। तभी अचानक जमीन से चांदी के सिक्के निकलने लगे। यह सिक्के पीतल के बर्तन में रखे थे।
सिक्के मिलने की जानकारी तुरंत जमीन के मालिक लेखराम को दी। जमीन मालिक ने सिक्के अपने कब्जे में ले लिए और चला गया। खजाना मिलने की खबर जैसे ही ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया। वहीं कुछ अन्य लोगों के भी सिक्के उठाने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने जेसीबी चालक को भी पूछताछ के लिए बुलाया है, जो खुदाई कर रहा था।
अंग्रेजी शासनकाल के हैं सिक्के
गांव हौद में जो सिक्के मिले हैं वह अंग्रेजी शासनकाल के हैं इन सिक्कों पर एक ओर जार्ज किंग की फोटो अंकित है और दूसरी ओर 1901 से लेकर 1920 सन् लिखा हुआ है। आज के सिक्कों की तुलना में इन चांदी के सिक्कों का आकार में भी बड़ा बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक यह सिक्के कत्लेआम का शिकार हुए परिवारों के हैं या फिर बटवारे के समय पाकिस्तान से यहां आने वाले परिवारों के हैं, यह जांच का विषय है। पुलिस के पास सिक्के और पीतल का बर्तन लेकर पहुंचे लेखराम ने बताया कि मौके पर चांदी के 77 सिक्के मिले हैं। पुलिस ने लेखराम और जेसीबी चालक से पूछताछ के बाद इन सिक्कों को अपने कब्जे में ले लिया है। ग्रामीणों के मुताबिक यदि इस पुरानी हवेली की सही ढंग से खुदाई कराई जाए तो अन्य दबा हुआ धन भी यहां मिल सकता है।
77 चांदी के सिक्कों और पीतल के बर्तन
गांव हौद में खुदाई के दौरान चांदी के सिक्के मिलने की सूचना के बाद मौके पर पहुंच जांच की। वहां से मिले 77 चांदी के सिक्कों और पीतल के बर्तन को कब्जे में लिया है। यह सब पुरातत्व विभाग को जांच के लिए सौंप दिया जाएगा। इसकी जांच की जाएगी कि सिक्के 77 ही थे या फिर अधिक थे। - दिलीप सिंह, एसएचओ, थाना रोहड़ाई
यह जमीन सिख दंगों के बाद 1984-85 में खरीदी गई थी। इसे बाद में गुड़गांव निवासी लेखराम ने खरीदा था। बुधवार को जमीन में कुछ सिक्के मिलने की सूचना गांव में फैली। सिक्के काफी पुराने बताए जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि सिख दंगों के दौरान इन सिक्कों को जमीन में दबा दिया गया होगा। जो अब खुदाई के दौरान मिले हैं। - रेखा कौशिक, सरपंच, चिल्हड़