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गांव में लगा ‘तंबाकू मुक्त’ का बोर्ड, धड़ल्ले से बिकती है जहरीली शराब, 10 की जा चुकी जान
Sun, 09 Aug 2020 01:10 PM IST
ajay kumar
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 09 Aug 2020 01:10 PM IST
सार
- इसी गांव से आसपास के पांच गांवों के लोग शराब पीकर जाते हैं
- गुरुवार होने के कारण कई लोगों ने नहीं पी थी शराब, वरना दोगुना होता मौत का आंकड़ा
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गांव में लगा बोर्ड।
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विस्तार
जहरीली शराब का सेवन कर जिस गांव पंडोरी गोला में दस लोगों की मौत हो गई, वह तंबाकू मुक्त है। गांव की दीवार पर लगे एक सूचना बोर्ड पर लिखा है ‘आप तंबाकू मुक्त गांव में प्रवेश कर रहे हैं। गांव की सीमा के भीतर किसी भी तरह का तंबाकूयुक्त पदार्थ बेचना व सेवन करना वर्जित है।’
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ग्राम पंचायत द्वारा दिए गए इस संकेत के बावजूद गांव में न केवल अवैध शराब का धंधा कई वर्षों से चल रहा था, बल्कि नशे की गोलियों व अन्य नशीले पदार्थ भी धड़ल्ले से बिकते हैं। जिस गांव में तंबाकू सेवन की पाबंदी है, वहां जहरीली शराब का धंधा किसके इशारे पर चल रहा था। इन सवालों पर ग्राम पंचायत खामोश है।
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वहीं गांव में जहरीली शराब से मरने वालों का आंकड़ा दोगुना हो सकता था। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार का दिन होने के कारण पंडोरी गोला व आसपास के पांच-छह गांवों के लोगों ने शराब नहीं पी। आसपास के इन गांवों के लोग भी पंडोरी गोला से शराब पीकर जाते हैं। गुरुवार का दिन न होता हो शराब पीने वालों की संख्या कई गुना अधिक होती और मृतकों की संख्या भी।
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गांव में अवैध शराब, चिट्टा, शराब के साथ-साथ मधुमक्खी को देने वाली गोलियां भी मिल जाती हैं। एक युवक के अनुसार गुरुवार न होता तो वह भी इस हादसे का शिकार हो गया होता। उन लोगों को भी रब ने बचा लिया जो इसी गांव से शराब पीकर जाते थे। उसने कहा कि दीवार पर टंगे तंबाकू मुक्त गांव के बोर्ड को उतार देना चाहिए।
नौजवान शमशेर सिंह के अनुसार गांव में शराब पीने वालों का मेला लगा रहता है। इस हादसे के बाद भी अवैध शराब का धंधा चल रहा है। शराब का ग्लास आज भी 30 रुपये में उपलब्ध है। गांव की दीवारों पर नशा मुक्ति के बोर्ड तो लगे लेकिन इसकी सच्चाई जानने के लिए कभी कोई अधिकारी गांव नहीं आया।